अयोध्या प्रकरणः अशांति फैलाने की फिराक में आतंकी, खुफिया एजेंसियों ने नेपाल सीमा पर डेरा डाला
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अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आतंकी गतिविधियां तेज होने की गोपनीय रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस, एसएसबी और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर से नेपाल बॉर्डर जुड़ा होने की वजह से खुफिया एजेंसियों ने वहां अपना डेरा डाल दिया है।
वहीं पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आम लोगों के बीच रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। हर मोहल्ले, गांव में बैठक कर पुलिस अपने लोगों को सहेजने की कोशिश कर रही है। इसके पीछे का मकसद यही है कि देश में अशांति फैलाने के इरादे रखने वाले आतंकी अपने मंसूबे में कामयाब न हो पाएं।
भारत-नेपाल सीमा खुली होने की वजह से इस रास्ते का इस्तेमाल पूर्व के दिनों में आतंकी कर चुके हैं। 25 मई 2007 को गोरखपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की जानकारी दी थी। इसके अलावा भी दिल्ली में पकड़े गए आतंकी ने भी नेपाल बॉर्डर से भारत में आने की बात कही थी। इस वजह से हमेशा से ही नेपाल बॉर्डर संवेदनशील रहता है।
वर्तमान में आईबी की जो खुफिया रिपोर्ट आई है उसमें देश के बाहरी लोगों द्वारा भड़काने की साजिश की पुष्टि हुई है यही वजह है कि आंतरिक तैयारी के साथ ही बॉर्डर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
फैसले के बाद 24 घंटों के लिए बंद हो सकता है नेपाल बॉर्डर
अयोध्या प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद नेपाल से भारत में आवागमन पूरी तरह से बंद किया जा सकता है। इसे लेकर एसएसबी और पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली है। अफसर इस पर अभी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं लेकिन इशारों में यह जरूर कहते हैं कि जरूरत पड़ी तो नेपाल सीमा को बंद किया जाएगा। वहां पर सतर्कता बढ़ाई गई है।
नेपाल से सटे गांवों के 150 लोग पाबंद किए गए
आईबी के एक अफसर के मुताबिक उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़ी नेपाल सीमा के आसपास के गांवों के करीब 150 लोगों को पाबंद किया गया है। बिहार पुलिस इसे लेकर पहले सतर्क हुई थी। बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमा वाले थानों की पुलिस बैठक भी कर चुकी है।
नेपाल पुलिस के साथ एसएसबी कर चुकी है बैठक
नेपाल, एसएसबी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त बैठक भी इसे लेकर हो चुकी है। सारे अफसरों ने आपस में नंबरों का आदान-प्रदान भी किया है ताकि कोई भी संदिग्ध दिखे तो इसकी सूचना आपस में साझा की जा सके।