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पूर्वोत्तर रेलवे को क्षतिपूर्ति का आदेश
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 08:10 PM IST
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गोरखपुर। जिला उपभोक्ता फोरम ने ट्रेन में बदइंतजामी और उससे यात्री को होने वाली दिक्कत की शिकायत पर रेलवे के खिलाफ फैसला सुनाते हुए जुर्माना लगाया है। मोहददीपुर क्षेत्र के कसया रोड निवासी वादी हरिश्चंद्र राय और शिवालानगर उत्तरी निवासी विवेक कुमार राय ने फोरम में परिवाद दायर किया था।
फोरम ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, पश्चिमी रेलवे मुंबई के महाप्रबंधक और आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक को आदेश दिया है के वे वादी को बतौर क्षतिपूर्ति तीस हजार रुपये एक माह के अंदर भुगतान करें अन्यथा दस प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। फोरम में वादीगण की ओर से बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव एडवोकेट का कथन था कि वादीगण ने तीन अगस्त 2009 को स्लीपर कोच से गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनल तक की यात्रा की।
एस 10 नंबर बोगी में पानी नहीं था जिससे उन्हें काफी दिक्कत हुई। कहने-सुनने के बाद गोंडा में पानी भरा गया। बोगी में गंदगी का अंबार था। भोजन भी खराब दिया गया। कोटा स्टेशन पर टीटीई और आरपीएफ की मदद से किन्नरों का दल बोगी में घुसकर यात्रियों से जबरन धन उगाही करने लगा।
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शिकायत करने के लिए परिवाद पुस्तिका भी नहीं दी गई। कहने पर कोई सुनवाई नहीं हुई, अलबत्ता रेलवे ने शिकायतों का विरोध किया। फोरम के अध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र और सदस्यगण राकेश कुमार सिंह और संगीता राय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाया।
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फोरम ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, पश्चिमी रेलवे मुंबई के महाप्रबंधक और आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक को आदेश दिया है के वे वादी को बतौर क्षतिपूर्ति तीस हजार रुपये एक माह के अंदर भुगतान करें अन्यथा दस प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। फोरम में वादीगण की ओर से बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव एडवोकेट का कथन था कि वादीगण ने तीन अगस्त 2009 को स्लीपर कोच से गोरखपुर से बांद्रा टर्मिनल तक की यात्रा की।
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एस 10 नंबर बोगी में पानी नहीं था जिससे उन्हें काफी दिक्कत हुई। कहने-सुनने के बाद गोंडा में पानी भरा गया। बोगी में गंदगी का अंबार था। भोजन भी खराब दिया गया। कोटा स्टेशन पर टीटीई और आरपीएफ की मदद से किन्नरों का दल बोगी में घुसकर यात्रियों से जबरन धन उगाही करने लगा।
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शिकायत करने के लिए परिवाद पुस्तिका भी नहीं दी गई। कहने पर कोई सुनवाई नहीं हुई, अलबत्ता रेलवे ने शिकायतों का विरोध किया। फोरम के अध्यक्ष विजय प्रकाश मिश्र और सदस्यगण राकेश कुमार सिंह और संगीता राय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्णय सुनाया।