{"_id":"57bc60eb4f1c1b2926d4f9cd","slug":"nhai-will-make-sehjanwa-jungle-kaudia-bypass","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब एनएचएआई बनाएगा सहजनवां-जंगल कौड़िया बाईपास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब एनएचएआई बनाएगा सहजनवां-जंगल कौड़िया बाईपास
अरुण चन्द, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:24 AM IST
विज्ञापन
नेशनल हाईवे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) की जगह अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सहजनवां-जंगल कौड़िया फोर लेन बाईपास बनवाएगा। इस बदलाव के बाद अधिग्रहीत होने वाली जमीन के बदले किसानाें को दिए जाने वाले मुआवजे के लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी (एसएलओ) कार्यालय से नए सिरे से फिर से एनएचएआई को प्रस्ताव भेजा गया है। एनएचएआई की तरफ से पखवारे भर में रकम मुहैया कराने का आश्वासन दिया गया है। एसएलओ विनोद गौड़ का कहना है कि फंड मिलते ही मुआवजे का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने अपनी तैयारी तकरीबन पूरी कर ली है।
एसएलओ दफ्तर के मुताबिक इस फोरलेन बाईपास के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 23 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इनमें से सात गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए अवार्ड कर दी गई है। किसानों को मुआवजा देने के लिए एनएचआई से विभाग ने 30 करोड़ रुपये की डिमांड की है। जिन गांवों का अभी अवार्ड किया गया है उनमें देवकली, प्रेमपुर, करनजवहां, भवईपाकड़, खरकतवा, मरकटिया, कालेसर शामिल हैं। इन गांवों के किसानों को मुआवजा देने के बाद बाकी के गांवों को अवार्ड किया जाएगा।
एनएच की जगह अब एनएचएआई के इस फोरलेन बाईपास बनाने की वजह से कई बदलाव हुए हैं। मसलन अगर एनएच यह सड़क बनवाता तो उसकी तरफ से पहले फंड जारी किया जाता, तब कहीं जाकर संबंधित गांवों को अवार्ड किया जाता। इसी तरह एनएच द्वारा सड़क बनवाने की दशा में एसएलओ दफ्तर प्रभावित किसानों को कुल मुआवजे का पहले 80 फीसदी ही रकम देता। काश्तकार की पूरी जांच होने के बाद बाकी के 20 फीसदी रकम का भुगतान किया जाता। अब जबकि एनएचएआई इसका निर्माण कराएगा, लिहाजा पहले गावों को अवार्ड करने के बाद ही मुआवजा बांटने के लिए विभाग को रकम मिलेगी। इसी तरह अधिग्रहण के साथ ही किसानों को पूरी रकम देनी होगी। ऐसे में काश्तकारों की जांच की प्रक्रिया में अगर चूक होती है तो उसके लिए जिम्मेदार संबंधित अफसर-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसएलओ दफ्तर के मुताबिक इस फोरलेन बाईपास के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 23 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की जानी है। इनमें से सात गांवों की जमीन अधिग्रहण के लिए अवार्ड कर दी गई है। किसानों को मुआवजा देने के लिए एनएचआई से विभाग ने 30 करोड़ रुपये की डिमांड की है। जिन गांवों का अभी अवार्ड किया गया है उनमें देवकली, प्रेमपुर, करनजवहां, भवईपाकड़, खरकतवा, मरकटिया, कालेसर शामिल हैं। इन गांवों के किसानों को मुआवजा देने के बाद बाकी के गांवों को अवार्ड किया जाएगा।
विज्ञापन
एनएच की जगह अब एनएचएआई के इस फोरलेन बाईपास बनाने की वजह से कई बदलाव हुए हैं। मसलन अगर एनएच यह सड़क बनवाता तो उसकी तरफ से पहले फंड जारी किया जाता, तब कहीं जाकर संबंधित गांवों को अवार्ड किया जाता। इसी तरह एनएच द्वारा सड़क बनवाने की दशा में एसएलओ दफ्तर प्रभावित किसानों को कुल मुआवजे का पहले 80 फीसदी ही रकम देता। काश्तकार की पूरी जांच होने के बाद बाकी के 20 फीसदी रकम का भुगतान किया जाता। अब जबकि एनएचएआई इसका निर्माण कराएगा, लिहाजा पहले गावों को अवार्ड करने के बाद ही मुआवजा बांटने के लिए विभाग को रकम मिलेगी। इसी तरह अधिग्रहण के साथ ही किसानों को पूरी रकम देनी होगी। ऐसे में काश्तकारों की जांच की प्रक्रिया में अगर चूक होती है तो उसके लिए जिम्मेदार संबंधित अफसर-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई तय है।
विज्ञापन