मानव जाति के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा : एमके सिंह

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Fri, 02 Dec 2016 01:33 AM IST
MMMUT foundation day
टॉपरों के साथ कुलपति प्रो. ओंकार सिंह और एनएचपीसी के एमडी एमके सिंह। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
एमएमएमयूटी के तीसरे स्थापना दिवस पर विशिष्ट अतिथि एनएचपीसी के एमडी एमके सिंह ने ग्लोबल वार्मिंग को मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरा करार दिया। उन्होंने इससे निपटने के लिए हाइड्रो पॉवर पर निर्भरता की पैरवी की। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो काम करें दिल से करें, सफलता आपका इंतजार कर रही है। कुलपति प्रो. ओंकार सिंह के साथ उन्होंने टॉपरों को मेडल से नवाजा। इससे पहले कुलपति ने अपने स्वागत भाषण में यूनिवर्सिटी की वार्षिक आख्या भी पेश की।
विशिष्ट अतिथि एमके सिंह ने बताया कि अभी हम सिर्फ 30 फीसदी हाइड्रो पावर पैदा कर रहे हैं। अगर हम अपनी ऊर्जा आवश्यकता इससे पूरी करने में सक्षम हो जाएं तो निश्चित ही ग्लोबल वार्मिंग का खतरा कम हो जाएगा। पुरा छात्र के तौर पर अपने विद्यार्थी जीवन के संस्मरण साझा करते हुए उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ पुरा छात्र के तौर पर बुलाकर जीवन का सबसे बड़ा सम्मान दिया है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि महान राष्ट्र के निर्माण का दायित्व नई पीढ़ी के कंधे पर है। बोले, परफेक्शन जैसी कोई चीज नहीं। स्वयं के प्रति निष्ठावान रहें। यात्रा के प्रति समर्पित रहें, न कि मंजिल के। मेहनत का स्थान कुछ भी नहीं ले सकता। संचालन कर रहे डॉ. मुमताज खान ने खराब मौसम के चलते कार्यक्रम में न आ सके राज्यपाल का संदेश पढ़कर सुनाया। शाम को हास्य कवि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण का भी आयोजन हुआ। 

टॉपर बोले
बनना है आईएएस
कैंपस सेलेक्शन के बाद जॉब कर रही हूं, लेकिन लक्ष्य आईएएस बनना है। इसके लिए सेल्फ स्टडी के जरिए तैयारी चल रही है। विद्यार्थियों को चाहिए कि सफलता के लिए कोर्स की अच्छे से तैयारी करें।
- शीना गर्ग (अलीगढ़), बीटेक, सिविल इंजीनियरिंग

सपने के लिए जॉब नहीं की
कैंपस सेलेक्शन हुआ था, लेकिन जॉब नहीं की। दरअसल, बचपन से ही सिविल सर्विसेज का सपना देखा है। सफलता से उत्साहित होकर तैयारी और तेज कर दी है। नौकरी से ज्यादा तरजीह मैंने लक्ष्य को दी है।
- अंकुर त्रिपाठी (अमेठी), बीटेक, कंप्यूटर साइंस

राज्यपाल की कमी खली
कुलाधिपति के हाथों मेडल पाने की उम्मीद लेकर गुरुवार को एमएमएमयूटी आई थी। उनके न आने की सूचना मिली तो एकबार के लिए मायूस हुई, लेकिन मेडल पाने का गौरव यादकर खुशी फीकी न पड़ने दी। 
- मोनिका बाजपेयी (कानपुर), बीटेक, इलेक्ट्रिकल 

चिकित्सा क्षेत्र में करना है खास
एमएस करना है। मेरा लक्ष्य एंटीना के क्षेत्र में नई खोज करना है। इसके जरिए कैंसर जैसे जटिल रोग का भी पता लगाया जा सकता है। मेरा भी काम चिकित्सा क्षेत्र में एंटीना की तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ा है।
- आशीष पांडेय (लखनऊ), बीटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन

कॉलेज ने बाहरी दुनिया के लिए तैयार किया
अभी विप्रो से मल्टीनेशनल कंपनी क्लाउडरेक्स में पहुंचा हूं। आगे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ही नाम कमाना है। कॉलेज बहुत बेहतर है। प्रोफेशन में पहुंचा तो यहां से सीखा अनुशासन काफी काम आया।
- सौरभ रस्तोगी (लखीमपुर खीरी), एमसीए

पिता ने लिया मेडल
टॉपर शाकिब मतलूब दिल्ली में थे। इसलिए मऊ से उनके पिता मतलूब अहमद फाउंडेशन डे पर मेडल लेने पहुंचे थे। उन्होंने इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे यादगार पल बताया। कहा, बहुत अच्छा लग रहा है।

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