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फूलन देवी की पुण्यतिथि पर निषाद दिखाएंगे ताकत
योगेश्वर, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:54 AM IST
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फूलनदेवी
- फोटो : file photo
फूलन देवी की पुण्यतिथि पर पूर्वांचल में निषाद अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर निषादों का यह कार्यक्रम कई मायने में खास है। गोरखपुर और संतकबीरनगर लोकसभा में चार विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता निर्णायक भूमिका में है। खजनी, गोरखपुर ग्रामीण, पिपराइच और चौरीचौरा ऐसी विधानसभा सीटें है, जहां निषाद मतदाताओं का वोट प्रतिशत तकरीबन 30 प्रतिशत के आसपास है।
गोरखपुर में पहली बार एक मंच पर निषाद संगठित होकर कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। निषाद विकास संघ, राष्ट्रीय निषाद संघ और राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद संयुक्त रूप से फूलन देवी की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में चुनावी बिगुल फूंकेंगे। कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी गांवों से निषादों को आमंत्रित किया गया है, जिससे प्रदेश के बड़े राजनीतिक दलों के सामने शक्ति प्रदर्शन किया जा सके।
हालांकि राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद और पीस पार्टी के बीच गठबंधन भी हो गया है। ऐसे में निषाद और मुस्लिम मतदाता इन चार विधानसभा सीटों के साथ प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं। गोरखपुर और संतकबीरनगर में अधिकांश विधानसभा सीटों पर दोनों वर्गों के मतदाताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास कितना सफल होता है यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश से तकरीबन एक लाख लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है। 2017 विधानसभा में निषाद इस बार अपनी ताकत का एहसास बड़े-बड़े राजनीतिक दलों को कराएंगे।
- डॉ. संजय निषाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद
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गोरखपुर में पहली बार एक मंच पर निषाद संगठित होकर कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं। निषाद विकास संघ, राष्ट्रीय निषाद संघ और राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद संयुक्त रूप से फूलन देवी की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में चुनावी बिगुल फूंकेंगे। कार्यक्रम में पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी गांवों से निषादों को आमंत्रित किया गया है, जिससे प्रदेश के बड़े राजनीतिक दलों के सामने शक्ति प्रदर्शन किया जा सके।
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हालांकि राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद और पीस पार्टी के बीच गठबंधन भी हो गया है। ऐसे में निषाद और मुस्लिम मतदाता इन चार विधानसभा सीटों के साथ प्रदेश की अन्य विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका अदा कर सकते हैं। गोरखपुर और संतकबीरनगर में अधिकांश विधानसभा सीटों पर दोनों वर्गों के मतदाताओं को एक मंच पर लाने का प्रयास कितना सफल होता है यह आने वाला वक्त ही बताएगा।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश से तकरीबन एक लाख लोगों के कार्यक्रम में पहुंचने की उम्मीद है। 2017 विधानसभा में निषाद इस बार अपनी ताकत का एहसास बड़े-बड़े राजनीतिक दलों को कराएंगे।
- डॉ. संजय निषाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद