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बाल साहित्य की तीन नई पुस्तकें ला रहा गीताप्रेस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 18 May 2017 01:26 AM IST
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गीताप्रेस गोरखपुर।
- फोटो : Amar Ujala
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गीताप्रेस चित्रों के सहारे बच्चों को भारतीय संस्कृति से रूबरू कराने के लिए तीन नई किताबें छापने जा रहा है। हाल ही में पांच रंगीन चित्रों वाली पांच किताबों का सेट गीताप्रेस ने बाजार में उतारकर बाल साहित्य के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई थी। अब इस कड़ी में तीन नई किताबों के प्रकाशन का काम संस्था ने शुरू किया है।
गीताप्रेस ने इन पुस्तकों की डमी छापी है। इसकी प्रूफ रीडिंग का काम चल रहा है। इसी माह इन पुस्तकों की छपाई करने की तैयारी है। ये पुस्तकें कवर छोड़कर 32 पेज की हैं। कवर से लेकर भीतर तक कहानियों से जुड़े रंगीन चित्र छापे गए हैं। पुस्तकों के भीतर के पेज आर्ट पेपर पर छापने की योजना है ताकि पुस्तकों में इस्तेमाल किए गए चित्र उभर सकें और बच्चे इन्हें देखकर कहानियां पढ़ने के लिए आकर्षित हों। उत्पाद प्रबंधक लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों का हिंदू संस्कृति से परिचय कराने एवं उन्हें संस्कारवान बनाने की दिशा में गीताप्रेस ने हाल ही में पांच पुस्तकों का सेट बाजार में उतारा था। इसी कड़ी में रंगीन चित्रों वाली बाल साहित्य की तीन नई पुस्तकें छपने जा रही हैं। जल्द ही ये पुस्तकें बाजार में उतारी जाएंगी।
सीएम तक भी पहुंचा था किताबों का सेट
आदर्श बाल कथाएं, आदर्श बाल कहानियां आदि नाम वाला बालसाहित्य अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया गया था। पांच किताबों का यह सेट गीताप्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को भेंट किया था। यह सब सीएम की ओर से बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए स्कूलों के पाठ्यक्रमों में सुधार की जरूरत जताने के क्रम में हुआ था। गीताप्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मिलकर उन्हें गीताप्रेस की किताबें भेंट करते हुए सुझाव दिया था कि इन पुस्तकों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करके बच्चों को संस्कारवान बनाया जा सकता है। सीएम ने पुस्तकों को अपने पास रखकर प्रतिनिधिमंडल से इस संबंध में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था।
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गीताप्रेस ने इन पुस्तकों की डमी छापी है। इसकी प्रूफ रीडिंग का काम चल रहा है। इसी माह इन पुस्तकों की छपाई करने की तैयारी है। ये पुस्तकें कवर छोड़कर 32 पेज की हैं। कवर से लेकर भीतर तक कहानियों से जुड़े रंगीन चित्र छापे गए हैं। पुस्तकों के भीतर के पेज आर्ट पेपर पर छापने की योजना है ताकि पुस्तकों में इस्तेमाल किए गए चित्र उभर सकें और बच्चे इन्हें देखकर कहानियां पढ़ने के लिए आकर्षित हों। उत्पाद प्रबंधक लालमणि त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों का हिंदू संस्कृति से परिचय कराने एवं उन्हें संस्कारवान बनाने की दिशा में गीताप्रेस ने हाल ही में पांच पुस्तकों का सेट बाजार में उतारा था। इसी कड़ी में रंगीन चित्रों वाली बाल साहित्य की तीन नई पुस्तकें छपने जा रही हैं। जल्द ही ये पुस्तकें बाजार में उतारी जाएंगी।
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सीएम तक भी पहुंचा था किताबों का सेट
आदर्श बाल कथाएं, आदर्श बाल कहानियां आदि नाम वाला बालसाहित्य अप्रैल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाया गया था। पांच किताबों का यह सेट गीताप्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को भेंट किया था। यह सब सीएम की ओर से बच्चों को संस्कारित बनाने के लिए स्कूलों के पाठ्यक्रमों में सुधार की जरूरत जताने के क्रम में हुआ था। गीताप्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम से मिलकर उन्हें गीताप्रेस की किताबें भेंट करते हुए सुझाव दिया था कि इन पुस्तकों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करके बच्चों को संस्कारवान बनाया जा सकता है। सीएम ने पुस्तकों को अपने पास रखकर प्रतिनिधिमंडल से इस संबंध में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था।
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