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556 करोड़ की जिला योजना पर लगी मुहर

Sat, 30 Apr 2016 09:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 30 Apr 2016 09:56 PM IST
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district planning of 556 crore is pass
जीडीए सभा कक्ष में जिला योजना समिति की बैठक लेते जिला प्रभारी मंत्री राममूर्ति वर्मा - फोटो : mahesh kumar
जिला योजना की शनिवार को हुई बैठक में सियासी हलचलों के बीच 556 करोड़ की योजना पर मुहर लग गई। इस बीच डीएसटीओ ने पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों को समिति के समक्ष रखा। उस पर की गई कार्रवाई से सदस्य संतुष्ट नहीं हुए तो मंत्री ने उसकी जांच करार कर जिम्मेदारी तय करने को कहा। प्रभारी मंत्री राममूर्ति वर्मा ने बैठक में ही सियासी राग छेड़ते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार गोरखपुर के विकास के लिए कार्य कर रही है। केंद्र सरकार चाहे तो यहां पर एम्स बन जाएगा। सड़क और बिजली की व्यवस्था प्रदेश सरकार कर देगी।
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जिला योजना की बैठक शुरू होते ही डीएसटीओ ने पिछली बैठक कार्यवाही को पढ़ कर सुनाना शुरू किया। इस पर जिला पंचायत सदस्य रजनीश यादव ने व्यवस्था का प्रश्न खड़ा किया। कहा कि मंत्री जी इस सदन में अध्यक्ष गीतांजलि यादव  से लेकर जिला पंचायत के सदस्य नव निर्वाचित हैं। बैठक शुरू होने से पहले अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों का सम्मान और परिचय होना चाहिए। इस पर प्रभारी मंत्री राममूर्ति वर्मा ने अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों को बधाई देते एक दूसरे से परिचय प्राप्त किया।
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पिछली बैठक के दौरान सीधे गौर पशु चिकित्सालय का मुद्दा उठा था। यहां डाक्टर न होने की बात कही गई थी। इस पर राजेश त्रिपाठी ने आपत्ति करते हुए कहा कि जिस पशु चिकित्सालय की बात की जा रही है वह वजूद में है ही नहीं। उस स्थान पर पशु बांधे जाते हैं। उपला पाथा जाता है। जबकि प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी कहते हैँ वहां पर पहले डाक्टर थे। जो सरासर गलत है। इसी तरह से बांसगांव में डेरी फार्म का मुद्दा संजय सिंह ने उठाया।
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संबंधित अधिकारी ने कहा कि वहां पर डेरी फार्म चलता था। कहा कि इस मुद्दे को पिछली बैठक में उठाया था। यदि चल रहा था तो उन्हें बताया क्यों नहीं गया। अधिकारी सदन को गुमराह कर रहे हैं। वहां डेरी फार्म कभी खुला ही नहीं। एसपी सिंह ने सदस्यों को चार किलो मीटर सड़क और 50 इंडिया मार्क हैंडपंप देने की मांग की। इस पर मंत्री ने कहा कि यहां से नौ विधायक हैं। प्रत्येक विधायक को 100 नया तथा इतना ही रिबोर हैंडपंप शासन से दिया गया है।

सांसद प्रतिनिधि शीतल पांडेय ने हैंडपंप के मुद्दे पर कहा कि विधायकों के लिए यह व्यवस्था है तो सांसदों को भी होना चाहिए। इसके साथ ही मंत्री सियासी तेवर में आ गए। कहा कि अब तक 10 बार मुख्यमंत्री यहां पर आ चुके हैं। जब आए तो कुछ न कुछ दिये। केंद्र सरकार सरकार चाहे तो किसी भी चीज की कमी नहीं होगी।


इस पर पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में धन की वर्षा की है। सत्यवंत सिंह ने बेलघाट के राजकीय विद्यालय और चिकित्सालय का मुद्दा उठाया। कहा कि विद्यालय शौचालय बन गया है। जबकि चिकित्सालय में कोई आता ही नहीं है। दिलीप यादव पंकज शाही, बिंद्रासन चौधरी ने बहस में भाग लिया।
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