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किराया न बढ़ाना बेहतर, सुविधाएं बढ़ाने वाला बजट

Thu, 25 Feb 2016 09:01 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 25 Feb 2016 09:01 PM IST
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people pledged to rail budget
रेल बजट को संतुलित बताते हुए हर वर्ग के लोगों ने उसका स्वागत किया है। किराया न बढ़ाने से जहां आम नागरिक खुश हैं वहीं माल भाड़ा में इजाफा न होने से व्यापारी वर्ग भी गदगद है। सबका मानना है कि इस बजट से किसी पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और बेहतर सुविधाएं हासिल होंगी।
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संतुलित है रेल बजट
रेल बजट बहुत संतुलित है। किराया न बढ़ाकर जहां रेलमंत्री ने यात्रियों को राहत पहुंचाई है वहीं यात्रियों को बीमा, जनरल कोच में मोबाइल चार्जर की सुविधा अच्छी पहल है। सहजनवां-दोहरीघाट के बीच नई रेल लाइन से दक्षिणांचल के लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए गोरखपुर स्टेशन नहीं आना पड़ेगा।
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- रत्नेश पांडेय, बुद्ध विहार पार्ट सी

किराया न बढ़ाना बेहतर कदम
किराया और माल ढुलाई न बढ़ाकर रेलमंत्री ने महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने नहीं दिया है। बजट में अधिक से अधिक रेल सेवा बढ़ाने और सुविधाओं पर जोर दिया गया है। भविष्य में इसका अच्छा परिणाम देखने को मिलेगा।
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- सुरेश तिवारी, बुद्ध विहार कालोनी

बजट में मोदी का विजन झलका
रेल बजट में मोदी विजन साफ नजर आ रहा है। सातवें वेतन आयोग का दबाव होते हुए भी किराया वृद्धि न होना इस रेल बजट का प्रमुख स्तंभ है। बजट में आम आदमी, महिलाओं की सुविधाओं, सुरक्षा व स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- आलोक चौरसिया, दवा व्यापारी

सम्मान मिलेगा तो अच्छा लगेगा

कुली की जगह सहायक कहकर बुलाया जाएगा तो थोड़ा अच्छा लगेगा। सम्मान की अनुभूति होगी, लेकिन रेल बजट में कुलियों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जबकि हम लोग भी रेलवे से ही जुड़े हैं। हमारी सुख-सुविधा का ख्याल रखना चाहिए था।

- संतराम, कुली

एक्सपर्ट कमेंट

यात्रियों और रेलवे दोनों के लिए अच्छा है बजट
रेल बजट यात्रियों के साथ ही रेलवे के लिए भी बेहतर है। रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की सहभागिता से प्रोजेक्ट लटकेंगे नहीं और लागत भी नहीं बढ़ेगी। भू अधिग्रहण का कार्य राज्य सरकार के जिम्मे होता है। 2020 तक सबको कन्फर्म टिकट देने की योजना बेहतर कदम है। वहीं डबल डेकर ट्रेन के चलने से 40 फीसदी सीटें बढ़ेंगी। मेमू और डेमू ट्रेन चलाने से पैसेंजर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। छोटी दूरी में यात्रियों की संख्या बढ़ेगी तो रेलवे को भी फायदा होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 8.50 लाख करोड़ खर्च करने की बात बजट में कही गई है। अगर ऐसा होता है तो निश्चित तौर पर ट्रेनों के संचालन में आसानी होगी। नई लाइनें बिछेंगी, दोहरीकरण व तीसरी लाइन बिछेगी, ओवरब्रिज बनेंगे और स्टेशनों की दशा सुधरेगी। मेरा मानना है कि यह बजट संतुलित है।
- रणविजय सिंह, सेवानिवृत्त मुख्य परिचालन प्रबंधक एनईआर
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