{"_id":"58a213104f1c1b4f54d85206","slug":"medical-exam-canceled","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल परीक्षा रद्द होने से खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल परीक्षा रद्द होने से खलबली
gorakhpur
Updated Tue, 14 Feb 2017 01:42 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश की कंबाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट में प्रवेश के चर्चित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द करने के फैसले के बाद विद्यार्थियों में खलबली मच गई है। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के 11 विद्यार्थी इसकी जद में आ सकते हैं। कई विद्यार्थियों से एसटीएफ ने मेडिकल कॉलेज में पूछताछ की थी और साबिर अली को मामले में गिरफ्तार भी किया था।
गोरखपुर के छात्र और बदायूं के रहने वाले जलालुद्दीन के बेटे साबिर को मध्य प्रदेश एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया था, तब साबिर ने 2009 के एमपी सीपीएमटी में ग्वालियर के एक केंद्र पर ललित कुमार झरिया की जगह पर परीक्षा देने की बात कबूल की थी। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपये लिए थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस कार्य में साबिर ने अपने मित्र उपेंद्र और नरेंद्र की मदद ली थी। इसके बाद कई और छात्रों का नाम सामने आया था। इसके बाद एसटीएफ ने कई बार मेडिकल कॉलेज में आकर छात्रों से पूछताछ की थी और फरार चल रहे कुछ विद्यार्थियों के बारे में प्राचार्य से जानकारी भी मांगी थी। बता दें कि व्यापमं मामले में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से अब तक 11 विद्यार्थियों से पूछताछ की गई थी। इनमें दो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया लेकिन नौ छात्रों को बारी-बारी से पूछताछ की गई थी। इन छात्रों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
विज्ञापन
गोरखपुर के छात्र और बदायूं के रहने वाले जलालुद्दीन के बेटे साबिर को मध्य प्रदेश एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया था, तब साबिर ने 2009 के एमपी सीपीएमटी में ग्वालियर के एक केंद्र पर ललित कुमार झरिया की जगह पर परीक्षा देने की बात कबूल की थी। इसके एवज में उसने डेढ़ लाख रुपये लिए थे। पूछताछ में यह भी पता चला कि इस कार्य में साबिर ने अपने मित्र उपेंद्र और नरेंद्र की मदद ली थी। इसके बाद कई और छात्रों का नाम सामने आया था। इसके बाद एसटीएफ ने कई बार मेडिकल कॉलेज में आकर छात्रों से पूछताछ की थी और फरार चल रहे कुछ विद्यार्थियों के बारे में प्राचार्य से जानकारी भी मांगी थी। बता दें कि व्यापमं मामले में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से अब तक 11 विद्यार्थियों से पूछताछ की गई थी। इनमें दो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया लेकिन नौ छात्रों को बारी-बारी से पूछताछ की गई थी। इन छात्रों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
विज्ञापन