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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत सप्ताह का दूसरा दिन
गोरखप़ुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:44 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन भौतिक विज्ञान विभाग की ओर से व्याख्यान का आयोजन किया गया। ‘अकल्टेशन ऑफ ऑवर मून व्हाइल ड्रिफ्टिंग इन स्काई’ विषय पर संवाद भवन में हुई कार्यशाला में लोगों ने चांद-सितारों के बीच होने वाली लुकाछिपी का राज जाना।
बतौर मुख्य वक्ता प्रो. जेपी चतुर्वेदी ने बताया कि जब चंद्रमा अपने स्थान से हटता है तो उसके पीछे सुदूर स्थित ग्रह-तारे, निहारिकाएं, मंदाकिनियां कुछ देर के लिए हमारी आंखों से ओझल हो जाती हैं। कभी-कभी वो मिनटों में तो कभी-कभी घंटों बाद दिखाई देती हैं।
उन्होंने बताया कि इसी तरह ग्रहों के भी क्रमिक रूप से छुपने और फिर प्रकट होने का भ्रम होता है। व्याख्यान में रोचकता लाने के लिए प्रो. चतुर्वेदी ने चांद-तारों के इस खेल को बचपन की आंख-मिचौली के उदाहरण से समझाया। उन्होंने कहा कि आकाश में खगोलीय पिंडों में सदैव लुकाछिपी को खेल वैसे ही होता है जैसे हम बचपन में खेलते रहते हैं।
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इस मौके पर उन्होंने कई स्लाइडें भी दिखाईं। इससे पहले विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी ने प्रो. चतुर्वेदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह के गुरु भी रहे हैं। व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने विषय को जरूरी और कौतूहल भरा बताया। संचालन प्रो. शांतनु रस्तोगी और आभार ज्ञापन प्रो. मिहिर रायचौधरी ने किया। इस दौरान प्रो. एचएस शुक्ल समेत यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।
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बतौर मुख्य वक्ता प्रो. जेपी चतुर्वेदी ने बताया कि जब चंद्रमा अपने स्थान से हटता है तो उसके पीछे सुदूर स्थित ग्रह-तारे, निहारिकाएं, मंदाकिनियां कुछ देर के लिए हमारी आंखों से ओझल हो जाती हैं। कभी-कभी वो मिनटों में तो कभी-कभी घंटों बाद दिखाई देती हैं।
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उन्होंने बताया कि इसी तरह ग्रहों के भी क्रमिक रूप से छुपने और फिर प्रकट होने का भ्रम होता है। व्याख्यान में रोचकता लाने के लिए प्रो. चतुर्वेदी ने चांद-तारों के इस खेल को बचपन की आंख-मिचौली के उदाहरण से समझाया। उन्होंने कहा कि आकाश में खगोलीय पिंडों में सदैव लुकाछिपी को खेल वैसे ही होता है जैसे हम बचपन में खेलते रहते हैं।
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इस मौके पर उन्होंने कई स्लाइडें भी दिखाईं। इससे पहले विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी ने प्रो. चतुर्वेदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि गृह मंत्री राजनाथ सिंह के गुरु भी रहे हैं। व्याख्यान की अध्यक्षता कर रहे यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने विषय को जरूरी और कौतूहल भरा बताया। संचालन प्रो. शांतनु रस्तोगी और आभार ज्ञापन प्रो. मिहिर रायचौधरी ने किया। इस दौरान प्रो. एचएस शुक्ल समेत यूनिवर्सिटी के शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।