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स्नान कर दान-पुण्य किया
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:55 AM IST
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कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर राजघाट राप्ती नदी पर पूजा करते लोग ।
- फोटो : Rajesh Kumar
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कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए नदी घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला सोमवार को उमड़ा। लोगाें ने स्नान के बाद दान-पुण्य किया। सभी प्रमुख नदी घाटों पर श्रद्धा का सैलाब नजर आया। शहर के विष्णु मंदिरों में पूरे दिन दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहा। इस पर्व को देव दीपावली भी कहा जाता है। शहर में कई जगहों पर लोगों ने दीपदान भी किया।
राप्ती तट स्थित स्नान घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सूर्योदय से पहले ही घाट पर खचाखच भीड़ जमा हो गई। नदी घाटों पर मेला भी सजा था। लोगों ने स्नान एवं पूजन के बाद दान भी दिया। कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। पर्व पर तुलसी के नीचे और जलाशयों के पास दीपदान भी किया जाता है। प्रकृति के प्रति श्रद्धा दर्शाते हुए इस पर्व पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसी मान्यता के तहत लोगों ने पारंपरिक ढंग से स्नान पर्व मनाया।
पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि इसी दिन भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस तिथि पर किए गए पुण्य कार्य का फल दस गुना बढ़ जाता है। इसदिन भगवान विष्णु की उपासना एवं दीपदान करने से पुनर्जन्म के कष्ट से छुटकारा मिलने की मान्यता के चलते असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। सायंकाल, देवमंदिर, पीपल, तुलसी, जलाशय (गंगा) आदि के पास लोगों ने दीपदान किया।
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राप्ती तट स्थित स्नान घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। सूर्योदय से पहले ही घाट पर खचाखच भीड़ जमा हो गई। नदी घाटों पर मेला भी सजा था। लोगों ने स्नान एवं पूजन के बाद दान भी दिया। कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। पर्व पर तुलसी के नीचे और जलाशयों के पास दीपदान भी किया जाता है। प्रकृति के प्रति श्रद्धा दर्शाते हुए इस पर्व पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसी मान्यता के तहत लोगों ने पारंपरिक ढंग से स्नान पर्व मनाया।
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पंडित शरद चंद्र मिश्र ने बताया कि इसी दिन भगवान विष्णु का मत्स्यावतार हुआ था। इसलिए इस तिथि पर किए गए पुण्य कार्य का फल दस गुना बढ़ जाता है। इसदिन भगवान विष्णु की उपासना एवं दीपदान करने से पुनर्जन्म के कष्ट से छुटकारा मिलने की मान्यता के चलते असुरन चौक स्थित विष्णु मंदिर में पूरे दिन श्रद्धालुओं का आना लगा रहा। सायंकाल, देवमंदिर, पीपल, तुलसी, जलाशय (गंगा) आदि के पास लोगों ने दीपदान किया।
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