{"_id":"589f2d044f1c1b8a5f37a119","slug":"election-commission-demonds-the-report-of-those-policeman-whose-relatives-are-stabding-in-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैदान में हों पुलिसवालों के अपने तो दें रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैदान में हों पुलिसवालों के अपने तो दें रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 12 Feb 2017 01:51 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव आयोग ने ऐसे पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की रिपोर्ट मांगी है जिनके सगे संबंधी चुनाव मैदान में हैं। आदेश आने के बाद आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने सभी जिले के एसएसपी, एसपी से रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आयोग की ओर लगातार सूचनाएं मांगकर कार्रवाई की जा रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिसवालों के तबादले होंगे।
विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशियों के सगे संबंधी पुलिसवाले उनके मददगार न बन जाए इसे लेकर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिसवालों के नाम पते का सत्यापन पहले ही हो चुका है अब प्रत्याशियों से उनके संबंध पर नजर दौड़ाई जा रही है। रिपोर्ट मांगे जाने के बाद ऐसे सभी पुलिस कर्मियों के रिकॉर्ड भी जुटाए जा रहे हैं जिनके करीबी या रिश्तेदार मैदान में हैं। रिपोर्ट आयोग तक पहुंचने के बाद इनका तबादला तय माना जा रहा है। हालांकि, रिश्तेदार में कौन-कौन से लोग आएंगे इसे बहुत साफ नहीं किया गया है जिस वजह से रिपोर्ट तैयार करने में थोड़ी ऊहापोह की स्थिति भी बनी है।
पिछला चुनाव कराने वाले का भी मांगा ब्योरा
चुनाव आयोग ने वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वर्तमान तैनाती वाले जिले में रहने वाले अफसरों का भी ब्योरा मांगा है। अफसर से लेकर दरोगा, सिपाही तक की भी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने उन सभी दरोगाओं की लिस्ट तलब की है जो एक जिले में तीन साल से तैनात हैं। पूर्व के चुनावों में उनकी तैनाती बतौर एसओ रही है। इसके पूर्व आयोग के निर्देश पर इंस्पेक्टर के तबादले किए जा चुके हैं। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि इस संबंध में सभी जिलों के अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे प्रत्याशियों के सगे संबंधी पुलिसवाले उनके मददगार न बन जाए इसे लेकर पैनी नजर रखी जा रही है। पुलिसवालों के नाम पते का सत्यापन पहले ही हो चुका है अब प्रत्याशियों से उनके संबंध पर नजर दौड़ाई जा रही है। रिपोर्ट मांगे जाने के बाद ऐसे सभी पुलिस कर्मियों के रिकॉर्ड भी जुटाए जा रहे हैं जिनके करीबी या रिश्तेदार मैदान में हैं। रिपोर्ट आयोग तक पहुंचने के बाद इनका तबादला तय माना जा रहा है। हालांकि, रिश्तेदार में कौन-कौन से लोग आएंगे इसे बहुत साफ नहीं किया गया है जिस वजह से रिपोर्ट तैयार करने में थोड़ी ऊहापोह की स्थिति भी बनी है।
विज्ञापन
पिछला चुनाव कराने वाले का भी मांगा ब्योरा
चुनाव आयोग ने वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वर्तमान तैनाती वाले जिले में रहने वाले अफसरों का भी ब्योरा मांगा है। अफसर से लेकर दरोगा, सिपाही तक की भी रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने उन सभी दरोगाओं की लिस्ट तलब की है जो एक जिले में तीन साल से तैनात हैं। पूर्व के चुनावों में उनकी तैनाती बतौर एसओ रही है। इसके पूर्व आयोग के निर्देश पर इंस्पेक्टर के तबादले किए जा चुके हैं। आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि इस संबंध में सभी जिलों के अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन