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देवीमय हुआ शहर, पुष्पांजलि से हुई कालरात्रि की पूजा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 09 Oct 2016 01:29 AM IST
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डीआईजी बंगले के पास स्थापित दुर्गा प्रतिमा ।
- फोटो : Rajesh Kumar
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जैसे-जैसे नवरात्र की तिथियां बढ़ रही हैं, शहर के दुर्गा पंडालों में हलचल बढ़ती जा रही है। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर शुक्रवार को सुबह से ही पंडालों में श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। सप्तमी पर देवी के सातवें स्वरूप कालरात्रि की आराधना की गई।
पंडालों के समीप अस्थाई दुकानें भी सज गई हैं। दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी, स्टेशन रोड, घोष कंपनी, असुरन चौक, दीवान बाजार, नसीराबाद, बसंतपुर, आजाद चौक, मोहद्दीपुर आदि प्रतिमा स्थलों पर सुबह से ही मेले जैसा माहौल रहा। भोर से ही समूचे नगर में देवी गीत गूंजने लगे और देर रात तक यह सिलसिला जारी रहा। बड़े दुर्गा पंडालों के समीप सुरक्षा के लिहाज से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है। दुर्गाबाड़ी में बाल प्रतियोगिताएं और आनंद मेले का भी आयोजित हुआ, जिसमें चंचल घोष, जयंतो चटर्जी, अभिषेक चटर्जी, अशोक देव नीलू की देखरेख में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। यहां देर शाम रजनीकांत बंदोपाध्याय और अजय चटर्जी द्वारा निर्देशित बांग्ला नाटक ‘जॉताकोल’ का मंचन भी किया। कई दूसरे स्थानों पर भी सांस्कृतिक आयोजन हुए।
एनई रेलवे बालक इंटर कॉलेज पूजा पंडाल में गुब्बारा, गोलगप्पा, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। सफल प्रतिभागी पुरस्कृत भी किए गए। आयोजन अरविंद चंद, अमिताभ, दिलीप चटर्जी और देवेंद्र पांडेय की देखरेख में हुआ। इंदिरा नगर में दुर्गा पूजा छात्रसंघ समिति की ओर से स्थापित प्रतिमा स्थल पर पूरे दिन लोगों के आने का सिलसिला बना रहा। यहां के आयोजन में प्रिंस सिंह, किशन चौहान, मोनू पासवान, छोटू पासवान, अमित चौहान आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उधर वेदमाता गायत्री ट्रस्ट की ओर से शक्तिपीठ राजघाट पर नवरात्र के पहले दिन से चल रही सामूहिक साधना शनिवार को भी जारी रही। साधना के समन्वयक अशोक सिंह ने बताया कि अनुष्ठान की पूर्णाहुति 10 अक्टूबर की सुबह होगी।
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चार दशक हो गए, लेकिन कभी क्रम नहीं टूटा। हर साल नवरात्र पर सीवान के इदरीश अहमद डंका बजाने गोरखपुर के स्टेशन रोड स्थित प्रतिमा स्थल जरूर आते हैं। वे बताते हैं कि जैसे ही नवरात्र नजदीक आता है, मां के बुलावे का अहसास होने लगता है और कदम खुद-ब-खुद गोरखपुर की ओर चल पड़ते हैं। कौमी एकता की मिसाल बने इदरीस जिस श्रद्घा से मां के लिए डंका बजाते हैं, उसी तरह रामचरित मानस का गायन भी करते हैं।
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पंडालों के समीप अस्थाई दुकानें भी सज गई हैं। दुर्गाबाड़ी, कालीबाड़ी, स्टेशन रोड, घोष कंपनी, असुरन चौक, दीवान बाजार, नसीराबाद, बसंतपुर, आजाद चौक, मोहद्दीपुर आदि प्रतिमा स्थलों पर सुबह से ही मेले जैसा माहौल रहा। भोर से ही समूचे नगर में देवी गीत गूंजने लगे और देर रात तक यह सिलसिला जारी रहा। बड़े दुर्गा पंडालों के समीप सुरक्षा के लिहाज से भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है। दुर्गाबाड़ी में बाल प्रतियोगिताएं और आनंद मेले का भी आयोजित हुआ, जिसमें चंचल घोष, जयंतो चटर्जी, अभिषेक चटर्जी, अशोक देव नीलू की देखरेख में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। यहां देर शाम रजनीकांत बंदोपाध्याय और अजय चटर्जी द्वारा निर्देशित बांग्ला नाटक ‘जॉताकोल’ का मंचन भी किया। कई दूसरे स्थानों पर भी सांस्कृतिक आयोजन हुए।
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एनई रेलवे बालक इंटर कॉलेज पूजा पंडाल में गुब्बारा, गोलगप्पा, चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। सफल प्रतिभागी पुरस्कृत भी किए गए। आयोजन अरविंद चंद, अमिताभ, दिलीप चटर्जी और देवेंद्र पांडेय की देखरेख में हुआ। इंदिरा नगर में दुर्गा पूजा छात्रसंघ समिति की ओर से स्थापित प्रतिमा स्थल पर पूरे दिन लोगों के आने का सिलसिला बना रहा। यहां के आयोजन में प्रिंस सिंह, किशन चौहान, मोनू पासवान, छोटू पासवान, अमित चौहान आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उधर वेदमाता गायत्री ट्रस्ट की ओर से शक्तिपीठ राजघाट पर नवरात्र के पहले दिन से चल रही सामूहिक साधना शनिवार को भी जारी रही। साधना के समन्वयक अशोक सिंह ने बताया कि अनुष्ठान की पूर्णाहुति 10 अक्टूबर की सुबह होगी।
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