{"_id":"57373cd24f1c1b8b609198f0","slug":"innaugration-of-purvanchal-musieum-in-gorakhpur-university","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पूर्वांचल संग्रहालय का हुआ लोकार्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पूर्वांचल संग्रहालय का हुआ लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 14 May 2016 08:27 PM IST
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पूर्वांचल संग्रहालय का लोकार्पण करतीं सांसद जया बच्चन, सांसद डिंपल यादव, सांसद कनकलता व अन्य।
- फोटो : shivharsh
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लंबे समय की कवायद के बाद शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में बने पूर्वांचल संग्रहालय का लोकार्पण हो गया। लोकसभा सांसद डिंपल यादव के हाथों संग्रहालय की पूजा संपन्न हुई तो राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने फीता काटकर संग्रहालय जनता को समर्पित किया।
सवा 12 बजे के करीब दोनों सांसदों की गाड़ी प्रशासनिक भवन पहुंची। संग्रहालय पहुंचते ही डिंपल लोकार्पण के लिए तैयार पूजा की बेदी पर बैठ गईं। 15 मिनट बाद सांसद जया बच्चन ने संग्रहालय के शिलापट्ट का पर्दा हटाया और फिर फीता काटकर भवन में प्रवेश किया। इस कार्य में डिंपल यादव ने उनका साथ दिया। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी की औपचारिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में ललित कला विभाग के विद्यार्थियों के बनाए कुछ चित्र, प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी मूर्तियां और कुछ पुरातात्विक साक्ष्य रखे गए थे।
इसके अलावा एक दीवार पर स्व. मोहन सिंह और यूनिवर्सिटी से जुड़ी उनकी स्मृतियों को छायाचित्रों के जरिए प्रदर्शित किया गया था। यहां से दोनों सांसदों को दीक्षा भवन ले जाया गया, जहां अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण में राज्यसभा सांसद कनकलता ने जया और डिंपल दोनों की स्व. मोहन सिंह से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। सांसद जया ने पूर्वांचल के विकास को लेकर कनकलता की चिंता से जुड़े संस्मरण सुनाए।
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उन्होंने कहा कि कनक की नजर से देखें तो पूर्वांचल पूरे देश की राजधानी साबित होगी। कुलपति ने अपने संबोधन में तीन महिला सांसदों की यूनिवर्सिटी में एक साथ मौजूदगी पर हर्ष जताया। उन्होंने एनसीसी कैडेटों को बताया कि जया बच्चन ने गणतंत्र दिवस पर बेस्ट एनसीसी कैडेट का अवार्ड जीता था। उसके बाद करीब आधे घंटे का सांस्कृतिक आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत जया बच्चन की फिल्म ‘गुड्डी’ फिल्म के गीत ‘हमको मन की शक्ति देना... की प्रस्तुति के साथ हुई। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने कत्थक और मयूर नृत्य से माहौल में सांस्कृतिक रंग घोल दिया।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार का संगीत प्रेम शनिवार के संग्रहालय लोकार्पण आयोजन में एक बार फिर झलका। वह स्व. मोहन सिंह की याद में एक गीत लेकर प्रस्तुत हुए। पुष्पांजलि फिल्म के गीत ‘जाने चले जाते हैं कहां...’ को जब कुलपति ने गाया तो पूरे हॉल का माहौल भावुक हो गया। कुलपति की संवेदनात्मक प्रस्तुति को मौजूद लोगों ने खूब सराहा।
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सवा 12 बजे के करीब दोनों सांसदों की गाड़ी प्रशासनिक भवन पहुंची। संग्रहालय पहुंचते ही डिंपल लोकार्पण के लिए तैयार पूजा की बेदी पर बैठ गईं। 15 मिनट बाद सांसद जया बच्चन ने संग्रहालय के शिलापट्ट का पर्दा हटाया और फिर फीता काटकर भवन में प्रवेश किया। इस कार्य में डिंपल यादव ने उनका साथ दिया। वहां उन्होंने यूनिवर्सिटी की औपचारिक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में ललित कला विभाग के विद्यार्थियों के बनाए कुछ चित्र, प्लास्टर ऑफ पेरिस की बनी मूर्तियां और कुछ पुरातात्विक साक्ष्य रखे गए थे।
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इसके अलावा एक दीवार पर स्व. मोहन सिंह और यूनिवर्सिटी से जुड़ी उनकी स्मृतियों को छायाचित्रों के जरिए प्रदर्शित किया गया था। यहां से दोनों सांसदों को दीक्षा भवन ले जाया गया, जहां अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्वागत भाषण में राज्यसभा सांसद कनकलता ने जया और डिंपल दोनों की स्व. मोहन सिंह से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। सांसद जया ने पूर्वांचल के विकास को लेकर कनकलता की चिंता से जुड़े संस्मरण सुनाए।
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उन्होंने कहा कि कनक की नजर से देखें तो पूर्वांचल पूरे देश की राजधानी साबित होगी। कुलपति ने अपने संबोधन में तीन महिला सांसदों की यूनिवर्सिटी में एक साथ मौजूदगी पर हर्ष जताया। उन्होंने एनसीसी कैडेटों को बताया कि जया बच्चन ने गणतंत्र दिवस पर बेस्ट एनसीसी कैडेट का अवार्ड जीता था। उसके बाद करीब आधे घंटे का सांस्कृतिक आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत जया बच्चन की फिल्म ‘गुड्डी’ फिल्म के गीत ‘हमको मन की शक्ति देना... की प्रस्तुति के साथ हुई। यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने कत्थक और मयूर नृत्य से माहौल में सांस्कृतिक रंग घोल दिया।