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नामांकन का खाता खुला, छह पर्चे लिए गए
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:06 AM IST
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वित्तविहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी अजय सिंह (दाएं से पहले माला पहने हुए) नामाकंन करने जाते हुए।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक निर्वाचन के लिए चल रहे नामांकन के तीसरे दिन गुरुवार को एक प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल किया। आजमगढ़ के सगड़ी तहसील के करखिया रुस्तम सराय के अजय सिंह एडवोकेट ने नामांकन किया। अपने समर्थकों के साथ अजय दोपहर करीब दो बजे निपाल लॉज से निकलकर जुलूस की शक्ल में कमिश्नर कोर्ट में बने नामांकन स्थल तक पहुंचे। सुरक्षा बल ने समर्थकों को नामांकन स्थल के बाहर ही रोक दिया। सिर्फ प्रस्तावकों के साथ अजय भीतर गए।
इस दिन छह लोगों ने पर्चा भी लिया। इनमें डॉ. संजयन त्रिपाठी की तरफ से अरुण कुमार पांडेय, सुब्रत त्रिपाठी, लाल जी ओझा, अनिल, चंद्रभूषण मिश्रा, शीलवर्धन प्रजापति, अवधेश कुमार के नाम शामिल हैं। शुक्रवार को डॉ. एससी कौशिक के पर्चा दाखिल करने की सूचना है। मकर संक्रांति पर अवकाश की वजह से शनिवार और रविवार को नामांकन नहीं होगा। सोमवार को करीब आधा दर्जन प्रत्याशियों के नामांकन की उम्मीद है तो वहीं अंतिम दिन मंगलवार को निवर्तमान एमएलसी देवेंद्र सिंह और पिछले चुनाव में दूसरे पायदान पर रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी पर्चा दाखिल करेंगे।
उधर, निपाल लॉज में हुई सभा में मुख्य अतिथि के तौर पर शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी व विशिष्ट अतिथि के रूप में उप्र बार एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल प्रताप सिंह एडवोकेट मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने की। इस मौके पर उमेश द्विवेदी ने कहा कि अजय माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी हैं और उन्होंने शिक्षकों, स्नातकों के हित के लिए हमेशा संघर्ष किया है। अजय सिंह ने कहा कि वे जीते तो शिक्षकों, स्नातकों की समस्याओं के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।
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करोड़पति हैं अजय, 40 लाख का कर्ज भी
लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 2001 में बैचलर ऑफ लॉ (विधि आनर्स) की डिग्री लेने वाले अजय सिंह करोड़पति हैं। उनके और उनकी पत्नी के पास एक करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। उनके पास 76.53 लाख तो उनकी पत्नी के पास 23.86 लाख रुपये की संपत्ति है। उनके आश्रित के नाम भी 3.80 लाख रुपये की संपत्ति है। अजय पर विभिन्न बैंकों आदि के करीब 37.26 लाख रुपये कर्ज भी हैं। उनकी पत्नी भी करीब तीन लाख की कर्जदार हैं।
अगले सप्ताह होगा कर्मचारियों का प्रशिक्षण
स्नातक निर्वाचन के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले के 58 बूथों के लिए करीब तीन सौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अगले सप्ताह इन्हें प्रशिक्षण दिए जाने की उम्मीद है। पहले स्नातक क्षेत्र के तहत आने वाले सभी 17 जिलों के मास्टर ट्रेनरों को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ये ट्रेनर अपने-अपने जिलों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।
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इस दिन छह लोगों ने पर्चा भी लिया। इनमें डॉ. संजयन त्रिपाठी की तरफ से अरुण कुमार पांडेय, सुब्रत त्रिपाठी, लाल जी ओझा, अनिल, चंद्रभूषण मिश्रा, शीलवर्धन प्रजापति, अवधेश कुमार के नाम शामिल हैं। शुक्रवार को डॉ. एससी कौशिक के पर्चा दाखिल करने की सूचना है। मकर संक्रांति पर अवकाश की वजह से शनिवार और रविवार को नामांकन नहीं होगा। सोमवार को करीब आधा दर्जन प्रत्याशियों के नामांकन की उम्मीद है तो वहीं अंतिम दिन मंगलवार को निवर्तमान एमएलसी देवेंद्र सिंह और पिछले चुनाव में दूसरे पायदान पर रहे डॉ. संजयन त्रिपाठी पर्चा दाखिल करेंगे।
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उधर, निपाल लॉज में हुई सभा में मुख्य अतिथि के तौर पर शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी व विशिष्ट अतिथि के रूप में उप्र बार एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल प्रताप सिंह एडवोकेट मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हर्षवर्धन सिंह ने की। इस मौके पर उमेश द्विवेदी ने कहा कि अजय माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रत्याशी हैं और उन्होंने शिक्षकों, स्नातकों के हित के लिए हमेशा संघर्ष किया है। अजय सिंह ने कहा कि वे जीते तो शिक्षकों, स्नातकों की समस्याओं के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।
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करोड़पति हैं अजय, 40 लाख का कर्ज भी
लखनऊ विश्वविद्यालय से वर्ष 2001 में बैचलर ऑफ लॉ (विधि आनर्स) की डिग्री लेने वाले अजय सिंह करोड़पति हैं। उनके और उनकी पत्नी के पास एक करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति है। उनके पास 76.53 लाख तो उनकी पत्नी के पास 23.86 लाख रुपये की संपत्ति है। उनके आश्रित के नाम भी 3.80 लाख रुपये की संपत्ति है। अजय पर विभिन्न बैंकों आदि के करीब 37.26 लाख रुपये कर्ज भी हैं। उनकी पत्नी भी करीब तीन लाख की कर्जदार हैं।
अगले सप्ताह होगा कर्मचारियों का प्रशिक्षण
स्नातक निर्वाचन के लिए कर्मचारियों के प्रशिक्षण की भी तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले के 58 बूथों के लिए करीब तीन सौ कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अगले सप्ताह इन्हें प्रशिक्षण दिए जाने की उम्मीद है। पहले स्नातक क्षेत्र के तहत आने वाले सभी 17 जिलों के मास्टर ट्रेनरों को यहां ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद ये ट्रेनर अपने-अपने जिलों के कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।