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सीएम योगी की दो टूक- कानून हाथ में न लें सांसद-विधायक, आपको धरना-प्रदर्शन का अधिकार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 14 May 2017 11:46 AM IST
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सर्किट हाउस में बैठक करते मुख्यमंत्री।
- फोटो : Amar Ujala
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सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों के साथ शनिवार को मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया और दो टूक कहा कि कोई भी सांसद, विधायक कानून अपने हाथ में न ले। यूपी में कानून का राज कायम करने में सभी को सहयोग करना है।
भाजपा के किसी सांसद, विधायक को राज्य या फिर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का अधिकार नहीं है। इससे सरकार की छवि खराब होती है। मुख्यमंत्री के इस नसीहत को गोरखपुर के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और महिला आईपीएस अफसर चारु निगम के बीच हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
नगर विधायक ने मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मचारियों, टीबी अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और शराब की दुकानें बंद कराने के लिए धरना भी दिया था। यह मामला नेशनल मीडिया में खूब छाया रहा। इसी सिलसिले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने नगर विधायक को लखनऊ भी तलब किया था।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार को गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के सांसद, विधायकों से सर्किट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांसद, विधायकों को क्षेत्र में रहने और जनता के सुख-दुख का हिस्सा बनने की नसीहत दी। कहा कि गेहूं क्रय केंद्रों पर निगाह रखें। राशन वितरण और राशन कार्ड का लाभ सही लोगों को मिले, यह सुनिश्चित कराएं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का जिक्र किया।
कहा कि सांसद, विधायक विवाद से दूर रहें। इसका सीधा असर केंद्र और राज्य सरकार की छवि पर पड़ता है। जनता में अविश्वास पैदा होता है। जनता सोचेगी कि जो सपा, बसपा ने किया, वही भाजपा के नेता कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को संयम बरतने के निर्देश दिए हैं। साफ कहा है कि सारी ऊर्जा सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में लगाएं। संगठन को और मजबूत करें।
इसी बीच शराब की दुकानों को लेकर होने वाले विवाद की चर्चा हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आबकारी नीति जल्द आएगी। इस नीति के तहत रिहायशी इलाकों, धार्मिक स्थल के आसपास शराब की दुकानें खोलने पर रोक होगी। सपा सरकार ने शराब की दुकानों का आवंटन वर्ष 2018 कर दिया, तब किसी ने धरना-प्रदर्शन नहीं किया था। नई आबकारी नीति जनता की सुविधा के हिसाब से बनाई जा रही है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मीटिंग में सीएम ने कहा कि एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन भी कर दिया गया है। सरकारी जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चार जिलों के अलग-अलग सांसदों से बात भी की। साथ ही विकास का एजेंडा पूछा और कहा कि गुणवत्ता परक विकास कार्य हो, इसकी मानीटरिंग जरूरी है। कहा कि इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय सांसद, विधायक की होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के तीन साल का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। जनप्रतिनिधि क्षेत्रों में जाएं और केंद्र सरकार की उपलब्धियां जनता को बताएं। बताएं कि मोदी सरकार देश को शिखर पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री की मीटिंग में नहीं आए नगर विधायक
महिला आईपीएस अफसर चारु निगम से विवाद के बाद नेशनल मीडिया में छाए भाजपा के नगर विधायक शनिवार को मुख्यमंत्री की मीटिंग से नदारद रहे। इसको लेकर चर्चा आम रही। भाजपा के सांसद, विधायक ही कहते सुने गए कि नगर विधायक शहर से बाहर हैं। वह आईपीएल का मैच देखने कानपुर गए हैं। इसे लेकर कुछ लोगों ने चुटकी भी ली। कहा कि मुख्यमंत्री की मीटिंग से जरूरी आईपीएल मैच, यह नगर विधायक ही कर सकते हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महिला आईपीएस अफसर से विवाद के बाद पूरे मामले का संज्ञान पीएमओ ने लिया था। पीएमओ ने ही विधायक को नसीहत देने का फरमान सुनाया। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने विधायक को लखनऊ बुलाया औरविधायक को विवाद से दूर रहने का निर्देश दिया।
26 को फिर आएंगे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 मई को फिर गोरखपुर आएंगे। जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
21 जून को धूमधाम से मनाएं योग दिवस
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाने को कहा। नसीहत दी कि इस उपलक्ष्य में कार्यक्रम कराए जाएं। साथ ही जनता को योग का महत्व बताएं।
सबका एजेंडा विकास
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान ज्यादातर सांसद और विधायकों ने विकास का एजेंडा रखा। बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की। सड़क निर्माण, मरम्मत और ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव भी दिए गए। कुशीनगर के सांसद राजेश पांडेय ने कप्तानगंज चीनी मिल दोबारा शुरू कराने की मांग की। सांसद रवींद्र कुशवाहा, सांसद पंकज चौधरी, सांसद कमलेश पासवान, विधायक और पूर्व मंत्री फ तेह बहादुर सिंह, शीतल पांडेय, विपिन सिंह, संत प्रसाद, जन्मेजय सिंह, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, जटाशंकर त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयमंगल कनौजिया, संगीता यादव, कमलेश शुक्ला, विमलेश पासवान, अमनमणि त्रिपाठी और महेंद्र पाल सिंह ने भी क्षेत्रों में विकास के प्रस्ताव दिए।
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भाजपा के किसी सांसद, विधायक को राज्य या फिर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का अधिकार नहीं है। इससे सरकार की छवि खराब होती है। मुख्यमंत्री के इस नसीहत को गोरखपुर के नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल और महिला आईपीएस अफसर चारु निगम के बीच हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
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नगर विधायक ने मेडिकल कॉलेज के संविदा कर्मचारियों, टीबी अस्पताल के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और शराब की दुकानें बंद कराने के लिए धरना भी दिया था। यह मामला नेशनल मीडिया में खूब छाया रहा। इसी सिलसिले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने नगर विधायक को लखनऊ भी तलब किया था।
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मुख्यमंत्री ने शनिवार को गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के सांसद, विधायकों से सर्किट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सांसद, विधायकों को क्षेत्र में रहने और जनता के सुख-दुख का हिस्सा बनने की नसीहत दी। कहा कि गेहूं क्रय केंद्रों पर निगाह रखें। राशन वितरण और राशन कार्ड का लाभ सही लोगों को मिले, यह सुनिश्चित कराएं। इसी बीच मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का जिक्र किया।
कहा कि सांसद, विधायक विवाद से दूर रहें। इसका सीधा असर केंद्र और राज्य सरकार की छवि पर पड़ता है। जनता में अविश्वास पैदा होता है। जनता सोचेगी कि जो सपा, बसपा ने किया, वही भाजपा के नेता कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं को संयम बरतने के निर्देश दिए हैं। साफ कहा है कि सारी ऊर्जा सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने में लगाएं। संगठन को और मजबूत करें।
इसी बीच शराब की दुकानों को लेकर होने वाले विवाद की चर्चा हुई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नई आबकारी नीति जल्द आएगी। इस नीति के तहत रिहायशी इलाकों, धार्मिक स्थल के आसपास शराब की दुकानें खोलने पर रोक होगी। सपा सरकार ने शराब की दुकानों का आवंटन वर्ष 2018 कर दिया, तब किसी ने धरना-प्रदर्शन नहीं किया था। नई आबकारी नीति जनता की सुविधा के हिसाब से बनाई जा रही है। करीब डेढ़ घंटे तक चली मीटिंग में सीएम ने कहा कि एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन भी कर दिया गया है। सरकारी जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने चार जिलों के अलग-अलग सांसदों से बात भी की। साथ ही विकास का एजेंडा पूछा और कहा कि गुणवत्ता परक विकास कार्य हो, इसकी मानीटरिंग जरूरी है। कहा कि इसकी जिम्मेदारी क्षेत्रीय सांसद, विधायक की होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के तीन साल का कार्यकाल 26 मई को पूरा हो रहा है। जनप्रतिनिधि क्षेत्रों में जाएं और केंद्र सरकार की उपलब्धियां जनता को बताएं। बताएं कि मोदी सरकार देश को शिखर पर ले जाएगी।
मुख्यमंत्री की मीटिंग में नहीं आए नगर विधायक
महिला आईपीएस अफसर चारु निगम से विवाद के बाद नेशनल मीडिया में छाए भाजपा के नगर विधायक शनिवार को मुख्यमंत्री की मीटिंग से नदारद रहे। इसको लेकर चर्चा आम रही। भाजपा के सांसद, विधायक ही कहते सुने गए कि नगर विधायक शहर से बाहर हैं। वह आईपीएल का मैच देखने कानपुर गए हैं। इसे लेकर कुछ लोगों ने चुटकी भी ली। कहा कि मुख्यमंत्री की मीटिंग से जरूरी आईपीएल मैच, यह नगर विधायक ही कर सकते हैं। कुछ जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महिला आईपीएस अफसर से विवाद के बाद पूरे मामले का संज्ञान पीएमओ ने लिया था। पीएमओ ने ही विधायक को नसीहत देने का फरमान सुनाया। इसी का नतीजा रहा कि मुख्यमंत्री ने विधायक को लखनऊ बुलाया औरविधायक को विवाद से दूर रहने का निर्देश दिया।
26 को फिर आएंगे सीएम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 26 मई को फिर गोरखपुर आएंगे। जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के तीन साल के कार्यकाल के पूरा होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
21 जून को धूमधाम से मनाएं योग दिवस
मुख्यमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस धूमधाम से मनाने को कहा। नसीहत दी कि इस उपलक्ष्य में कार्यक्रम कराए जाएं। साथ ही जनता को योग का महत्व बताएं।
सबका एजेंडा विकास
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान ज्यादातर सांसद और विधायकों ने विकास का एजेंडा रखा। बिजली और पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की। सड़क निर्माण, मरम्मत और ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव भी दिए गए। कुशीनगर के सांसद राजेश पांडेय ने कप्तानगंज चीनी मिल दोबारा शुरू कराने की मांग की। सांसद रवींद्र कुशवाहा, सांसद पंकज चौधरी, सांसद कमलेश पासवान, विधायक और पूर्व मंत्री फ तेह बहादुर सिंह, शीतल पांडेय, विपिन सिंह, संत प्रसाद, जन्मेजय सिंह, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, जटाशंकर त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जयमंगल कनौजिया, संगीता यादव, कमलेश शुक्ला, विमलेश पासवान, अमनमणि त्रिपाठी और महेंद्र पाल सिंह ने भी क्षेत्रों में विकास के प्रस्ताव दिए।