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आंधी ले उड़ी शहर और गांवों की बिजली

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 07 Jun 2017 01:49 AM IST
बिजली कर्मचारी पूरे दिन व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे रहे।
बिजली कर्मचारी पूरे दिन व्यवस्‍था दुरुस्त करने में लगे रहे। - फोटो : Amar Ujala
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आंधी में सोमवार रात 11 बजे शहर समेत सैकड़ों गांवों की बिजली उड़ गई। शहर के 90 फीसदी इलाकों में 10 से 12 घंटे बिजली गुल रही। इसके बाद धीरे-धीरे सप्लाई चालू होने लगी, लेकिन कई क्षेत्रों में मंगलवार शाम तक बिजली गुल रही। इससे पानी की समस्या खड़ी हो गई। शहर के विभिन्न इलाकों में फॉल्ट दुरुस्त करने में पूरे दिन बिजली कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। कहीं पेड़ और डालियां गिरने से बिजली गुल हुई तो कहीं शार्ट सर्किट से। शहर में 27 के करीब खंभे गिरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। छोटे फॉल्ट भी बेशुमार हुए। 
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आंधी के पहले ही बरहुआं में फॉल्ट
बरहुआं ट्रांसमिशन स्टेशन पर सोमवार को आंधी के पहले ही सप्लाई बंद हो गई। आंधी रात को 11 बजे के बाद आई लेकिन इससे पहले बरहुआं से फर्टिलाइजर 132 केवीए सब स्टेशन जाने वाली लाइन में फॉल्ट आने से सप्लाई बाधित हो गई। इससे शहर के सात सब स्टेशन सोमवार की रात 10.20 बजे से ही बंद थे। आंधी आने के बाद बरहुआं से रुस्तमपुर सब स्टेशन आने वाली 33 केवी लाइन का तार नौसड़ में टूट गया। इसे मंगलवार सुबह 8 बजे दुरुस्त किया जा सका। वहीं मोतीराम अड्डा से मोहद्दीपुर आने वाली लाइन भी खराबी के कारण तीन घंटे तक बंद रही।

पानी को तरसे शहरी
बिजली संकट के चलते अधिकतर इलाकों में लोगों को पानी के लिए भी तरसना पड़ा। एक ओर जहां घरों में पानी की टंकियां खाली हो गई थीं, वहीं जलकल के ट्यूबवेल भी नहीं चल पाए। लालडिग्गी क्षेत्र के जलकल जेई अष्टभुजा सिंह ने बताया कि सुबह 11 बजे के करीब बिजली आई, लेकिन लो वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल चालू नहीं हो पाए। फिर सब स्टेशन पर शिकायत के बाद बिजली काटी गई और 11.30 बजे बिजली दुरुस्त होने पर पानी सप्लाई चालू हुई। इसी तरह शाहपुर, बशारतपुर, नंदानगर सहित शहर के सभी ट्यूबवेल मंगलवार दोपहर 12 बजे के बाद चालू हो पाए। लोगों ने हैंडपंप से पानी लेकर जरूरी काम निपटाए। कई जगहों पर हैंडपंप भी गंदे पानी से घिरे रहे।

इन क्षेत्रों में रही ज्यादा परेशानी
आंधी के साथ ही पूरे शहर की बिजली गुल हो गई थी। हवा की रफ्तार कम होने के बाद कई क्षेत्रों में बिजली सप्लाई चालू करने की कोशिश की गई तो फॉल्ट के चलते बत्ती गुल हो गई। सिद्धार्थ इनक्लेव में रात साढ़े बारह बजे सप्लाई चालू होते ही तड़तड़ाहट के साथ केबल फुंक गए। यहां मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे सप्लाई चालू हो पाई। बारिश के बीच सुबह पौने चार बजे के करीब बेतियाहाता कमिश्नर आवास के पास तार पर पेड़ गिर गया। इससे सुबह 11 बजे तक बिजली गुल रही। सिंघाड़िया में 12 घंटे बाद 11 बजे बिजली आई। हुमायुंपुर एरिया में भी सुबह नौ बजे के बाद सप्लाई चालू हुई। राप्तीनगर फेज चार और कृष्णानगर क्षेत्र में सोमवार रात 10.20 बजे से मंगलवार शाम 5 बजे तक बिजली गुल रही। शहर के तमाम इलाकों में इसके बाद भी लोकल फॉल्ट के चलते बिजली चालू नहीं हो पाई थी।

आंधी से ये उपकेंद्र हुए बंद
खोराबार उपकेंद्र सुबह 11 बजे तक बंद रहा। 10 हजार उपभोक्ता परेशान
मोहद्दीपुर उपकेंद्र सुबह 11 बजे तक बंद। 18 हजार उपभोक्ता परेशान
रुस्तमपुर उपकेंद सुबह 8 बजे तक बंद। 25 हजार उपभोक्ता परेशान
बक्शीपुर उपकेंद्र सुबह 9 बजे तक बंद। 20 हजार उपभोक्ता परेशान
रानीबाग उपकेंद्र सुबह 9.30 बजे तक बंद। 8 हजार उपभोक्ता परेशान
तारामंडल उपकेंद्र सुबह 10 बजे तक बंद रहा। इससे 18 हजार उपभोक्ता परेशान रहे।
ये सभी उपकेंद्र सोमवार रात 11 बजे बंद हो गए।

आंधी से पहले बंद हो गए ये उपकेंद्र
आंधी आने से पहले ही फाल्ट के करण कई उपकेंद्र सोमवार रात 10.20 से मंगलवार दोपहर एक बजे तक बंद रहे। इससे राप्तीनगर उपकेंद्र के 18 हजार उपभोक्ता, सूरजकुंड उपकेंद्र के 12 हजार, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र के 6 हजार, इंडस्ट्रियल इस्टेट में 8 हजार, राजेंद्रनगर पश्चिमी उपकेंद्र के 5 हजार, विकास नगर उपकेंद्र के 18 हजार, पादरी बाजार उपकेंद्र के 8 हजार उपभोक्ताओं ने सांसत झेली।

देहात क्षेत्र की सप्लाई चरमराई
आंधी से गांवों की बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई। एसई देहात एके श्रीवास्तव ने बताया कि विभिन्न इलाकों से तार टूटने और खंभे गिरने की सूचना मिली है। नुकसान कितना है अभी इसका आकलन नहीं हो सका है। फाल्ट की मरम्मत हो रही है। सभी अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता को काम तेजी से पूरा कराने के लिए कहा गया है। नुकसान व्यापक है, इसका ब्यौरा जुटाया जा रहा है। 

आंधी से शहर और देहात की सप्लाई प्रभावित होने का बड़ा कारण हाईटेंशन लाइनों पर पेड़ या डालियों का गिरना रहा। इससे कई जगहों पर खंभे और तार टूटे हैं। आंधी में सप्लाई प्रभावित न हो, यह तभी संभव है जब हाईटेंशन लाइन को अंडरग्राउंड किए जाए। शहर के कई इलाकों में एलटी लाइन को भूमिगत करने का काम होना है। हाईटेंशन लाइन को भूमिगत करने के लिए पूर्व में प्रस्ताव गया था, इसे स्वीकृति मिले तो भविष्य में शहर की सप्लाई आंधी में भी गुल नहीं होगी।
- एके सिंह, चीफ इंजीनियर, वितरण

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