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सामूहिक विवाह में सर्वधर्म समभाव का नजारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:52 AM IST
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी में सामूहिक विवाह का आयाेजन किया गया।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में रविवार को मौजूद लोगों को सर्वधर्म समभाव की अनुभूति हुई। मंत्रोच्चार से गूंजते पंडाल, शहनाई की मधुर तान और 26वीं वाहिनी पीएसी बैंड की धुन के बीच सनातन, बौद्ध और इस्लामिक रीति रिवाज के बीच 678 जोड़े दांपत्य जीवन में बंधे। एक पंडाल के नीचे विभिन्न धर्मों और जातियों के युवाओं ने जीवन के नए अध्याय की शुरूआत की । इस बीच सीएम योगी ने सभी नवदंपती को शुभकामनाएं और बधाई दीं।
मौका था सामूहिक विवाह समारोह का। प्रदेश सरकार की ओर से उत्तरप्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा संचालित निर्माण कामगार पुत्री विवाह अनुदान योजना के अंतर्गत इसका आयोजन किया गया था। सैकड़ों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के साथ ही समारोह सामाजिक सद्भाव बढ़ाने, ऊंच नीच, छुआछूत के भेदभाव को खत्म करने का संदेश देने और दहेज मुक्त शादी को बढ़ावा देने का भी गवाह बना।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांव पुजाई, लावा छींटने, कन्यादान समेत विभिन्न वैदिक रीति रिवाजों के बीच 603 हिंदू दंपतियों ने एक दूसरे का दामन थामा। वहीं बौद्ध रीति रिवाज से 50 और इस्लामिक रीति रिवाज से 25 जोड़े एक दूसरे के हो गए। श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की भी कार्यक्रम में मौजूदगी रही। उन्होंने पंडाल में घूमकर दांपत्य जीवन में बंधने आए जोड़ों से हालचाल लिया। राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद का कहना था कि एक समय था जब सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने में लोग हिचकते थे, लेकिन रिकार्ड 678 जोड़ों का इस समारोह में शामिल होना बदलते वक्त की तस्वीर पेश कर रहा है। उन्होंने आयोजन को दहेज प्रथा पर चोट करने वाला भी बताया।
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बौद्धाचार्य मोलाई ने 50 जोड़ों के लिए पढ़े मंत्र
महराजगंज निवासी बौद्धाचार्य मोलाई बौद्ध के मंत्रोच्चार के बीच पंडाल में मौजूद बौद्ध धर्म के 50 जोड़ों ने बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के अनुसार वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें अधिकांश जोड़े महराजगंज जिले से आए थे।
मौलाना खैरुद्दीन ने कराया निकाह
रानीडीहा के मौलाना खैरुदीन ने सामूहिक विवाह समारोह में आए 25 जोड़ों को निकाह पढ़ाया।
पीएसी की मधुर धुन ने किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम के दौरान 26वाहिनी बिछिया कैंप के पीएसी बैंड की मधुर धुनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम लीडर हेड कॉस्टेबल सूर्यनारायण राम ने बताया कि आठ लोगों के इस बैंड में सभी हेड कांस्टेबल या फिर सिपाही हैं। आयोजन के बाद सभी सिपाही वाली भूमिका में आ जाएंगे।
गूंजती रही उस्मान और उनकी टीम की शहनाई
उस्मान के नेतृत्व में गोरखनाथ क्षेत्र के मिलन शहनाई के पांच सदस्य पूरे कार्यक्रम के दौरान शहनाई की धुन बजाते रहे।
पांच मुख्य पुरोहित संग 160 ब्राह्मणों ने कराया विवाह
पांच मुख्य पुरोहितों के दिशा-निर्देशन में 160 ब्राह्मणों ने यूनिवर्सिटी प्रांगण में आयोजित सामूहिक विवाह विधिविधान से संपन्न कराया। पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी उनके शिष्य बृजेश कुमार पांडेय और रविंद्र मिश्रा के साथ आचार्य कमल निरौला, बालक दास ने मुख्य मंच से कमान सम्हाली। उनके दिशा-निर्देशन में मंत्रोच्चार के बीच प्रांगण में मौजूद करीब 160 ब्राह्मणों ने विवाह सकुशल संपन्न कराया। एक ब्राह्मण को पांच जोड़ों के विवाह कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
घर बसा, शगुन भी मिला
सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान सरकार के अलावा शहर के सामाजिक संगठनों ने भी नव दंपतियों के लिए शगुन का इंतजाम किया था। दूल्हों को सेहरा, पैंट शर्ट का कपड़ा, गमछा, तो दुल्हनों को चुनरी, श्रृंगार का सामान, सुहाग की साड़ी का सेट, सूटकेस, जयमाला के साथ एक तुलसी जी का पेड़ दिया गया। शादी में कलश, हवन सामग्री, पूजन सामग्री की व्यवस्था शासन की तरफ से की गई थी। सभी जोड़ों को शगुन के तौर पर 68 हजार रुपये भी दिए गए।
‘सशक्त बनें, उत्पीड़न न सहें’
यूनिवर्सिटी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आईं युवतियों को मंच से कई जरूरी जानकारियां भी दी गईं। बताया गया कि उनके साथ किसी तरह का अपराध होता है या उन्हें प्रताड़ित किया जाता है तो वीमेन पॉवर हेल्प लाइन (1090) पर शिकायत करें। दहेज उत्पीड़न, भ्रूण हत्या के लिए दबाव बनाने पर क्या कदम उठाएं, इसके प्रति भी जागरूक किया गया। बताया गया कि महिलाओं को सशक्त होना होगा। तभी उत्पीड़न के मामलों में कमी आएगी।
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मौका था सामूहिक विवाह समारोह का। प्रदेश सरकार की ओर से उत्तरप्रदेश भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के द्वारा संचालित निर्माण कामगार पुत्री विवाह अनुदान योजना के अंतर्गत इसका आयोजन किया गया था। सैकड़ों के जीवन में खुशियों के रंग भरने के साथ ही समारोह सामाजिक सद्भाव बढ़ाने, ऊंच नीच, छुआछूत के भेदभाव को खत्म करने का संदेश देने और दहेज मुक्त शादी को बढ़ावा देने का भी गवाह बना।
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वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पांव पुजाई, लावा छींटने, कन्यादान समेत विभिन्न वैदिक रीति रिवाजों के बीच 603 हिंदू दंपतियों ने एक दूसरे का दामन थामा। वहीं बौद्ध रीति रिवाज से 50 और इस्लामिक रीति रिवाज से 25 जोड़े एक दूसरे के हो गए। श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की भी कार्यक्रम में मौजूदगी रही। उन्होंने पंडाल में घूमकर दांपत्य जीवन में बंधने आए जोड़ों से हालचाल लिया। राज्यमंत्री जय प्रकाश निषाद का कहना था कि एक समय था जब सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने में लोग हिचकते थे, लेकिन रिकार्ड 678 जोड़ों का इस समारोह में शामिल होना बदलते वक्त की तस्वीर पेश कर रहा है। उन्होंने आयोजन को दहेज प्रथा पर चोट करने वाला भी बताया।
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बौद्धाचार्य मोलाई ने 50 जोड़ों के लिए पढ़े मंत्र
महराजगंज निवासी बौद्धाचार्य मोलाई बौद्ध के मंत्रोच्चार के बीच पंडाल में मौजूद बौद्ध धर्म के 50 जोड़ों ने बौद्ध धर्म के रीति रिवाजों के अनुसार वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें अधिकांश जोड़े महराजगंज जिले से आए थे।
मौलाना खैरुद्दीन ने कराया निकाह
रानीडीहा के मौलाना खैरुदीन ने सामूहिक विवाह समारोह में आए 25 जोड़ों को निकाह पढ़ाया।
पीएसी की मधुर धुन ने किया मंत्रमुग्ध
कार्यक्रम के दौरान 26वाहिनी बिछिया कैंप के पीएसी बैंड की मधुर धुनों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। टीम लीडर हेड कॉस्टेबल सूर्यनारायण राम ने बताया कि आठ लोगों के इस बैंड में सभी हेड कांस्टेबल या फिर सिपाही हैं। आयोजन के बाद सभी सिपाही वाली भूमिका में आ जाएंगे।
गूंजती रही उस्मान और उनकी टीम की शहनाई
उस्मान के नेतृत्व में गोरखनाथ क्षेत्र के मिलन शहनाई के पांच सदस्य पूरे कार्यक्रम के दौरान शहनाई की धुन बजाते रहे।
पांच मुख्य पुरोहित संग 160 ब्राह्मणों ने कराया विवाह
पांच मुख्य पुरोहितों के दिशा-निर्देशन में 160 ब्राह्मणों ने यूनिवर्सिटी प्रांगण में आयोजित सामूहिक विवाह विधिविधान से संपन्न कराया। पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी उनके शिष्य बृजेश कुमार पांडेय और रविंद्र मिश्रा के साथ आचार्य कमल निरौला, बालक दास ने मुख्य मंच से कमान सम्हाली। उनके दिशा-निर्देशन में मंत्रोच्चार के बीच प्रांगण में मौजूद करीब 160 ब्राह्मणों ने विवाह सकुशल संपन्न कराया। एक ब्राह्मण को पांच जोड़ों के विवाह कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।
घर बसा, शगुन भी मिला
सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान सरकार के अलावा शहर के सामाजिक संगठनों ने भी नव दंपतियों के लिए शगुन का इंतजाम किया था। दूल्हों को सेहरा, पैंट शर्ट का कपड़ा, गमछा, तो दुल्हनों को चुनरी, श्रृंगार का सामान, सुहाग की साड़ी का सेट, सूटकेस, जयमाला के साथ एक तुलसी जी का पेड़ दिया गया। शादी में कलश, हवन सामग्री, पूजन सामग्री की व्यवस्था शासन की तरफ से की गई थी। सभी जोड़ों को शगुन के तौर पर 68 हजार रुपये भी दिए गए।
‘सशक्त बनें, उत्पीड़न न सहें’
यूनिवर्सिटी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में आईं युवतियों को मंच से कई जरूरी जानकारियां भी दी गईं। बताया गया कि उनके साथ किसी तरह का अपराध होता है या उन्हें प्रताड़ित किया जाता है तो वीमेन पॉवर हेल्प लाइन (1090) पर शिकायत करें। दहेज उत्पीड़न, भ्रूण हत्या के लिए दबाव बनाने पर क्या कदम उठाएं, इसके प्रति भी जागरूक किया गया। बताया गया कि महिलाओं को सशक्त होना होगा। तभी उत्पीड़न के मामलों में कमी आएगी।