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नगर निगम सदन : चार साल में सिर्फ एक कदम

Mon, 27 Jun 2016 12:50 AM IST
योगेश्वर, अमर उजाला, गोरखपुर।
योगेश्वर, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 27 Jun 2016 12:50 AM IST
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nagar nigam gorakhpur not work properly
नगर न‌िगम
नगर निगम बोर्ड की बैठक में हुए फैसलों की स्पीड कितनी तेज है इसका अंदाजा एक प्रस्ताव से ही लगाया जा सकता है। बोर्ड की पहली बैठक में पार्षदों के एक नए सदन का प्रस्ताव पास हुआ था। अब तक बोर्ड की 14 बैठक हो चुकी है लेकिन सदन के संबंध में केवल अब तक मानचित्र ही पास हो सका है। जबकि बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने में अब एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में चार साल में सदन को लेकर निगम केवल एक कदम ही चल सका है।
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नगर निगम परिसर में नगर निगम बोर्ड द्वारा खाली पड़ी स्टोर की जमीन पर नया सदन भवन बनाने का प्रस्ताव बोर्ड की पहली बैठक में रखा गया था। बोर्ड इसे मंजूरी दे दी। जीडीए से मानचित्र स्वीकृति होने में देरी के चलते हर बार बोर्ड की बैठक में नगर निगम अधिकारियों की किरकिरी होती रही। हालांकि बोर्ड में इस बात पर भी सहमति बनी कि जमीन का व्यवसायिक उपयोग भी किया जा सकता है, जिससे नगर निगम की आय भी बढ़ जाएगी।
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नगर निगम बोर्ड में पार्षदों के हंगामे के बीच 25 मई 2016 को मानचित्र को स्वीकृति मिल गई। 36 हजार वर्ग फीट में प्रस्तावित सदन में दो बेसमेंट का निर्माण किया जाएगा। भूतल प्रथम और द्वितीय तल पर आफिस और व्यवसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण होगा। वहीं तृतीय तल का उपयोग कार्यालय के लिए होगा। बोर्ड बैठक के लिए सभागार 100 से अधिक पार्षद, अधिकारी और मीडिया के लिए बैठने की जगह होगी। बोर्ड ने निर्माण के लिए दो करोड़ का बजट आरक्षित किया है। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं करा सके।
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नगर आयुक्त से की जाएगी बात 
नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद जियाउल इस्लाम ने सदन निर्माण का मुद्दा जोर शोर से उठाया था। बातचीत में जियाउल इस्लाम ने बताया कि शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शहर के विकास के लिए सदन का निर्माण बहुत जरूरी है। सदन निर्माण में देरी होने की बात उन्होंने भी स्वीकार की। जियाउल इस्लाम ने बताया कि इस संबंध में वह नगर आयुक्त से बातचीत करेंगे। 


नए सदन के निर्माण के लिए कार्रवाई चल रही है। कुछ कागजात जीडीए को भेजे गए हैं। कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठक में तय किया जाना है कि सदन निगम बनवाए या पीपीपी मॉडल के तहत बनेगा। 
- बीएन सिंह, नगर आयुक्त 
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