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लापरवाह महाविद्यालयों को लीगल नोटिस की तैयारी
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2016 10:06 PM IST
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शैक्षिक नीति बनाने में मदद के लिए केंद्र सरकार की ओर से मांगे गए ब्यौरे को लेकर महाविद्यालयों की लापरवाही से यूनिवर्सिटी प्रशासन खासा नाराज है। यूनिवर्सिटी ने ऐसे सभी लापरवाह महाविद्यालयों को लीगल नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर सख्ती तब और बढ़ गई जब यूनिवर्सिटी की ओर से इस पर चर्चा के लिए बुलाई गई एग्जिट कांफ्रेंस में ज्यादातर महाविद्यालयों के प्रतिनिधि आमंत्रण के बाद भी नहीं पहुंचे। इनमें सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी के भी महाविद्यालय शामिल हैं।
दरअसल यूनिवर्सिटी ने ऐसे 141 महाविद्यालयों को बुधवार को होने वाले एग्जिट कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था, जिन्होंने एआईएसएसई पोर्टल पर अपना ब्यौरा 21 फरवरी तक अपलोड नहीं किया था। लेकिन कांफ्रेंस में केवल 30 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। इनमें सबसे खराब स्थिति गोरखपुर ओर देवरिया जिले के महाविद्यालयों की रही। गोरखपुर में 31 के मुकाबले आठ और देवरिया में 23 के मुकाबले चार कॉलेजों के प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक के बाद एआईएसएच के नोडल अधिकारी एचएस वाजपेयी ने बताया कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने यह साफ कर दिया है कि जल्द ही इसे लेकर कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी और ऐसे लापरवाह महाविद्यालयों की संबद्धता समाप्त करने के लिए विधिक कार्यवाही के फैसले पर मुहर लगाई जाएगी। जिसमें लीगल नोटिस जारी करते हुए सत्र 2017-18 से लापरवाह महाविद्यालयों की संबद्धता समाप्त करने की कार्यवाही होगी।
कुछ यूं है ब्यौरा ने देने की स्थिति
एआईएसएचई के नोडल अधिकारी डॉ. एचएस वाजपेयी ने बताया कि 2014-15 सत्र में 407 महाविद्यालयों में से 42 महाविद्यालयों ने अभी तक डाटा अपलोड नहीं किया है जबकि 2015-16 में 425 महाविद्यालयों में से 124 महाविद्यालयों का डाटा अभी तक नहीं मिल सका है। प्रतिशत में अपलोड न कर पाने वाले महाविद्यालयों का 2014-15 में 10 तो 15-16 में 27 प्रतिशत है।
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दरअसल यूनिवर्सिटी ने ऐसे 141 महाविद्यालयों को बुधवार को होने वाले एग्जिट कांफ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए बुलाया था, जिन्होंने एआईएसएसई पोर्टल पर अपना ब्यौरा 21 फरवरी तक अपलोड नहीं किया था। लेकिन कांफ्रेंस में केवल 30 महाविद्यालयों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। इनमें सबसे खराब स्थिति गोरखपुर ओर देवरिया जिले के महाविद्यालयों की रही। गोरखपुर में 31 के मुकाबले आठ और देवरिया में 23 के मुकाबले चार कॉलेजों के प्रतिनिधि पहुंचे। बैठक के बाद एआईएसएच के नोडल अधिकारी एचएस वाजपेयी ने बताया कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने यह साफ कर दिया है कि जल्द ही इसे लेकर कार्य परिषद की बैठक बुलाई जाएगी और ऐसे लापरवाह महाविद्यालयों की संबद्धता समाप्त करने के लिए विधिक कार्यवाही के फैसले पर मुहर लगाई जाएगी। जिसमें लीगल नोटिस जारी करते हुए सत्र 2017-18 से लापरवाह महाविद्यालयों की संबद्धता समाप्त करने की कार्यवाही होगी।
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कुछ यूं है ब्यौरा ने देने की स्थिति
एआईएसएचई के नोडल अधिकारी डॉ. एचएस वाजपेयी ने बताया कि 2014-15 सत्र में 407 महाविद्यालयों में से 42 महाविद्यालयों ने अभी तक डाटा अपलोड नहीं किया है जबकि 2015-16 में 425 महाविद्यालयों में से 124 महाविद्यालयों का डाटा अभी तक नहीं मिल सका है। प्रतिशत में अपलोड न कर पाने वाले महाविद्यालयों का 2014-15 में 10 तो 15-16 में 27 प्रतिशत है।
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