{"_id":"587fcca94f1c1bf069efe838","slug":"one-nomination-cancelled-in-mlc-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"निर्दल हुए डॉ. राजेश, एक का पर्चा खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निर्दल हुए डॉ. राजेश, एक का पर्चा खारिज
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 19 Jan 2017 01:44 AM IST
विज्ञापन
चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन की नामांकन प्रक्रिया खत्म होने के बाद बुधवार को पर्चों की जांच प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। मंगलवार को नामांकन के तय समय के भीतर समाजवादी पार्टी की तरफ से घोषित उम्मीदवारी वाला फार्म नहीं जमा कर पाने की वजह से डॉ. राजेश अब निर्दल प्रत्याशी हो गए हैं। स्नातक चुनाव में सिंबल पर तो चुनाव नहीं होता मगर राजनीतिक पार्टियां उम्मीदवारों को अपना समर्थन देती हैं। वहीं पर्चों की जांच में अजीत कुमार का नामांकन खारिज हो गया है। उन्होंने अंतिम दिन मंगलवार को पर्चा दाखिल किया था।
इसी तरह एक और उम्मीदवार डॉ. अवधेश यादव का एक पर्चा खारिज हो गया। उन्होंने दो सेट में नामांकन किया था और एक सेट में जांच में सही मिलने से उनकी उम्मीदवारी बची हुई है। एक सेट के पर्चे में गड़बड़ी का अंदेशा अवधेश को पहले ही हो गया था। यही वजह है कि उन्होंने नामांकन के अंतिम दिन दोबारा पर्चा दाखिल कर दिया।
उधर, डॉ. राजेश के निर्दल होने के बाद भी समाजवादी पार्टी उन्हें ही अपना उम्मीदवार बता रही हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष रजनीश यादव का कहना है कि डॉ. राजेश ही सपा के उम्मीदवार हैं। मंगलवार तक समय से पार्टी की उम्मीदवारी वाला फार्म गोरखपुर नहीं पहुंच पाने से नामांकन में उसे दाखिल नहीं किया जा सका। एक पर्चा खारिज हो जाने की वजह से अब इस चुनाव में 17 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। 20 जनवरी तक नाम वापसी का मौका है। यानी दो दिन बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चुनाव में कितने प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। बता दें कि 2010 में हुए पिछले स्नातक निर्वाचन में 23 प्रत्याशियों ने दावेदारी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसी तरह एक और उम्मीदवार डॉ. अवधेश यादव का एक पर्चा खारिज हो गया। उन्होंने दो सेट में नामांकन किया था और एक सेट में जांच में सही मिलने से उनकी उम्मीदवारी बची हुई है। एक सेट के पर्चे में गड़बड़ी का अंदेशा अवधेश को पहले ही हो गया था। यही वजह है कि उन्होंने नामांकन के अंतिम दिन दोबारा पर्चा दाखिल कर दिया।
विज्ञापन
उधर, डॉ. राजेश के निर्दल होने के बाद भी समाजवादी पार्टी उन्हें ही अपना उम्मीदवार बता रही हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष रजनीश यादव का कहना है कि डॉ. राजेश ही सपा के उम्मीदवार हैं। मंगलवार तक समय से पार्टी की उम्मीदवारी वाला फार्म गोरखपुर नहीं पहुंच पाने से नामांकन में उसे दाखिल नहीं किया जा सका। एक पर्चा खारिज हो जाने की वजह से अब इस चुनाव में 17 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। 20 जनवरी तक नाम वापसी का मौका है। यानी दो दिन बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चुनाव में कितने प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। बता दें कि 2010 में हुए पिछले स्नातक निर्वाचन में 23 प्रत्याशियों ने दावेदारी की थी।
विज्ञापन