फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Lal Babu has fast during ramzan

कौमी एकता की विरासत के ‘लाल’

Wed, 31 May 2017 01:52 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Wed, 31 May 2017 01:52 AM IST
विज्ञापन
Lal Babu has fast during ramzan
रोजा रखने वाले लाल बाबू। - फोटो : Amar Ujala
नवरात्र व्रत रखने वाले लाल बाबू को रमजान के चांद का भी इंतजार होता है। उनके परिवार में होली-दीवाली पर जैसा उत्साह होता है वैसा ही चांद रात और ईद के लिए भी नजर आता है। शहर के जगन्नाथपुर का यह परिवार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है और इसके मुखिया लाल बाबू कौमी एकता की विरासत के ‘लाल’ हैं।
विज्ञापन


पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए व्यापारी लाल बाबू 30 साल से रोजा रखते आ रहे हैं। गंगा-जमुनी तहजीब उन्हें पिता गंगा से विरासत में मिली है। उन्होंने भी 34 साल रोजे रखे थे। लाल बाबू के रोजे में परिवार पूरा साथ देता है। पत्नी गीतांजलि सहरी और इफ्तारी की तैयारी करती हैं तो बेटा करन, बेटी सदाक्षी और आराध्या दस्तरख्वान पर लाल बाबू का साथ देते हैं। शुरुआत के नौ रोजे तक ऐसा ही चलता है। इसके बाद अलविदा की सुबह फिर सहरी की सुगंध इस घर की देहरी के भीतर फैलती है, जो शाम को इफ्तार की खुशबू से तर हो जाती है। इसके साथ ही ईद की खुशियां इस घर में छा जाती हैं और रसोई भाईचारे की सेवईं से महक उठती है।
विज्ञापन


पिता की मन्नत से शुरू हुआ सिलसिला
बात 1950 की है। परिवार के गुजर-बसर के लिए स्वर्गीय गंगा ने रमजान में एक दुकान की मन्नत मांगी। तय किया कि अगर दुकान हो गई तो वह हर रमजान में 10 रोजे रखेंगे। मन्नत पूरी हुई तो उन्होंने रमजान में रोजे रखने शुरू कर दिए। 1985 तक उन्होंने लगातार रोजे रखे। 1986 में उनका देहांत हुआ तो उनके बेटे लाल बाबू ने पिता की मन्नत सिर-माथे पर ले ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed