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दिखी झलक पर मुलाकात की तड़प बाकी

Sun, 26 Mar 2017 01:24 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sun, 26 Mar 2017 01:24 AM IST
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People returned being disappointed when they failed to meet to CM
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जुटी उनके समर्थकों की भीड़। - फोटो : Amar Ujala
गोरखनाथ मंदिर में अपने नेता के सीएम बनकर लौटने का साक्षी बनने के लिए शनिवार शाम को मानो जन सैलाब उमड़ पड़ा था। कहीं बड़े-बड़े स्पीकर पर ‘जय श्रीराम’ तो कहीं ‘श्रीयोगी-योगी-योगी’ की धुन पर उत्साही युवा नाच कर इस मौके को यादगार बनाने की कोशिश में थे। सड़कों और छतों पर महिलाएं व बच्चियां हाथों में फूलों की थाली लिए इंतजार कर रही थीं। हर नजर सड़क के उस छोर पर थी, जिधर से सीएम का काफिला आना था। मेले से माहौल में सीएम के इस्तकबाल की तैयारी में डूबे लोगों को उनकी झलक तो मिली लेकिन मुलाकात की तड़प बाकी रह गई।
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मुख्यमंत्री बनने के बाद आदित्यनाथ योगी पहली बार शहर आए तो शहरियों ने उनके भव्य स्वागत में कोई कोरकसर न छोड़ी। गोरखनाथ पुल से मंदिर जाने वाली सड़क पर कदम-दर-कदम उनके स्वागत की तैयारी थी। हालांकि, सीएम का काफिला सीधे मंदिर पहुंचा। गाड़ी नहीं रुकी तो लोगों ने काफिले पर ही पुष्पवर्षा करके जनसेवक से जननायक बन चुके महंत आदित्यनाथ योगी का इस्तकबाल किया। मंदिर पर उनकी अगवानी को तो जैसे जन सैलाब उमड़ उठा था। महिलाएं, बच्चे, बड़े-बूढ़े भीड़ में हर आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी थी। कोई हाथों में मालाएं लिए सीएम के इंतजार में था तो कोई नाचकर हर पल को यादगार करने की होड़ में दिखा।
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सीएम जैसे ही मंदिर पहुंचे हर शख्स उन्हें करीब से देखने को आतुर दिखा। हालांकि, कड़ी सुरक्षा के चलते लोगों को सीएम की एक झलक से ही संतोष करना पड़ा। गुरुओं के आगे शीष नवाने के बाद सीएम बैठक कक्ष में चले गए, लेकिन भीड़ घंटों परिसर में खड़े होकर उनके बाहर आने का इंतजार करती रही। जब लोगों को अहसास हुआ कि अब मुख्यमंत्री बने महंत के दर्शन नहीं हो सकेंगे तब धीरे-धीरे भीड़ छंटनी शुरू हुई। उधर, देर रात तक बैठक में कतारबद्ध संन्यासियों एवं अन्य गण्यमान्यों से सीएम बारी-बारी मिलते रहे।
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दोपहर से करते रहे इंतजार
मंदिर में मौजूद भीड़ में तमाम चेहरे ऐसे थे, जो दोपहर से ही सीएम के आने का इंतजार कर रहे थे। चंद्रकांति रमावती महिला महाविद्यालय में पढ़ने वाली सोनिया मिश्रा घर पर दो साल की बेटी को छोड़कर सीएम से मिलने आई थीं। हालांकि, कड़ी सुरक्षा के चलते वह सीएम से नहीं मिल पाई तो वहां मौजूद लोगों से अपनी फरियाद सीएम तक पहुंचाने की गुहार करने लगीं। पति की शराब की लत से परेशान सोनिया ने सीएम से उम्मीद लगा रखी है कि वो सूबे में शराब बैन कराएंगे। इसी आस में वह प्रार्थना पत्र लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंची थीं। देर रात तक कोशिश के बाद कामयाबी न मिली तो अगले दिन फिर आने की बात कहते हुए वह डबडबाई आंखों के साथ घर लौट गईं। नीलम शुक्ला भी बढ़ती महंगाई में पति को मिलने वाले मनरेगा के मानदेय को नाकाफी बताते हुए सीएम से गुहार करने आई थीं मगर उन्हें भी बिना मिले वापस लौटना पड़ा।
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