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बच्चों के मददगार दरोगा का होगा सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 29 May 2017 08:01 PM IST
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आम तौर पर पुलिस से दरियादिली की उम्मीद नहीं रहती, लेकिन रेलवे चौकी इंचार्ज ने धूप में नंगे पांव घूम रहे बच्चों को न सिर्फ खाना खिलाया बल्कि चप्पलें भी दिर्लाइं। उनकी इस नेक पहल को कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर डाल दिया। अब दरोगा को इस काम के लिए खूब बधाइयां मिल रही हैं। दरोगा की दरियादिली डीजीपी कार्यालय तक भी पहुंच गई। डीजीपी कार्यालय से दरोगा को सम्मानित करने का फैसला किया गया है।
रविवार को रेलवे स्टेशन रोड पर तपती दोपहरी में छह-सात बच्चे भटक रहे थे। वे कूड़ेदानों में अपनी जरूरत का सामान तलाश रहे थे। धूप की वजह से उनके पांव में छाले पड़ गए थे। इसी दौरान गश्त कर रहे कैंट थाने के रेलवे कालोनी चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने बच्चों को बुलाकर एक-एक से बात की। बातचीत में पता चला कि किसी की मां नहीं हैं तो किसी के पिता। उनकी जिंदगी रोजाना कूड़ा बीनने से शुरू होकर उसी पर खत्म हो जाती है। किसी तरह से उन्हें भोजन मिल पाता है। बच्चों ने बताया कि उनके साथ के कई बच्चे नशा भी करते हैं।
बच्चों की बातें सुनने के बाद दरोगा प्रमोद ने पहले सभी को भोजन कराया, फिर सभी बच्चों को नई चप्पलें खरीदकर दीं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने की भी हिदायत दी। साथ ही कहा कि कोई नशा करते हुए मिले तो उन्हेें बताएं।
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रविवार को रेलवे स्टेशन रोड पर तपती दोपहरी में छह-सात बच्चे भटक रहे थे। वे कूड़ेदानों में अपनी जरूरत का सामान तलाश रहे थे। धूप की वजह से उनके पांव में छाले पड़ गए थे। इसी दौरान गश्त कर रहे कैंट थाने के रेलवे कालोनी चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने बच्चों को बुलाकर एक-एक से बात की। बातचीत में पता चला कि किसी की मां नहीं हैं तो किसी के पिता। उनकी जिंदगी रोजाना कूड़ा बीनने से शुरू होकर उसी पर खत्म हो जाती है। किसी तरह से उन्हें भोजन मिल पाता है। बच्चों ने बताया कि उनके साथ के कई बच्चे नशा भी करते हैं।
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बच्चों की बातें सुनने के बाद दरोगा प्रमोद ने पहले सभी को भोजन कराया, फिर सभी बच्चों को नई चप्पलें खरीदकर दीं। उन्होंने बच्चों को नशे से दूर रहने की भी हिदायत दी। साथ ही कहा कि कोई नशा करते हुए मिले तो उन्हेें बताएं।
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