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जिला अस्पताल पर बढ़ा मरीजों का भरोसा
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Aug 2016 02:15 AM IST
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जिला अस्पताल
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सरकारी अस्पताल का नाम आते ही लोगों के मन में लापरवाही की छवि ही बनती है लेकिन जिला अस्पताल के रिकॉर्ड पर नजर दौड़ाएं तो लोगों का भरोसा बढ़ता दिख रहा है। बीते तीन सालों से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ओपीडी हो या इनडोर मरीजों की संख्या दोनों में औसतन 25 फीसदी का इजाफा हुआ है। मरीजों की संख्या बढ़ने पर जहां सरकार ने पीठ थपथपाई है वहीं एसआईसी ने डॉक्टरों और कर्मचारियों को इसका श्रेय दिया है।
चार साल पहले जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या जो आंकड़ा भेजा गया था उस पर तत्कालीन प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की थी। वजह साफ थी कि एक के बाद एक सुविधा बढ़ाए जाने के बावजूद मरीजों की संख्या में दस फीसदी की गिरावट हुई थी। अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए मरीजों का फिडबैक लेना शुरू किया गया और इसका असर भी हुआ। एसआईसी डॉ. एचआर यादव ने छोटे-छोटे कई ऐसे फैसले लिए हैं जिससे मरीजों का भरोसा बढ़ा है। इसकी गवाही खुद आंकड़े दे रहे हैं।
बीते साल जनवरी से जुलाई तक अस्पताल में 3 लाख 21 हजार 687 मरीज आए थे। इसमें से सिर्फ जुलाई में देखें तो 48 हजार 546 ओपीडी में आए और 1145 मरीज भर्ती किए गए थे। इस साल आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 58 हजार 539 पहुंच गया। जुलाई में ओपीडी में 60 हजार 569 मरीज और 1581 मरीज भर्ती किए गए। एसआईसी ने मरीजों की संख्या में औसतन 25 फीसदी इजाफा होने पर डॉक्टरों और कर्मचारियों के कार्य की सराहना की है। साथ ही उन्होंने मरीजों से बेहतर व्यवहार बनाए रखने की अपील भी की है।
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0 पर्ची काउंटर बढ़ा दिए गए
0 मरीजों को शिकायत करने और सुझाव देने को काउंटर खुला
0 इमरजेंसी से सीधे जांच केंद्र जाने का रास्ता खोल दिया गया
0 नर्सिंग स्टेशन बनाए गए
0 ओपीडी में आए मरीजों को बैठने की सुविधा मिली
0 जगह जगह वाटर कूलर लगाए गए
0 बंद शौचालयों के ताले खोले गए
‘मरीजों की संख्या में 25 फीसदी संख्या बढ़ी है। डॉक्टर और कर्मचारियों के बेहतर काम करने की वजह से मरीजों का भरोसा बढ़ा है। मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिए कई काम प्रस्तावित है जो जल्द पूरे कर लिए जाएंगे’
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी
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चार साल पहले जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या जो आंकड़ा भेजा गया था उस पर तत्कालीन प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर की थी। वजह साफ थी कि एक के बाद एक सुविधा बढ़ाए जाने के बावजूद मरीजों की संख्या में दस फीसदी की गिरावट हुई थी। अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए मरीजों का फिडबैक लेना शुरू किया गया और इसका असर भी हुआ। एसआईसी डॉ. एचआर यादव ने छोटे-छोटे कई ऐसे फैसले लिए हैं जिससे मरीजों का भरोसा बढ़ा है। इसकी गवाही खुद आंकड़े दे रहे हैं।
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बीते साल जनवरी से जुलाई तक अस्पताल में 3 लाख 21 हजार 687 मरीज आए थे। इसमें से सिर्फ जुलाई में देखें तो 48 हजार 546 ओपीडी में आए और 1145 मरीज भर्ती किए गए थे। इस साल आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 58 हजार 539 पहुंच गया। जुलाई में ओपीडी में 60 हजार 569 मरीज और 1581 मरीज भर्ती किए गए। एसआईसी ने मरीजों की संख्या में औसतन 25 फीसदी इजाफा होने पर डॉक्टरों और कर्मचारियों के कार्य की सराहना की है। साथ ही उन्होंने मरीजों से बेहतर व्यवहार बनाए रखने की अपील भी की है।
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यह लिए गए छोटे छोटे फैसले
0 महिला सर्जिकल वार्ड को निचले तल पर लाया गया0 पर्ची काउंटर बढ़ा दिए गए
0 मरीजों को शिकायत करने और सुझाव देने को काउंटर खुला
0 इमरजेंसी से सीधे जांच केंद्र जाने का रास्ता खोल दिया गया
0 नर्सिंग स्टेशन बनाए गए
0 ओपीडी में आए मरीजों को बैठने की सुविधा मिली
0 जगह जगह वाटर कूलर लगाए गए
0 बंद शौचालयों के ताले खोले गए
‘मरीजों की संख्या में 25 फीसदी संख्या बढ़ी है। डॉक्टर और कर्मचारियों के बेहतर काम करने की वजह से मरीजों का भरोसा बढ़ा है। मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके इसके लिए कई काम प्रस्तावित है जो जल्द पूरे कर लिए जाएंगे’
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी