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डॉक्टरों ने निकाला मौन जुलूस, किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 01 Jul 2016 07:15 PM IST
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क्लिनिकल रजिस्ट्रेशन एक्ट के विरोध चेतना तिराहे से रैली निकालते डाक्टर।
- फोटो : shivharsh
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क्लीनिकल रजिस्ट्रेशन एक्ट के विरोध में शुक्रवार को डॉक्टरों ने मौन जुलूस निकालकर चेतना तिराहे प्रदर्शन किया और सरकार से एक्ट को वापस लेने की मांग की।
बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2010 में क्लीनिकल रजिस्ट्रेशन एक्ट को मंजूरी दी थी, तभी से प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकार ने इस वर्ष उक्त कानून को लागू कर दिया। इसके विरोध में डॉक्टर्स डे पर शुक्रवार को आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के बैनर तले डॉक्टर चेतना तिराहे पर एकजुट हुए और चेतना तिराहे से जुलूस निकालकर कचहरी चौक और टाउनहाल स्थित गांधी प्रतिमा से होते हुए वापस चेतना तिराहे पर पहुंचे, जहां पर आईएमए के महासचिव डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस कानून के लागू होने से मरीजों का इलाज कई गुना मंहगा हो जाएगा। इसके अलावा लालफीताशाही को भी बढ़ावा मिलेगा।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि देश में पहले से ही आठ लाख डॉक्टर व 20 लाख पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी है। नए कानून से छोटे अस्पताल, एकल चिकित्सक क्लीनिक व पैथोलॉजी सेंटर बंद हो जाएंगे। डॉक्टरों ने अपनी मांगों से संबंधित एक पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को भेजा है।
इस दौरान डॉ. देवेश गुप्ता, डॉ. रोहित श्रीवास्तव, डॉ. रश्मी श्रीवास्तव, डॉ. एके पांडेय, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. डीके राय, डॉ. जीएन लाल, डॉ. अनिल श्रीवास्तव के अलावा दंत चिकित्सक संघ, नर्सिंग होम एसोसिएशन और मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2010 में क्लीनिकल रजिस्ट्रेशन एक्ट को मंजूरी दी थी, तभी से प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टर इसका विरोध कर रहे हैं। राज्य सरकार ने इस वर्ष उक्त कानून को लागू कर दिया। इसके विरोध में डॉक्टर्स डे पर शुक्रवार को आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के बैनर तले डॉक्टर चेतना तिराहे पर एकजुट हुए और चेतना तिराहे से जुलूस निकालकर कचहरी चौक और टाउनहाल स्थित गांधी प्रतिमा से होते हुए वापस चेतना तिराहे पर पहुंचे, जहां पर आईएमए के महासचिव डॉ. वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस कानून के लागू होने से मरीजों का इलाज कई गुना मंहगा हो जाएगा। इसके अलावा लालफीताशाही को भी बढ़ावा मिलेगा।
बालरोग विशेषज्ञ डॉ. आरएन सिंह ने कहा कि देश में पहले से ही आठ लाख डॉक्टर व 20 लाख पैरामेडिकल स्टॉफ की कमी है। नए कानून से छोटे अस्पताल, एकल चिकित्सक क्लीनिक व पैथोलॉजी सेंटर बंद हो जाएंगे। डॉक्टरों ने अपनी मांगों से संबंधित एक पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को भेजा है।
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इस दौरान डॉ. देवेश गुप्ता, डॉ. रोहित श्रीवास्तव, डॉ. रश्मी श्रीवास्तव, डॉ. एके पांडेय, डॉ. अमित मिश्रा, डॉ. संदीप गुप्ता, डॉ. इमरान अख्तर, डॉ. डीके राय, डॉ. जीएन लाल, डॉ. अनिल श्रीवास्तव के अलावा दंत चिकित्सक संघ, नर्सिंग होम एसोसिएशन और मेडिकल रिप्रजेंटेटिव एसोसिएशन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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