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तीन साल में हुए सभी कामों की जांच के आदेश
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Updated Thu, 12 May 2016 09:22 PM IST
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नगर निगम
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नगर निगम के खिलाफ एक बार फिर कमिश्नर पी. गुरु प्रसाद की भृकुटी तन गई है। बृहस्पतिवार को नगर विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने निगम के कामों को लेकर लगातार मिल रहीं शिकायतों पर गहरी नाराजगी जताते हुए निगम के तीन साल के सभी कामों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी अमजद अली अंसारी के नेतृत्व में टेकिभनकल टास्क फोर्स की छह टीमें गठित की गई हैं।
शुक्रवार को उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी को नगर निगम पहुंचकर इन कामों से जुड़ी सभी फाइलें जब्त कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निगम के अफसरों को चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी तरफ से जांच में सहयोग नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
प्रारंभिक स्तर पर पहले फाइलों में दर्ज जानकारी की जांच होगी। देखा जाएगा कि संबंधित कामों के लिए कब और कितना फंड मिला। उसके सापेक्ष कितना काम हुआ और कितनी रकम खर्च की गई। इसके बाद संबंधित टीमें मौके पर जाकर कामों की गुणवत्ता जांचेंगी। इन कामों में नाली निर्माण से लेकर सड़क, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, जलनिकासी के लिए गए काम, नाला-नालियों की सफाई, सभी काम शामिल हैं।
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कमिश्नर ने उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी को जांच की मानीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी टीमों की रिपोर्ट का संकलन कर अंतिम रिपोर्ट वही तैयार करेंगे। बता दें कि इससे पूर्व निगम के मुआयने में भी कमिश्नर को भारी गड़बड़ी मिली थी। पिछली कई बैठकों में भी वे लापरवाहियों पर कई बार नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।
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शुक्रवार को उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी को नगर निगम पहुंचकर इन कामों से जुड़ी सभी फाइलें जब्त कर लेने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निगम के अफसरों को चेतावनी दी गई है कि अगर उनकी तरफ से जांच में सहयोग नहीं किया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
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प्रारंभिक स्तर पर पहले फाइलों में दर्ज जानकारी की जांच होगी। देखा जाएगा कि संबंधित कामों के लिए कब और कितना फंड मिला। उसके सापेक्ष कितना काम हुआ और कितनी रकम खर्च की गई। इसके बाद संबंधित टीमें मौके पर जाकर कामों की गुणवत्ता जांचेंगी। इन कामों में नाली निर्माण से लेकर सड़क, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, जलनिकासी के लिए गए काम, नाला-नालियों की सफाई, सभी काम शामिल हैं।
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कमिश्नर ने उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अधिकारी को जांच की मानीटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। सभी टीमों की रिपोर्ट का संकलन कर अंतिम रिपोर्ट वही तैयार करेंगे। बता दें कि इससे पूर्व निगम के मुआयने में भी कमिश्नर को भारी गड़बड़ी मिली थी। पिछली कई बैठकों में भी वे लापरवाहियों पर कई बार नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं।