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यूपी: अब यहां मरीजों को मिलेगी निशुल्क डायलिसिस की सुविधा, योगी सरकार ने दिया तोहफा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:39 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के जिला अस्पताल परिसर में स्थापित डायलसिस यूनिट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि देश के लोगों को स्वस्थ और निरोगी बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अति महत्वपूर्ण योजना 'आयुष्मान भारत' का लाभ 10 करोड़ लोगों को मिलेगा। जिसके तहत 5 लाख तक का खर्च सरकार उठाएगी।
जिला अस्पताल में अब होगा निःशुल्क डायलिसिस
पीपीपी मॉडल में बने डायलिसिस केंद्र का सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया। गुर्दा रोगियो के लिए गोरखपुर के जिला अस्पताल में 10 बेड का निःशुल्क डायलिसिस केंद्र की स्थापना की गई है।
आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश सरकार व हेरिटेज हॉस्पिटल लिमिटेड वाराणसी द्वारा पीपीपी प्रोजेक्ट के अंतर्गत संचालित डायलिसिस सेंटर में 10 बेड रखे गए हैं। एक मरीज के डायलिसिस में लगभग 4 घंटे लगते है। इस हिसाब से 30 मरीजो का एक दिन में डायलिसिस किया जा सकेगा। गुर्दा रोगियो का जहां बाहर 3 से 4 हजार रुपये देकर डायलिसिस करना पड़ता था। अब वह जिला अस्पताल ने निःशुल्क डायलिसिस करा सकते हैं।
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जिला अस्पताल में अब होगा निःशुल्क डायलिसिस
पीपीपी मॉडल में बने डायलिसिस केंद्र का सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया। गुर्दा रोगियो के लिए गोरखपुर के जिला अस्पताल में 10 बेड का निःशुल्क डायलिसिस केंद्र की स्थापना की गई है।
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आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश सरकार व हेरिटेज हॉस्पिटल लिमिटेड वाराणसी द्वारा पीपीपी प्रोजेक्ट के अंतर्गत संचालित डायलिसिस सेंटर में 10 बेड रखे गए हैं। एक मरीज के डायलिसिस में लगभग 4 घंटे लगते है। इस हिसाब से 30 मरीजो का एक दिन में डायलिसिस किया जा सकेगा। गुर्दा रोगियो का जहां बाहर 3 से 4 हजार रुपये देकर डायलिसिस करना पड़ता था। अब वह जिला अस्पताल ने निःशुल्क डायलिसिस करा सकते हैं।
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मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिला अस्पताल में 10 बेड की यह यूनिट बनाई गई है जिसमें प्रतिदिन 30 मरीजों को यह सुविधा मिलेगी वह भी मुफ्त।
पीपीपी मॉडल पर संचालित इस यूनिट की देखभाल का पूरा जिम्मा वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल को मिला है। इस यूनिट के खुल जाने से ऐसे मरीजों को लाभ मिल जाएगा जो गरीबी में अपनी किडनी का इलाज नहीं करा पाते थे।
यहां प्रतिदिन 30 मरीजों का इलाज होगा। उन्होंने कहा कि इस इलाज में मरीज को एडमिशन से लेकर दवा तक के लिए एक भी पैसा नहीं देना होगा। इससे अब लोगों को प्राइवेट अस्पताल की ओर नहीं भागना पड़ेगा जहां इसके इलाज के लिए कम से कम 3 से 4 हजार प्रति जांच खर्च करना पड़ता था।
इस दौरान सीएम ने सरकार की नीतियों के बारे में कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के 75 जिलों में ऐसी ही सुविधा दी जाए क्योंकि गुर्दा रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। इस यूनिट में एक इंचार्च समेत 10 का स्टॉफ काम करेगा जो पूरी तरह प्रशिक्षित हैं।
सीएम के हाथों उदघाटन के बाद अधिकारी सक्रिय हैं और इसके संचालन का जिम्मा उठा रही वाराणसी की संस्था हेरिटेज प्राइवेट इंडिया के अधिकारियों के साथ सभी बारीकियों पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
पीपीपी मॉडल पर संचालित इस यूनिट की देखभाल का पूरा जिम्मा वाराणसी के हेरिटेज अस्पताल को मिला है। इस यूनिट के खुल जाने से ऐसे मरीजों को लाभ मिल जाएगा जो गरीबी में अपनी किडनी का इलाज नहीं करा पाते थे।
यहां प्रतिदिन 30 मरीजों का इलाज होगा। उन्होंने कहा कि इस इलाज में मरीज को एडमिशन से लेकर दवा तक के लिए एक भी पैसा नहीं देना होगा। इससे अब लोगों को प्राइवेट अस्पताल की ओर नहीं भागना पड़ेगा जहां इसके इलाज के लिए कम से कम 3 से 4 हजार प्रति जांच खर्च करना पड़ता था।
इस दौरान सीएम ने सरकार की नीतियों के बारे में कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश के 75 जिलों में ऐसी ही सुविधा दी जाए क्योंकि गुर्दा रोग के मरीज बढ़ रहे हैं। इस यूनिट में एक इंचार्च समेत 10 का स्टॉफ काम करेगा जो पूरी तरह प्रशिक्षित हैं।
सीएम के हाथों उदघाटन के बाद अधिकारी सक्रिय हैं और इसके संचालन का जिम्मा उठा रही वाराणसी की संस्था हेरिटेज प्राइवेट इंडिया के अधिकारियों के साथ सभी बारीकियों पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।