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परंपरागत अंदाज में हुआ राघव-शक्ति मिलन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 12 Oct 2016 07:50 PM IST
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बसंपुर चौराहे पर राघव शक्ति मिलन के दौरान आरती उतारते श्रद्धालु।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
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हर दशहरे पर शहर में होने वाला भगवान राम और शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा का मिलन यानी राघव-शक्ति मिलन परंपरागत अंदाज में मंगलवार की शाम संपन्न हुआ। गगनभेदी जयघोष के बीच भगवान राम बसंतपुर तिराहे पर पहुंचे तो वहां पहले से ही इंतजार कर रही मां शक्ति ने उनकी प्रदक्षिणा की और श्रीराम ने उनकी आरती उतारी। हमेशा की तरह इस बार भी इस अद्भुत दृश्य के साक्षी हजारों श्रद्धालु बने।
इस मिलन के लिए दुर्गाबाड़ी से मां दुर्गा प्रतिमा को लेकर पूजा समिति के लोग गाजे-बाजे के साथ निकले। उनके पीछे सैकड़ों श्रद्धालुओं का हुजूम था। जुलूस रूपी यह हुजूम जब बसंतपुर चौराहे पहुंचा तो मां के जयकारे से समूचा माहौल गूंज उठा। यह गूंज तब तक उठती रही जब तक भगवान श्रीराम का जुलूस उस स्थान पर पहुंच नहीं गया। उधर, श्रीराम ने शाम सात बजे बर्डघाट रामलीला मैदान में रावण का वध किया और थोड़ा विश्राम के बाद रथ पर सवार होकर शक्ति से मिलन के लिए रवाना हुए।
श्रीराम के जुलूस में शामिल अखाड़े के कार्यकर्ता अपने करतब से वीरता की गाथा बयां कर रहे थे। जब भगवान का रथ बसंतपुर तिराहे पर पहुंचा तो श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से जयघोष किया। श्रीराम के पहुंचते ही दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा को उनकी प्रदक्षिणा कराई गई। उसके बाद श्रीराम ने अपने रथ से ही मां की आरती उतारी। फिर मां की प्रतिमा का जुलूस राजघाट की ओर चल पड़ा।
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उधर, श्रीराम का जुलूस हिंदी बाजार में आकर संपन्न हुआ। इस दौरान ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव और रामलीला समिति के संरक्षक शरद चंद्र अग्रहरी की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही। इनके साथ ही सभी ने राघव-शक्ति की आरती उतार अपनी श्रद्धा निवेदित की।
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इस मिलन के लिए दुर्गाबाड़ी से मां दुर्गा प्रतिमा को लेकर पूजा समिति के लोग गाजे-बाजे के साथ निकले। उनके पीछे सैकड़ों श्रद्धालुओं का हुजूम था। जुलूस रूपी यह हुजूम जब बसंतपुर चौराहे पहुंचा तो मां के जयकारे से समूचा माहौल गूंज उठा। यह गूंज तब तक उठती रही जब तक भगवान श्रीराम का जुलूस उस स्थान पर पहुंच नहीं गया। उधर, श्रीराम ने शाम सात बजे बर्डघाट रामलीला मैदान में रावण का वध किया और थोड़ा विश्राम के बाद रथ पर सवार होकर शक्ति से मिलन के लिए रवाना हुए।
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श्रीराम के जुलूस में शामिल अखाड़े के कार्यकर्ता अपने करतब से वीरता की गाथा बयां कर रहे थे। जब भगवान का रथ बसंतपुर तिराहे पर पहुंचा तो श्रद्धालुओं ने मुक्तकंठ से जयघोष किया। श्रीराम के पहुंचते ही दुर्गाबाड़ी की प्रतिमा को उनकी प्रदक्षिणा कराई गई। उसके बाद श्रीराम ने अपने रथ से ही मां की आरती उतारी। फिर मां की प्रतिमा का जुलूस राजघाट की ओर चल पड़ा।
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उधर, श्रीराम का जुलूस हिंदी बाजार में आकर संपन्न हुआ। इस दौरान ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव और रामलीला समिति के संरक्षक शरद चंद्र अग्रहरी की मौजूदगी महत्वपूर्ण रही। इनके साथ ही सभी ने राघव-शक्ति की आरती उतार अपनी श्रद्धा निवेदित की।