गोरखनाथ मंदिर में लगे जनता दरबार में पुलिस की शिकायतें ज्यादा, 1000 से ज्यादा फरियादी पहुंचे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि पुलिस के पास जाने वाले हर व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री के रुख से जोन, रेंज और जिले के पुलिस अफसर सन्न दिखे। मुख्यमंत्री एक घंटे से ज्यादा समय तक जनता दरबार में सुनवाई करते रहे। कई मामले ऐसे आए, जिसमें पीड़ित परिवार दोबारा जनता दरबार में आए थे। सबसे ज्यादा मामले देवरिया के आए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया। लंबे समय बाद फरियादियों की भीड़ उमड़ी। 1000 से ज्यादा फरियादी पहुंचे और सबने अपनी-अपनी पीड़ा सुनाई। जनता दरबार से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो 90 फीसदी मामले पुलिस से संबंधित थे।
थाने पर कार्रवाई न होने, पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार करने और पुलिस पर दबाव में काम करने के गंभीर आरोप लगाए गए। इसपर मुख्यमंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और वहां मौजूद जोन, रेंज और जिले के आला पुलिस अफसरों से कहा कि जब थानेदार जनता की बात नहीं सुन रहा तो उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? ऐसा क्यों है? संतकबीरनगर से आया एक फरियादी अपनी पीड़ा सुनाते हुए फफक कर रोने लगा।
मुख्यमंत्री ने उसे ढांढस बंधाया और शिकायती पत्र लेकर एडीजी को थमाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में आज ही कार्रवाई करिए। कई और मामले ऐसे आए, जो गोरखपुर मंडल के पुलिस कर्मियों से संबंधित थे। ऐसे मामलों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी एडीजी/आईजी जोन को दी गई है। गोरखपुर से संबंधित मामलों में मुख्यमंत्री ने एसएसपी से सवाल किया और पूछा कि दोषी पुलिस वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस यदि सुनती तो पीड़ित उनके पास तक नहीं आते। ऐसा लग रहा निचले स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इस कारण पीड़ित मुख्यमंत्री के पास जनता दरबार में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर मंडल से संबंधित सभी शिकायती पत्र एडीजी/आईजी और जिले के मामले एसएसपी को देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
फरियादियों की लंबी लाइन
हिंदू सेवाश्रम के अंदर बैठने के लिए 300 कुर्सियां लगाई गई थीं। पहले आने वाले महिला-पुरुष कुर्सियों पर आकर बैठ गए थे। बाकी लोग बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े रहे। बारी बारी से लोग आते रहे और मुख्यमंत्री मिलकर अपनी समस्याएं बताते रहे।
मुख्यमंत्री के पास पुलिस से संबंधित की जो शिकायतें आई हैं, उसमें ज्यादातर मामले देवरिया के हैं। सभी मामलों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी। अफसर दोषी पाए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश शासन से की जाएगी।
जनता को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। कहीं कोई दिक्कत हो तो अफसरों के पास आकर शिकायत करें। निचले स्तर पर जनता को न्याय मिले, इसकी व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित कराई जाएगी।
जयनारायन सिंह, एडीजी रेंज