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इस बार ‘देशभक्ति’ के दीप से जगमग होगी दीवाली

Fri, 21 Oct 2016 12:48 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Fri, 21 Oct 2016 12:48 AM IST
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Chineese electric lights are failed on this diwali
कच्ची बगिया में मिट्टी के दीए बनाता संजय। - फोटो : Rajesh Kumar
दिवाली का जिक्र आते ही दीयों की याद आ जाती है। इधर कुछ सालों में तेजी से प्रचलन में आई चाइनीज झालरों ने इन्हें घरों में रस्म अदायगी तक सिमटा दिया था। हाल की आतंकी घटनाओं के बाद आतंक के समर्थक ड्रैगन को भारतीय बाजार ने झटका दिया है। बाजार में चाइना की जगमग पर इस बार देशभक्ति के दीप भारी पड़ रहे हैं। सेना पर आतंकी हमले के बाद चीन का पाक के आतंकियों के प्रति मोह प्रदर्शन से देश में चीनी झालरों की बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। बदले माहौल से कुम्हार उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार की दिवाली में चाक की माटी उनके पसीने का पूरा मोल चुकाएगी।
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सुनील प्रजापति कच्ची बगिया स्थित घर में तेजी से नाचते चाक से कच्चे दीपक उतार रहे हैं। देश में आतंक के खिलाफ माहौल से सुनील भी वाकिफ हैं। पूछते ही कहते हैं कि चाइनीज झालरों के बहिष्कार की बातें हो रही हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार माटी के दीयों का बाजार ठीक रहेगा। इसी पेशे से जुड़े संजय प्रजापति, ओमप्रकाश, हरी लाल और रामजी प्रजापति को भी इस बार बाजार में दीयों की मांग बढ़ने का अनुमान है। इन सबका कहना है कि दीयों की बिक्री धनतेरस के एक दिन पहले से तेज होती है। ऐसे में चाइनीज झालरों का बहिष्कार मिट्टी के दीयों के लिए कितना लाभदायक होगा, इसका अंदाजा धनतेरस तक लग सकेगा।
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रेती चौक पर इलेक्ट्रॉनिक साजोसामान बेचने वाले मो. जहीर की दुकान शाम के वक्त सूनी है। आसपास की दुकानों के भी बाहर रंगबिरंगी चाइनीज झालरें टंगी हैं, लेकिन खरीदार नहीं हैं। मो. जहीर बताते हैं कि इस बार बाजार में चाइनीज झालरों का नया स्टाक नहीं आया है। जो माल है, वो पुराना है। बकौल मो. जहीर, चाइनीज झालरों के मार्केट में 80 फीसदी गिरावट है। हालांकि, उन्हें इसका अफसोस नहीं है। चाइनीज झालरों के बहिष्कार के पक्ष में बोल उठते हैं... ‘दुश्मन देश का माल बेचकर अच्छा नहीं लग रहा’। यहीं के दूसरे दुकानदार पंकज कुमार ने तीन माह पहले चाइनीज झालरें मंगाई थीं। उन्होंने सोचा था कि इन्हें बेचकर नया माल मंगाएंगे, लेकिन आतंकवादियों के समर्थन में चीन के बयान ने लोगों का नजरिया बदल डाला। इसके चलते चाइनीज झालरों की मांग में उन्होंने 40 फीसदी कमी बताई। 
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चाइना से दिल्ली नहीं आई झालर

व्यापारी पंकज कुमार ने बताया कि चीन के हाफिज सईद के पक्ष में की गई बयानबाजी के बाद से दिल्ली में चाइनीज झालरों की सप्लाई नहीं आई है। उनका कहना था कि आतंक समर्थक ड्रैगन ने अगर ऐसी बयानबाजी तीन माह पहले की होती तो जो झालरें दुकान पर हैं वो भी यहां नहीं होतीं। बोले, इस बार कई ग्राहकों ने भारतीय झालर दिखाने की बात कहते हुए चाइनीज झालर देखने से इंकार कर दिया।
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