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चार और मरीजों की इंसेफेलाइटिस से मौत
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 10 Sep 2016 07:39 PM IST
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इंसेफेलाइटिस।
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बीते 24 घंटे के भीतर मेडिकल कॉलेज में चार और मरीजों की इंसेफेलाइटिस से मौत हो गई। वहीं दस नए मरीज इलाज के लिए भर्ती किए गए हैं। सर्वाधिक मरीज गोरखपुर और कुशीनगर के भर्ती किए गए हैं। जनवरी से अब तक 231 मरीजों की मौत इंसेफेलाइटिस से हो चुकी है।
पूर्वांचल के लिए महामारी बनी इंसेफेलाइटिस से मौतों का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है। शासन से प्रशासन तक इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं मगर मौतों को नहीं रोक पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज न होने की बात कहते हैं तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर रात में सीनियर डॉक्टर न होने को मौत की वजह बताते हैं।
मरने वालों में बिहार के अरुण पुत्र उमेश, देवरिया के सागरपुत्र गुन्नेलाल और महेंद्र गुप्ता बलिया के रोहित यादव पुत्र सुखपुरा की मौत हो गई। गोरखपुर के तीन, कुशीनगर के तीन, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर के एक-एक मरीज भर्ती किए गए हैं। जनवरी से अब तक 231 मरीजों की मौत हो चुकी है। 148 मरीजों का उपचार चल रहा है।
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पूर्वांचल के लिए महामारी बनी इंसेफेलाइटिस से मौतों का सिलसिला नहीं रुक पा रहा है। शासन से प्रशासन तक इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं मगर मौतों को नहीं रोक पा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज न होने की बात कहते हैं तो स्वास्थ्य विभाग के अफसर रात में सीनियर डॉक्टर न होने को मौत की वजह बताते हैं।
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मरने वालों में बिहार के अरुण पुत्र उमेश, देवरिया के सागरपुत्र गुन्नेलाल और महेंद्र गुप्ता बलिया के रोहित यादव पुत्र सुखपुरा की मौत हो गई। गोरखपुर के तीन, कुशीनगर के तीन, देवरिया, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर के एक-एक मरीज भर्ती किए गए हैं। जनवरी से अब तक 231 मरीजों की मौत हो चुकी है। 148 मरीजों का उपचार चल रहा है।
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