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60 दिन में होगा एसएसी, एसटी के मामले का निपटारा

Sat, 19 Mar 2016 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 19 Mar 2016 10:24 PM IST
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sc/st matter will be solved in 60 days, says IG
पुलिस लाइंस में जोन स्तरी कार्यशाला को संबोधित करते आईजी साथ में एसएसपी। - फोटो : shivharsh
अनुसूचित जाति, जन जाति के उत्पीड़न के मामले का निपटारा 60 दिन के भीतर होगा। गवाह की इच्छा पर उसका नाम, पता पुलिस गोपनीय रखेगी। पीड़ित को सुरक्षा देने के साथ ही आर्थिक मुआवजा समय दिलाना अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। शनिवार को पुलिस लाइंस में हुई एक दिवसीय कार्यशाला में दलित उत्पीड़न के कानून में हुए बदलाव की जानकारी जोन के सभी पुलिस अधिकारियों को दी गई।
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अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उत्पीड़न की रोकथाम, कार्रवाई, आर्थिक सहायता और पुनर्वास की जानकारी के लिए शनिवार को पुलिस लाइंस में कार्यशाला का आयोजन हुआ। सुबह आईजी एचआर शर्मा ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए जोन के सभी जिलों से आए राजपत्रित अधिकारियों को कानून में हुए बदलाव की जानकारी दी।
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जिला अभियोजन अधिकारी विष्णु देव मिश्र ने एससी/एसटी के बदले कानून पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि दलित उत्पीड़न के मुकदमे में चार्जशीट दाखिल करने की अवधि 30 से 60 दिन कर दी गई है। एससी/एसटी से जुड़े मामले के गवाह अगर चाहे तो उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपराध से जुड़ी पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। धमकी के मामले में पीड़ितों के साथ ही उनके आश्रितों तथा गवाहों को भी सुरक्षा मिलेगी।
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मामले के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के अलावा अन्य न्यायालय भी खोले जाएंगे। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और मुख्यमंत्री को इस पर निर्णय लेना है। कार्यशाला का समापन डीआईजी शिवसागर सिंह ने किया।
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