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दूसरे रूट पर चल दी जनसाधारण एक्सप्रेस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 29 Oct 2016 12:39 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
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आनंद विहार से सहरसा जाने वाली जनसाधारण साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन शुक्रवार को गोरखपुर कैंट स्टेशन से गलत रूट पर चली गई। नरकटियागंज जाने वाली इस ट्रेन को देवरिया रूट पर रवाना कर दिया गया। ऐसे में यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कई यात्री ट्रेन से कूद गए और कुछ को चोटें भी आईं। बाद में ट्रेन को बैक कर नरकटियागंज की ओर भेजा गया।
आनंद विहार- सहरसा जनसाधारण एक्सप्रेस शुक्रवार को करीब तीन घंटा 10 मिनट की देरी से शाम 5.50 बजे गोरखपुर पहुंची। यह ट्रेन जंक्शन से 6.05 बजे रवाना हुई। गोरखपुर कैंट स्टेशन पर इसे लाइन नंबर एक, दो या तीन पर जाना था। इन्हीं लाइनों से ट्रेनें नरकटियागंज रूट पर जाती हैं लेकिन जनसाधारण एक्सप्रेस लाइन नंबर पांच पर पहुंच गई और वहां से उसे देवरिया सदर रूट पर जाने का सिग्नल भी मिल गया। ट्रेन जब सिग्नल कारखाने के पास पहुंची तो यात्रियों में खलबली मच गई। पहले तो लोगों ने सोचा कि कहीं वे गलत ट्रेन में तो नहीं बैठ गए हैं। कई यात्री तो ट्रेन से कूद गए। इनमें से कई चुटहिल हो गए।
यात्रियों में मची अफरातफरी देख स्टेशन प्रबंधन को भी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद ट्रेन को बैक कर लाइन नंबर दो पर लाकर कप्तानगंज की ओर रवाना किया गया। इसके चलते यह ट्रेन करीब एक घंटा और विलंबित हो गई। ट्रेन के गलत रूट पर भेजे जाने की जानकारी होने पर यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा भी किया।
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पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए आरआरआई केबिन में तैनात स्टेशन मास्टर सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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आनंद विहार- सहरसा जनसाधारण एक्सप्रेस शुक्रवार को करीब तीन घंटा 10 मिनट की देरी से शाम 5.50 बजे गोरखपुर पहुंची। यह ट्रेन जंक्शन से 6.05 बजे रवाना हुई। गोरखपुर कैंट स्टेशन पर इसे लाइन नंबर एक, दो या तीन पर जाना था। इन्हीं लाइनों से ट्रेनें नरकटियागंज रूट पर जाती हैं लेकिन जनसाधारण एक्सप्रेस लाइन नंबर पांच पर पहुंच गई और वहां से उसे देवरिया सदर रूट पर जाने का सिग्नल भी मिल गया। ट्रेन जब सिग्नल कारखाने के पास पहुंची तो यात्रियों में खलबली मच गई। पहले तो लोगों ने सोचा कि कहीं वे गलत ट्रेन में तो नहीं बैठ गए हैं। कई यात्री तो ट्रेन से कूद गए। इनमें से कई चुटहिल हो गए।
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यात्रियों में मची अफरातफरी देख स्टेशन प्रबंधन को भी गलती का एहसास हुआ। इसके बाद ट्रेन को बैक कर लाइन नंबर दो पर लाकर कप्तानगंज की ओर रवाना किया गया। इसके चलते यह ट्रेन करीब एक घंटा और विलंबित हो गई। ट्रेन के गलत रूट पर भेजे जाने की जानकारी होने पर यात्रियों ने स्टेशन पर हंगामा भी किया।
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पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए आरआरआई केबिन में तैनात स्टेशन मास्टर सतीश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।