{"_id":"948c3f12023256e4269f620c3a1284ca","slug":"do-registeration-online-of-your-property-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब घर बैठे संपत्ति का बैनामा कराएं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब घर बैठे संपत्ति का बैनामा कराएं
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Feb 2016 08:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी रजिस्ट्री दफ्तरों को कंप्यूटरीकृत करने के बाद अब शासन की मंशा पेपरलेस वर्किंग की सभ्यता स्थापित करने की है। इस दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। महकमे के अफसरों- कर्मचारियों की पूरी जानकारी ऑनलाइन करने की कवायद के बीच अब स्टांप की व्यवस्था खत्म करने और ऑनलाइन बैनामे की भी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है।
इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही या साइबर कैफे पर चंद रुपये खर्च कर संपत्ति का बैनामा कर सकेगा। यानि रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर लगाने से अब राहत मिल जाएगी। ऑनलाइन बैनामे को लेकर शासन में तैयारी तेज होने की एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने भी पुष्टि की है।
शासन में निबंधन महकमे की तरफ से एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर में बैनामे की डीड के प्रोफार्मे के अलावा 12 साल तक संबंधित जमीन को लेकर कोर्ट में चलने वाले विवाद की भी जानकारी दर्ज रहेगी। इसी तरह सॉफ्टवेयर में सर्किल रेट भी लोड किया जाएगा, जिसकी मदद से स्टांप ड्यूटी का आकलन किया जा सकेगा। इस आकलन के बाद बैनामा कराने वाले बैंक में स्टांप ड्यूटी की रकम जमा करेगा। वहां से एक कोड मिलेगा जिसका जिक्र डीड में करना होगा। इसी कोड की मदद से महकमे के अफसर भी यह जांच सकेंगे कि संबंधित बैनामे के लिए मानक के मुताबिक स्टांप ड्यूटी जमा की गई है या नहीं। बैनामा कराने वाले को सिर्फ अंगूठा और फोटो खिंचवाने के लिए ही रजिस्ट्री दफ्तर जाना होगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्री महकमे से मिली जानकारी के मुताबिक इस व्यवस्था को लागू करने के पहले सभी खतौनी को खातेधारक के आधार से जोड़ा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राजस्व प्रशासन को दी जाएगी।
विज्ञापन
इस व्यवस्था के तहत कोई भी व्यक्ति घर बैठे ही या साइबर कैफे पर चंद रुपये खर्च कर संपत्ति का बैनामा कर सकेगा। यानि रजिस्ट्री दफ्तर के चक्कर लगाने से अब राहत मिल जाएगी। ऑनलाइन बैनामे को लेकर शासन में तैयारी तेज होने की एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह ने भी पुष्टि की है।
विज्ञापन
शासन में निबंधन महकमे की तरफ से एक विशेष सॉफ्टवेयर तैयार कराया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर में बैनामे की डीड के प्रोफार्मे के अलावा 12 साल तक संबंधित जमीन को लेकर कोर्ट में चलने वाले विवाद की भी जानकारी दर्ज रहेगी। इसी तरह सॉफ्टवेयर में सर्किल रेट भी लोड किया जाएगा, जिसकी मदद से स्टांप ड्यूटी का आकलन किया जा सकेगा। इस आकलन के बाद बैनामा कराने वाले बैंक में स्टांप ड्यूटी की रकम जमा करेगा। वहां से एक कोड मिलेगा जिसका जिक्र डीड में करना होगा। इसी कोड की मदद से महकमे के अफसर भी यह जांच सकेंगे कि संबंधित बैनामे के लिए मानक के मुताबिक स्टांप ड्यूटी जमा की गई है या नहीं। बैनामा कराने वाले को सिर्फ अंगूठा और फोटो खिंचवाने के लिए ही रजिस्ट्री दफ्तर जाना होगा।
विज्ञापन
रजिस्ट्री महकमे से मिली जानकारी के मुताबिक इस व्यवस्था को लागू करने के पहले सभी खतौनी को खातेधारक के आधार से जोड़ा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राजस्व प्रशासन को दी जाएगी।