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110 किमी की रफ्तार से दौड़ी सीआरएस की स्पेशल
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Wed, 24 Aug 2016 01:28 AM IST
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रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करते सीआरएस पीके वाजपेई व अन्य ।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर से बस्ती के बीच रेलवे ट्रैक पर हुए विद्युतीकरण कार्य का मंगलवार को सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) पीके वाजपेयी ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 110 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर ट्रायल लिया। पूरे काम पर संतुष्टि जताते हुए उन्होंने कुछ छोटी-छोटी खामियों को दुरुस्त करने का निर्देश भी दिया।
डोमिनगढ़ स्टेशन से निरीक्षण की शुरूआत कर सीआरएस ने बस्ती तक रेलवे ट्रैक को बारीकी से देखा। करीब 20 से 25 किलोमीटर की रफ्तार से चली स्पेशल ट्रेन को सीआरएस ने रास्ते में पड़ने वाले कई ओवरब्रिज, रेलवे क्रॉसिंग और मोड़ पर रुकवा दिया। 130 एक्सपर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ आए सीआरएस ने जगतबेला, सहजनवां, मगहर, मुंडेरवा और खलीलाबाद सहित बीच में पड़ने वाले अन्य छोटे स्टेशनों के प्वाइंट और सेक्शनों की बारीकी से जांच की। बस्ती तक ट्रायल के बाद उन्होंने वापस गोरखपुर तक ट्रेन को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया। बस्ती से गोंडा तक वह पहले ही निरीक्षण कर चुके थे। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर सफल ट्रायल भी हो चुका है।
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डोमिनगढ़ स्टेशन से निरीक्षण की शुरूआत कर सीआरएस ने बस्ती तक रेलवे ट्रैक को बारीकी से देखा। करीब 20 से 25 किलोमीटर की रफ्तार से चली स्पेशल ट्रेन को सीआरएस ने रास्ते में पड़ने वाले कई ओवरब्रिज, रेलवे क्रॉसिंग और मोड़ पर रुकवा दिया। 130 एक्सपर्ट कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ आए सीआरएस ने जगतबेला, सहजनवां, मगहर, मुंडेरवा और खलीलाबाद सहित बीच में पड़ने वाले अन्य छोटे स्टेशनों के प्वाइंट और सेक्शनों की बारीकी से जांच की। बस्ती तक ट्रायल के बाद उन्होंने वापस गोरखपुर तक ट्रेन को 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाकर तकनीकी पहलुओं का निरीक्षण किया। बस्ती से गोंडा तक वह पहले ही निरीक्षण कर चुके थे। इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाकर सफल ट्रायल भी हो चुका है।
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अगले माह चल सकती है इलेक्ट्रिक ट्रेन
अगले महीने से इलेक्ट्रिक ट्रेन चल सकती है। सीआरएस निरीक्षण के बाद अब रेल प्रशासन इसकी तैयारी में है। सितंबर के पहले सप्ताह में रेल मंत्री सुरेश प्रभु गोरखपुर से इलेक्ट्रिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के साथ ही रेलवे स्टेशन के सेकेंड इंट्री गेट का उद्घाटन और इलेक्ट्रिक लोको शेड का शिलान्यास कर सकते हैं।
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