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गरीब बच्चों को दाखिला दें प्राइवेट स्कूल, नहीं तो कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Fri, 19 Aug 2016 10:33 PM IST
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वर्कशाप को सम्बोधित करतीं भारत अभ्युदय फाउंडेशन की अध्यक्षा समीना बानो ।
- फोटो : Mahesh Kumar
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गरीबों बच्चों का प्रवेश लेने में आनाकानी कर रहे प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधकों को डीएम ने चेतावनी दी है और कहा है कि अगर अब भी उन्होंने 25 प्रतिशत बच्चों का दाखिला नहीं लिया तो उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है। ऐसे ही मामलों में दूसरे जनपदों के कई विद्यालयोें के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हो चुकी है। जानकारी के अनुसार इस वर्ष जनपद के तीन विद्यालय बच्चों का नामांकन करने से मना कर दिया है।
शुक्रवार को वह जीडीए सभागार में आरटीई के तहत गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों का प्रवेश दिलाने के लिए भारत अभ्युदय फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। डीएम ओएन सिंह ने कहा कि प्राइमरी स्कूल से गरीब छात्रों को कान्वेंट स्कूल में भेजना सामाजिक व्यवस्था का प्रयास है। स्कूल के प्रबंधक शिक्षा को व्यापार के रूप में ग्रहण न करें, यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है।
भारत अभ्युदय फाउंडेशन की चेयरमैन समीना बानो ने एक्ट के बारे मे बताते हुए कहा कि स्कूलों को छात्रों का एक बार नामांकन करना होगा, जो कक्षा 8 तक मान्य होगा। बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। प्रवेश के बाद यह आवश्यक होगा कि बच्चों की समस्याओं को कैसे दूर किया जाए तथा अभिभावकों से सामंजस्य बनाया जाए। सहायक निदेशक बेसिक सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सर्व शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, कैंसर पीड़ित परिवार के बच्चे, बीपीएल कार्ड धारक तथा एक लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों का प्रवेश दिलाया जाता है। इस मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी सहित प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
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शुक्रवार को वह जीडीए सभागार में आरटीई के तहत गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों का प्रवेश दिलाने के लिए भारत अभ्युदय फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। डीएम ओएन सिंह ने कहा कि प्राइमरी स्कूल से गरीब छात्रों को कान्वेंट स्कूल में भेजना सामाजिक व्यवस्था का प्रयास है। स्कूल के प्रबंधक शिक्षा को व्यापार के रूप में ग्रहण न करें, यह एक सामाजिक जिम्मेदारी है।
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भारत अभ्युदय फाउंडेशन की चेयरमैन समीना बानो ने एक्ट के बारे मे बताते हुए कहा कि स्कूलों को छात्रों का एक बार नामांकन करना होगा, जो कक्षा 8 तक मान्य होगा। बार-बार नवीनीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। प्रवेश के बाद यह आवश्यक होगा कि बच्चों की समस्याओं को कैसे दूर किया जाए तथा अभिभावकों से सामंजस्य बनाया जाए। सहायक निदेशक बेसिक सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि सर्व शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, कैंसर पीड़ित परिवार के बच्चे, बीपीएल कार्ड धारक तथा एक लाख तक वार्षिक आय वाले परिवार के बच्चों का प्रवेश दिलाया जाता है। इस मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर शिक्षा अधिकारी सहित प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित थे।
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