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तेरस पर धन बरसा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 28 Oct 2016 07:58 PM IST
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धनतेरस के अवसर पर गोलघर में ज्वेलरी की खरीददारी महिलाएं।
- फोटो : rajesh
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खरीदारी के लिए जाना जाने वाला धनतेरस बाजार में बहार लेकर आया। इसे लेकर कई दिनों से तैयारियों में जुटे व्यापारियों को शुक्रवार की सुबह से ही बाजार में उमड़ी भीड़ सुकून दे गई। दुकानों पर पूरे दिन खरीदारी का सिलसिला चलता रहा। रोजमर्रा की जरूरत के सामान हों या फिर गहने-गाड़ी, सबकी जमकर खरीदारी हुई।
दीपोत्सव के पहले दिन धनतेरस पर बाजार में बहार दिखी। खरीदारी के लिए बाजार में शुक्रवार को भीड़ उमड़ी तो दुकानदारों के चेहरे खिल गए। शहर के विभिन्न हिस्सों में धनतेरस के उपलक्ष्य में सजाई गई दुकानों पर लोगों ने अपने बजट के अनुरूप लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदीं। मिट्टी की सामान्य मूर्तियों से लेकर टेराकोटा की मूर्तियां लोगों को लुभा रही थीं। मूर्तियों के साथ ही बाजार में इनकी साज-सज्जा के लिए ढेर सारी चीजें मौजूद थीं। तरह-तरह की मोतियों की माला हों या बनावटी फूलों का हार, बाजार में खूब बिका। लाई-गट्टे की दुकानों पर भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी।
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दीपोत्सव के पहले दिन धनतेरस पर बाजार में बहार दिखी। खरीदारी के लिए बाजार में शुक्रवार को भीड़ उमड़ी तो दुकानदारों के चेहरे खिल गए। शहर के विभिन्न हिस्सों में धनतेरस के उपलक्ष्य में सजाई गई दुकानों पर लोगों ने अपने बजट के अनुरूप लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां खरीदीं। मिट्टी की सामान्य मूर्तियों से लेकर टेराकोटा की मूर्तियां लोगों को लुभा रही थीं। मूर्तियों के साथ ही बाजार में इनकी साज-सज्जा के लिए ढेर सारी चीजें मौजूद थीं। तरह-तरह की मोतियों की माला हों या बनावटी फूलों का हार, बाजार में खूब बिका। लाई-गट्टे की दुकानों पर भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी।
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बर्तनों की ‘चांदी’
धनतेरस पर बर्तन की खरीदारी की परंपरा है। त्योहार पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस परंपरा के निर्वहन के लिए शहरी बर्तनों की दुकानों पर उमड़ पड़े। बर्तन बाजार में चांदी के बर्तनों की भी डिमांड दिखी। लोगों ने चांदी के चम्मच, प्लेट से लेकर थाली तक की खरीदारी की। चांदी की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। इसलिए जिन लोगों ने चांदी के बर्तन नहीं खरीदे, उन्होंने सिक्के खरीदकर परंपरा निभाई।
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