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मेडिकल कॉलेज : एक जांच की दो रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Mon, 18 Jul 2016 08:50 PM IST
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जांच की दोनों रिपोर्ट। दाएं तरफ जिसमें एचआईवी निगेटिव और बाएं तरफ की रिपोर्ट में जांच पॉजिटिव दिखाया गया है।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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मेडिकल कॉलेज ने एक जांच में गजब की रिपोर्ट दी। एक ही कॉलेज ने दो अलग-अलग तरह की रिपोर्ट दी है। सेंट्रल पैथोलॉजी ने एड्स रोगी को निगेटिव बताया तो एआरटी की जांच में वह एड्स रोगी पाया गया। जब डॉक्टरों के पूछने पर मरीज ने बताया कि वह डेढ़ साल से एड्स से पीड़ित है।
गलत रिपोर्ट के कारण ही उसे सामान्य मरीजों के साथ वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। इससे मरीजों की मुसीबत बढ़ सकती थी। मरीजों को इंफेक्शन न हो इसके लिए एड्स मरीजों को अलग भर्ती करने का नियम है। सिद्धार्थनगर का एक युवक एड्स पीड़ित है। वहां के एआरटी सेंटर में इलाज भी करवा रहा है। इन दिनों उसके सिर में दिक्कत हुई तो उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा और खुद को सामान्य मरीज बताते हुए भर्ती हो गया। सेंट्रल पैथोलॉजी में उसकी जांच कराई और वहां से जो रिपोर्ट आई उसने भी पुष्टि कर दी कि उसे एड्स नहीं है।
वार्ड नंबर 9 में भर्ती करके डॉक्टर उसका उपचार सामान्य मरीजाें की तरह ही कर रहे थे। कुछ लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने दोबारा एड्स की जांच कराने को लिखा। सेंपल ट्रॉमा सेंटर में जांच के लिए भेज दिया गया। ट्रॉमा सेंटर की जांच में उसे एड्स रोगी बताया गया। रिपोर्ट मिलने पर डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को भी दी गई है। सूत्रों की मानें तो सेंट्रल पैथोलॉजी से आए दिन ऐसी गलत रिपोर्टिंग हो रही है।
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मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज
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गलत रिपोर्ट के कारण ही उसे सामान्य मरीजों के साथ वार्ड में भर्ती कर दिया गया था। इससे मरीजों की मुसीबत बढ़ सकती थी। मरीजों को इंफेक्शन न हो इसके लिए एड्स मरीजों को अलग भर्ती करने का नियम है। सिद्धार्थनगर का एक युवक एड्स पीड़ित है। वहां के एआरटी सेंटर में इलाज भी करवा रहा है। इन दिनों उसके सिर में दिक्कत हुई तो उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा और खुद को सामान्य मरीज बताते हुए भर्ती हो गया। सेंट्रल पैथोलॉजी में उसकी जांच कराई और वहां से जो रिपोर्ट आई उसने भी पुष्टि कर दी कि उसे एड्स नहीं है।
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वार्ड नंबर 9 में भर्ती करके डॉक्टर उसका उपचार सामान्य मरीजाें की तरह ही कर रहे थे। कुछ लक्षण दिखने पर डॉक्टर ने दोबारा एड्स की जांच कराने को लिखा। सेंपल ट्रॉमा सेंटर में जांच के लिए भेज दिया गया। ट्रॉमा सेंटर की जांच में उसे एड्स रोगी बताया गया। रिपोर्ट मिलने पर डॉक्टरों के भी होश उड़ गए। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को भी दी गई है। सूत्रों की मानें तो सेंट्रल पैथोलॉजी से आए दिन ऐसी गलत रिपोर्टिंग हो रही है।
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मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यदि ऐसा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. एके श्रीवास्तव, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज