फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   glimpse

मुबारक खां मस्जिद में मलेशिया की झलक

Sat, 13 May 2017 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 May 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
मुबारक खां शहीद की दरगाह यूं तो जियारत के लिए पूर्वांचल में खास पहचान रखती है लेकिन अब इबादत के लिए भी यहां बेहतरीन इंतजाम होने जा रहा है। दरगाह पर इबादत के लिए बनाई गई मस्जिद जल्द ही मलेशिया की राजधानी क्वालालांपुर की मस्जिद सी दिखेगी। इसके कायाकल्प का काम तेजी से जारी है। इबादत के लिए यहां पहुंचने वालों को मस्जिद का इंटीरियर खूब लुभा रहा है। 
विज्ञापन

शहर के नार्मल इलाके में दरगाह हजरत मुबारक खां की पुरानी मस्जिद को मलेशिया की जामा मस्जिद अबू की तर्ज पर संवारा जा रहा है। पिछले छह माह से नफीस खान और उनकी टीम इस काम में लगी हुई है। रमजान तक इसे मुकम्मल करना है। मस्जिद पूरी तरह एयरकंडीशंड बनाई जा रही है। इंटीरियर में जगह-जगह शीशे का इस्तेमाल किया गया है। इससे अंदर की लाइटें जलते ही मस्जिद रौशनी से नहा उठती है। मस्जिद में पहुंच रहे अकीदतमंद इसे गोरखपुर ही नहीं पूर्वांचल की सबसे खूबसूरत मस्जिद का खिताब दे रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि ऐसी दूसरी मस्जिद गोरखपुर में नहीं हैं। इस मस्जिद की सुंदरता में चार चांद लगाने में मार्बल का भी खूब इस्तेमाल किया गया है। इस मस्जिद को सजाने में संगमरमर पत्थर, क्रिस्टल और प्लाईवुड आदि का प्रयोग किया गया है। दरगाह के मुतवल्ली इकरार अहमद ने बताया कि मस्जिद के लिए कालीन विदेश से मंगाया जा रहा हैं। उन्होंने बताया कि मस्जिद की साज-सज्जा में करीब 20-25 लाख रुपये खर्च आया है। उन्होंने बताया कि यहां की मस्जिद अब मलेशिया की मस्जिद से भी बेहतर नजर आ रही है।
विज्ञापन

यह भी जानें

- दरगाह मुबारक खां शहीद गोरखपुर में मुसलमानों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है
- यह दरगाह सैकड़ों सालों पुरानी हैं।
- यहां की मस्जिद में एक बार में करीब 500 से अधिक लोग एक साथ नमाज़ पढ़ सकते हैं
- यहीं पास में मदरसा फैजाने मुबारक खां शहीद है
- यहीं गोरखपुर की सबसे पुरानी ईदगाह भी है, इसी ईदगाह को देखकर मुंशी प्रेमचंद ने ईदगाह जैसी कालजयी रचना लिखीं थी
- गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल देती है यह दरगाह
- ईद बाद दरगाह पर उर्स मनाया जाता है और बड़ा मेला लगता है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed