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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   PM Modi's rally in Kushinagar

नहीं खिला बंद चीनी मिल के खुलने से खिलने वाला उम्मीद का कमल

Mon, 28 Nov 2016 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 28 Nov 2016 12:56 AM IST
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PM Modi's rally in Kushinagar
पीएम मोदी की रैली में उमड़ा जनसमूह। - फोटो : Amar Ujala
भाजपा की सत्ता परिवर्तन यात्रा के क्रम में रविवार को आयोजित सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में मुख्य रूप से किसान थे। नोटबंदी के बाद से धननिकासी के लिए रोज एटीएम पर लग रही लंबी कतार का हिस्सा बने बिना दूर-दराज के गांवों के तमाम किसान सभा में पहुंचे भी लेकिन पीएम के मुंह से गांव और किसान की खूब बातें सुनने के बाद भी स्थानीय ग्रामीण वो नहीं सुन सके, जिसकी उम्मीदें लेकर वो कसया हवाई पट्टी स्थित कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे थे और इलाके के विकास के लिए गोरखपुर और कुशीनगर के सांसद ने पीएम का ध्यान उस ओर दिलाया भी था।
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दरअसल गन्ना बेल्ट और चीनी के कटोरे जैसे खिताबों से नवाजे जाते रहे कुशीनगर में आजकल सबसे ज्यादा दुर्गत गन्ना और गन्ना उत्पादकों की है। कुशीनगर ही नहीं पूर्वांचल के बड़े किसान लंबे समय से मेहनत के बाद भी गन्ने की मिठास हासिल नहीं कर पा रहे हैं। पूर्वांचल की 31 में से 21 चीनी मिलें बंद हैं। जो 10 चीनी मिलें चल भी रही हैं उन पर गन्ने के बकाए की देरी ने किसानों को बड़ा दर्द दे गई।
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अपनी उपज को बेहतर मुकाम और कैश क्रॉप कहे जाने वाले गन्ने से घर में खुशहाली की हरियाली का सपना पाले पूर्वांचल के किसानों को उम्मीद थी कि पीएम बंद मिलों के संचालन का संचालन का एलान कर सकते हैं। सांसद आदित्यनाथ और राजेश पांडेय ने इस ओर ध्यान भी दिलाया। पीएम ने किसानों के हित और चीनी मिल संचालकों की मनमानी की बात तो कही लेकिन कुशीनगर मिल या अन्य मिलों के बेहतर भविष्य का कोई भरोसा नहीं दिया।
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किसानों के साथ-साथ रोजगार और बाजार को आयाम देने वाली मिलों के प्रति खामोशी जहां तमाम लोगों को निराश कर गई, वहीं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा की मौजूदगी से लोगों में कुशीनगर को रेल लाइन से जोड़ने बुद्ध की धरती पर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक स्थली के तौर पर विकास की गतिविधि बढ़ाने संबंधी घोषणाओं की उम्मीदें भी अधूरी रह गईं।

विपक्ष को मिला मौका

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में केंद्र सरकार की तरफ से जिले के लिए किसी बड़ी परियोजना की घोषणा न होने पर गैर भाजपाई दल के नेता मुखर हो गए हैं।
तात्कालिक प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि पीएम के स्तर से क्षेत्रीय विकास का कोई एलान न होना निराशाजनक है। तुलनात्मक लहजे में कहा कि हाटा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यक्रम के बीच कप्तानगंज व खड्डा तहसील की घोषणा के साथ ही हाटा क्षेत्र के पट्टन में 140 करोड़ की लागत से विद्युत उपकेंद्र और करीब 500 करोड़ की लागत से सड़कों के निर्माण का एलान किया था। उनकी मांग पर हाटा को नगर पालिका का दर्जा भी दिया। पीएम की सभा से बंद पड़ी पडरौना व कठकुइयां चीनी मिल के चालू होने की उम्मीद थी, लेकिन उसे तरजीह नहीं दी गई।
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