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कैंट थाने में दर्ज होंगे नकली करेंसी के केस, बनेगा नोडल थाना
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कैंट थाने में दर्ज होंगे नकली करेंसी से जुड़े केस
गोरखपुर। कैंट थाने में जल्द ही नकली करेंसी से जुड़े केस दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए इसको नोडल थाना बनाया गया है। इसको एफआईसीएन (फेक इंडियन करेंसी नोट) पुलिस स्टेशन के रूप में भी जाना जाएगा। नकली करेंसी से जुड़े मामलों में यहां तैनात एक्सपर्ट इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी तहकीकात करेंगे। नेपाल से सटे होने के कारण गोरखपुर जोन के कई जिलों में नकली करेंसी के मामले अक्सर आते हैं। ऐसे मामलों में ठीक से कार्रवाई करने के लिए ऐसी व्यवस्था शुरू होने जा रही है।
बाजार में नकली करेंसी को रोकने और उससे जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेश के हर जिले में एक नोडल थाना बनाया जाएगा। नोडल थाने के इंस्पेक्टर, दरोगा और दो सिपाहियों को इसके लिए लखनऊ में आरबीआई की ओर से सात जुलाई को तीन घंटे की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई। यह कवायद केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश के बाद की जा रही है। इसके लिए यूपी एटीएस के एडीजी असीम अरुण ने निर्देश जारी कर दिए हैं। सर्वप्रथम पहले चरण में गोरखपुर जोन के जिलों में नोडल थानों का चयन कर लिया गया है। शासन का मानना है कि सामान्य रूप से नकली करेंसी के जानकारी के अभाव में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती है और कुछ मामलों में मुकदमा दर्ज नहीं हो पाता। नोडल थाना बनने के बाद नकली करेंसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो पाएगी।
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इन जिलों के ये थाने नोडल के लिए चयनित
गोरखपुर का कैंट, कुशीनगर में पडरौना कोतवाली थाना, देवरिया में कोतवाली, महराजगंज में सोनौली, बस्ती में कोतवाली, सिद्धार्थनगर में सदर और संतकबीरनगर में खलीलाबाद थाना शामिल हैं।
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शासन के निर्देश पर नोडल थानों का चयन किया गया है। इन्हें लखनऊ में प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। जल्द ही थाने नोडल के रूप में नकली करेंसी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
- दावा शेरपा, एडीजी
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गोरखपुर। कैंट थाने में जल्द ही नकली करेंसी से जुड़े केस दर्ज किए जाएंगे। इसके लिए इसको नोडल थाना बनाया गया है। इसको एफआईसीएन (फेक इंडियन करेंसी नोट) पुलिस स्टेशन के रूप में भी जाना जाएगा। नकली करेंसी से जुड़े मामलों में यहां तैनात एक्सपर्ट इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी तहकीकात करेंगे। नेपाल से सटे होने के कारण गोरखपुर जोन के कई जिलों में नकली करेंसी के मामले अक्सर आते हैं। ऐसे मामलों में ठीक से कार्रवाई करने के लिए ऐसी व्यवस्था शुरू होने जा रही है।
बाजार में नकली करेंसी को रोकने और उससे जुड़े मामलों में प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रदेश के हर जिले में एक नोडल थाना बनाया जाएगा। नोडल थाने के इंस्पेक्टर, दरोगा और दो सिपाहियों को इसके लिए लखनऊ में आरबीआई की ओर से सात जुलाई को तीन घंटे की विशेष ट्रेनिंग भी दी गई। यह कवायद केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देश के बाद की जा रही है। इसके लिए यूपी एटीएस के एडीजी असीम अरुण ने निर्देश जारी कर दिए हैं। सर्वप्रथम पहले चरण में गोरखपुर जोन के जिलों में नोडल थानों का चयन कर लिया गया है। शासन का मानना है कि सामान्य रूप से नकली करेंसी के जानकारी के अभाव में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाती है और कुछ मामलों में मुकदमा दर्ज नहीं हो पाता। नोडल थाना बनने के बाद नकली करेंसी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो पाएगी।
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इन जिलों के ये थाने नोडल के लिए चयनित
गोरखपुर का कैंट, कुशीनगर में पडरौना कोतवाली थाना, देवरिया में कोतवाली, महराजगंज में सोनौली, बस्ती में कोतवाली, सिद्धार्थनगर में सदर और संतकबीरनगर में खलीलाबाद थाना शामिल हैं।
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शासन के निर्देश पर नोडल थानों का चयन किया गया है। इन्हें लखनऊ में प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। जल्द ही थाने नोडल के रूप में नकली करेंसी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
- दावा शेरपा, एडीजी