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फर्जीवाड़े की आशंका में 33 व्यापारियों का जीएसटी रजिस्ट्रेशन कैंसल
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:38 AM IST
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जीएसटी लागू होने के बाद व्यापार के नाम पर टैक्स बचाने वालों पर शिकंजा कसने लगा है। इसी क्रम में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराने वाले 33 व्यापारियों का जीएसटीएन कैंसल कर दिया गया है। जांच के दायरे में अभी और 49 व्यापारी हैं।
गोरखपुर में 30,869 नए व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया था। नियम के अनुसार सभी को तय सीमा में रिटर्न दाखिल करना था, लेकिन इनमें से काफी संख्या में व्यापारियों ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ा दी, लेकिन इसके बाद भी कई व्यापारियों ने पहल नहीं की।
वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विजय कुमार ने बताया कि तय सीमा तक 5,361 व्यापारियों ने रिटर्न फाइल नहीं किया। जांच में 82 मामले संदिग्ध पाए गए। इनमें पूरी से गलत पाए जाने के बाद 33 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से कैंसल कर दिया गया है। बचे 49 मामलों की जांच चल रही है। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ रजिस्ट्रेशन कैंसल करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
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ईंट भट्टा के भी रजिस्ट्रेशन की जांच जारी
एडिशनल कमिश्नर के मुताबिक जिले के 646 ईंट भट्टा मालिकों ने तो रिटर्न दाखिल किया है, लेकिन 145 ऐसे भट्टा मालिक हैं जिन्होंने वैट से जीएसटी में माइग्रेट नहीं किया है। इनमें अब तक 672 की जांच पूरी कर ली गई है। शेष की जांच भी जल्द पूरी हो जाएगी।
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गोरखपुर में 30,869 नए व्यापारियों ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराया था। नियम के अनुसार सभी को तय सीमा में रिटर्न दाखिल करना था, लेकिन इनमें से काफी संख्या में व्यापारियों ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ा दी, लेकिन इसके बाद भी कई व्यापारियों ने पहल नहीं की।
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वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर विजय कुमार ने बताया कि तय सीमा तक 5,361 व्यापारियों ने रिटर्न फाइल नहीं किया। जांच में 82 मामले संदिग्ध पाए गए। इनमें पूरी से गलत पाए जाने के बाद 33 व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से कैंसल कर दिया गया है। बचे 49 मामलों की जांच चल रही है। ऐसे व्यापारियों के खिलाफ रजिस्ट्रेशन कैंसल करने के साथ ही अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
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ईंट भट्टा के भी रजिस्ट्रेशन की जांच जारी
एडिशनल कमिश्नर के मुताबिक जिले के 646 ईंट भट्टा मालिकों ने तो रिटर्न दाखिल किया है, लेकिन 145 ऐसे भट्टा मालिक हैं जिन्होंने वैट से जीएसटी में माइग्रेट नहीं किया है। इनमें अब तक 672 की जांच पूरी कर ली गई है। शेष की जांच भी जल्द पूरी हो जाएगी।