{"_id":"583709644f1c1b2c2513cb0e","slug":"currency-crisis-still-exist","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम और बैंकों में छोटी हुई कतार ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम और बैंकों में छोटी हुई कतार
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
रकम निकासी के लिए बैंक पहुंचे लोग।
- फोटो : Rajesh Kumar
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिजर्व बैंक से करेंसी नहीं मिलने के बावजूद शहर के बैंकों और एटीएम की स्थिति में अब सुधार आ रहा है। तमाम बैंकों और एटीएम पर कतार अब छोटी होने लगी है। नोट बदलने वालों की संख्या तो तकरीबन खत्म हो गई है, अब खातों में रकम जमा करने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को एचडीएफसी, स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक आदि की स्थिति सामान्य रही। बैंक अधिकारियों का मानना है कि अब बाजार में करेंसी का फ्लो होने से बैंकों पर दबाव कम हुआ है। हालांकि आरबीआई से अब भी बैंकों को आवश्यकता से काफी कम रकम मिल रही है।
नोटबंदी के बाद ग्राहक बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं तो बैंक के अधिकारी रिजर्व बैंक का। दोनों की स्थिति खराब है। हर दिन जमा होने वाले छोटे नोट भी इतने नहीं हैं कि उससे भुगतान की व्यवस्था की जा सके। बैंक पूरी तरह से आरबीआई पर ही निर्भर हैं। इन बैंकों को सोमवार के बाद से ही आरबीआई से रकम नहीं मिली है। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को बैंकों और एटीएम पर स्थिति सामान्य नजर आई। कुछ बैंकों द्वारा तो व्यापारियों से भी सहयोग लिया गया। व्यापारियों द्वारा बैंकों में छोटे नोट जमा कराए गए, जिसके बाद कुछ ग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकी। इसकी वजह यह है कि अब बाजार में करेंसी का फ्लो होने लगा है। लोग मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद अन्य तरह की खरीदारी भी करने लगे हैं। दुकानदार भी दो हजार रुपये का नोट लेने में अब आनाकानी नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नोटबंदी के बाद ग्राहक बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं तो बैंक के अधिकारी रिजर्व बैंक का। दोनों की स्थिति खराब है। हर दिन जमा होने वाले छोटे नोट भी इतने नहीं हैं कि उससे भुगतान की व्यवस्था की जा सके। बैंक पूरी तरह से आरबीआई पर ही निर्भर हैं। इन बैंकों को सोमवार के बाद से ही आरबीआई से रकम नहीं मिली है। इसके बाद भी बृहस्पतिवार को बैंकों और एटीएम पर स्थिति सामान्य नजर आई। कुछ बैंकों द्वारा तो व्यापारियों से भी सहयोग लिया गया। व्यापारियों द्वारा बैंकों में छोटे नोट जमा कराए गए, जिसके बाद कुछ ग्राहकों को भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकी। इसकी वजह यह है कि अब बाजार में करेंसी का फ्लो होने लगा है। लोग मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद अन्य तरह की खरीदारी भी करने लगे हैं। दुकानदार भी दो हजार रुपये का नोट लेने में अब आनाकानी नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
कुछ ही एटीएम पर लग रही है कतार
कैश क्राइसिस से जूझ रहे बैंकों के एटीएम भी ड्राई चल रहे हैं। अगर देखा जाए तो एसबीआई, एचडीएफसी के एटीएम की स्थिति कुछ बेहतर नजर आ रही है। यहां 2000 रुपये के अलावा 100-100 के नोट भी निकल रहे हैं। इलाहाबाद बैंक, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक आफ इंडिया तथा यूनियन बैंक के अधिकांश एटीएम खाली हैं। शहरी क्षेत्र के अधिकांश एटीएम को नए नोटों के लिए अपडेट भी किया जा चुका है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि अगर आरबीआई से धन उपलब्ध हो जाए तो एटीएम में तत्काल कैश फि लिंग करा दी जाएगी। ऐसे में अब एटीएम तथा काउंटर से धन निकासी को सामान्य बनाने की जिम्मेदारी आरबीआई के कंधे पर ही है।
विज्ञापन