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ब्लैक बोर्ड के जरिए विद्यार्थियों को कराई गई नकल

Sun, 19 Mar 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sun, 19 Mar 2017 01:58 AM IST
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copy in exam of primary school
प्राथमिक विद्यालय अलहदादपुर में परीक्षा देते विद्यार्थी। - फोटो : Amar Ujala
परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षाएं शनिवार से शुरू हुईं। कई विद्यालयों में तो ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न और उसके उत्तर लिखे गए जिसे छात्रों ने कापियों में देखकर लिखा। प्राथमिक विद्यालय प्रतापपुर में कक्षा 3 और 4 के बच्चों की परीक्षा ब्लैक बोर्ड के सहारे नकल कराकर कराई जा रही थी। वहां पहुंचे संवाददाता को अध्यापिका ने लौट जाने को कहा। प्राथमिक विद्यालय जसवल में कक्षा 2 का प्रश्न पत्र पहुंचा ही नहीं। इसकी जगह दूसरे विषय की परीक्षा कराई गई। यहां पंजीकृत 119 में 70 छात्र परीक्षा में शामिल हुए।
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नगरा में 23 की जगह 10 छात्र शामिल हुए। प्राथमिक विद्यालय कोल्हुआ में पंजीकृत 142 की जगह सिर्फ 80 छात्रों ने परीक्षा दी। जानकारी के अनुसार कक्षा 6, 7 एवं 8 में गत दो सत्र से हिंदी, गणित और सामाजिक विषय के दो प्रश्न पत्र की जगह एक प्रश्न पत्र कर दिया गया है। प्रश्न पत्र बनाने का काम बीआरसी के बजाय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के जिम्मे छोड़ा गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जो प्रश्न पत्र भेजे गए हैं वे परीक्षा कार्य में जुटे शिक्षकों के सामने परेशानी का कारण बन गए हैं।
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बड़हलगंज प्रतिनिधि के अनुसार वार्षिक परीक्षा अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। पहले दिन कक्षा एक से लेकर आठ तक के कुल 14612 छात्रों का पंजीकरण है, जिसमें 10200 बच्चे शामिल हुए। बच्चों को टाट पट्टी पर बैठ कर परीक्षा देनी पड़ी। ब्लॉक में 112 प्राथमिक व 33 पूर्व माध्यमिक विद्यालय है। शनिवार को अव्यवस्थाओं के बीच बच्चों की परीक्षा शुरू हुई। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों के अलावा अधिकांश पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बच्चों को टाट पट्टी पर बैठ कर देनी पड़ी।
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बताया जाता है कि शासन द्वारा परीक्षा से पूर्व पेपर खोलते समय विद्यालय प्रबंध शिक्षा समिति के सदस्यों का मौजूद होना अनिवार्य किया गया था, मगर प्रधानाध्यापकों के बार-बार अनुरोध के बाद भी विद्यालयों पर शिक्षा समिति के सदस्य नहीं दिखाई पड़े। वहीं अध्यापकों का कहना था कि परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में रुचि देखने को नहीं मिली। कारण कि इस बार सत्र पहले समाप्त होने के नाते बच्चे परीक्षा के लिए पूर्ण रूप से तैयार नहीं थे। जबकि इससे पूर्व के सत्रों में मई में परीक्षाएं संपन्न होती थीं।
पिपरौली प्रतिनिधि के अनुसार परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा में अव्यवस्था देखने को मिली। दर्जनों विद्यालयों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था ठीक नहीं थी। 


प्रश्नपत्र कम मिलने से बढ़ी दिक्कत
बांसगांव। ब्लॉक में स्थित 123 प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत 11502 तथा 38 जूनियर हाईस्कूल में पंजीकृत 2259 छात्रों में से 13761 ने परीक्षा में भाग लिया। कुछ प्रधानाध्यापकों ने बताया कि विभाग ने परीक्षा कराने का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन विद्यालयों वार्षिक परीक्षा कराने के लिए कापियों की खरीद हेतु धनराशि उपलब्ध नहीं कराई गई। दूसरी तरफ  विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रश्न पत्र के पैकेटों में अंकित संख्या से कम प्रश्नपत्र मिलने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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