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चार हजार रुपये में मुमकिन होगा दिल्ली का हवाई सफर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 18 Mar 2016 01:32 AM IST
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एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भवन के मॉडल।
- फोटो : shivharsh
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केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा का कहना है कि देश में कुल 476 हवाई अड्डे हैं लेकिन अभी सिर्फ पर 68 से ही नियमित उड़ान का औसत है। बाकी पर साल में एक या दो बार हवाई जहाज उतरते-उड़ते हैं। सरकार की योजना 100 हवाई अड्डों से उड़ान सुनिश्चित कराने की है। जल्द ही देश में एयर फेयर सेवा का लाभ शुरू किया जाएगा, जिससे एक घंटे की हवाई यात्रा 2500 रुपये में मुमकिन होगी। गोरखपुर एयरपोर्ट पर भी यह व्यवस्था जल्द लागू की जाएगी, जिससे गोरखपुर-दिल्ली का सफर चार हजार रुपये में हो जाएगा।
डॉ. शर्मा ने ये बातें बृहस्पतिवार को यहां गोरखपुर हवाई अड्डे पर मुसाफिरों के लिए नए टर्मिनल का शिलान्यास करते वक्त कहीं। उन्होंने यात्री सुविधाओं में विस्तार का भरोसा देते हुए कहा कि नया टर्मिनल गोरखपुर की जरूरत है। निर्माण में टर्मिनल को जरूरत पड़ने पर और विस्तार देने की गुंजाइश रखी जाएगी। इस काम के पूरा होते ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। करीब 23.34 करोड़ की लागत से यहां नए टर्मिनल का काम होगा। पूरी तरह से वातानुकूलित परिसर में यात्रियों को हर तरह की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उड़ान की जानकारी देने वाली डिजिटल प्रणाली, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, आग बचाव के प्रबंध आदि का पूरा प्रबंध रहेगा।
अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का हवाला दिया। कहा कि जनहित से जुड़े सरकार के कई फैसलों का असर धीरे-धीरे धरातल पर नजर आने लगा है। समारोह में सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि हवाई यात्राएं बढ़ने से इस क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। उन्होंने गोरखपुर को कोलकाता, मुंबई, चेन्नई से हवाई सेवा से जोड़ने की सिफारिश भी की। साथ ही गोरखपुर से काठमांडू के हवाई सफर को भी आज की जरूरत बताया। केंद्रीय हवाई यात्रा से जोड़ने की मांग रखी। केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सार्थक प्रयास का भरोसा दिया।
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समारोह को सांसद कमलेश पासवान, शरद त्रिपाठी, विधायक राधामोहनदास अग्रवाल, संत प्रसाद, मेयर सत्या पांडेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में शीतल पांडेय, अंजू चौधरी, कामेश्वर सिंह, जर्नादन तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, उपेंद्र शुक्ला, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह आदि मौजूद थे।
केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर हवाई अड्डे पर 23.34 करोड़ की लागत से बनने वाले नए टर्मिनल का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। देशी-विदेशी सैलानियों के लिए यहां से हवाई टैक्सियां संचालित होंगी जो सारनाथ, कपिलवस्तु, कुशीनगर, लुंबिनी के अलावा लखनऊ आदि शहरों तक चलेंगी। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र ही एयर फेयर लागू करने जा रहे हैं। इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा। इस व्यवस्था के तहत एक घंटे का सफर 25 सौ रुपये में किया जा सकेगा।
इसके पूर्व समारोह के मंच से कई वक्ताओं ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पहचान पूर्वांचल ही नही देश स्तर पर रही है। वे संत राजनेता के साथ समाज सुधारक भी थे। छुआछूत के खिलाफ वह निरंतर अभियान चलाते रहे । इस नाते उनके नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखा जाए। मंत्री जब बोलने उठे तब उन्होंने इसे गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि वह मानते है कि कोई भी व्यक्ति इससे अपनी असहमति नहीं दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया होती है। यहां से जाने वाला प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। वहां से पास कराने के बाद नामकरण हो जाएगा।
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डॉ. शर्मा ने ये बातें बृहस्पतिवार को यहां गोरखपुर हवाई अड्डे पर मुसाफिरों के लिए नए टर्मिनल का शिलान्यास करते वक्त कहीं। उन्होंने यात्री सुविधाओं में विस्तार का भरोसा देते हुए कहा कि नया टर्मिनल गोरखपुर की जरूरत है। निर्माण में टर्मिनल को जरूरत पड़ने पर और विस्तार देने की गुंजाइश रखी जाएगी। इस काम के पूरा होते ही पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। करीब 23.34 करोड़ की लागत से यहां नए टर्मिनल का काम होगा। पूरी तरह से वातानुकूलित परिसर में यात्रियों को हर तरह की आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उड़ान की जानकारी देने वाली डिजिटल प्रणाली, सीसीटीवी, पीए सिस्टम, आग बचाव के प्रबंध आदि का पूरा प्रबंध रहेगा।
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अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का हवाला दिया। कहा कि जनहित से जुड़े सरकार के कई फैसलों का असर धीरे-धीरे धरातल पर नजर आने लगा है। समारोह में सांसद महंत आदित्यनाथ ने कहा कि हवाई यात्राएं बढ़ने से इस क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। उन्होंने गोरखपुर को कोलकाता, मुंबई, चेन्नई से हवाई सेवा से जोड़ने की सिफारिश भी की। साथ ही गोरखपुर से काठमांडू के हवाई सफर को भी आज की जरूरत बताया। केंद्रीय हवाई यात्रा से जोड़ने की मांग रखी। केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन राज्य मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सार्थक प्रयास का भरोसा दिया।
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समारोह को सांसद कमलेश पासवान, शरद त्रिपाठी, विधायक राधामोहनदास अग्रवाल, संत प्रसाद, मेयर सत्या पांडेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में शीतल पांडेय, अंजू चौधरी, कामेश्वर सिंह, जर्नादन तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, उपेंद्र शुक्ला, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह आदि मौजूद थे।
बौद्ध सर्किट में चलाई जाएंगी एयर टैक्सियां
केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति एवं नागर विमानन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर हवाई अड्डे पर 23.34 करोड़ की लागत से बनने वाले नए टर्मिनल का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को बौद्ध सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण क्षेत्र है। देशी-विदेशी सैलानियों के लिए यहां से हवाई टैक्सियां संचालित होंगी जो सारनाथ, कपिलवस्तु, कुशीनगर, लुंबिनी के अलावा लखनऊ आदि शहरों तक चलेंगी। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र ही एयर फेयर लागू करने जा रहे हैं। इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा। इस व्यवस्था के तहत एक घंटे का सफर 25 सौ रुपये में किया जा सकेगा।
गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर होगा एयरपोर्ट
23.34 करोड़ की लागत से बनने जा रहे नए टर्मिनल के शिलान्यास के समय उपस्थित लोगों के बीच डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि लोगों की मांग पर इस एयरपोर्ट का नाम गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर रखा जाएगा। उन्हीं के नाम से इस शहर की पहचान है। यह उनकी तपोस्थली है।इसके पूर्व समारोह के मंच से कई वक्ताओं ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की पहचान पूर्वांचल ही नही देश स्तर पर रही है। वे संत राजनेता के साथ समाज सुधारक भी थे। छुआछूत के खिलाफ वह निरंतर अभियान चलाते रहे । इस नाते उनके नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखा जाए। मंत्री जब बोलने उठे तब उन्होंने इसे गुरु गोरक्षनाथ के नाम पर करने की बात कही। साथ ही यह भी कहा कि वह मानते है कि कोई भी व्यक्ति इससे अपनी असहमति नहीं दर्शाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी एक प्रक्रिया होती है। यहां से जाने वाला प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। वहां से पास कराने के बाद नामकरण हो जाएगा।