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कोर्ट का करते हैं सम्मान, शिकायत भी नहीं कर सकते: सीएम
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2015 07:32 PM IST
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साढ़े पांच सौ करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने गोरखपुर आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकायुक्त की तैनाती के मामले में कहा कि प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट का सम्मान करती है। इस मामले में किसी की शिकायत भी नहीं की जा सकती, मगर सब जानते हैं कि लोकायुक्त की तैनाती में बाधक कौन है। केंद्र की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस में पड़ने की बजाए सरकार का पूरा ध्यान सूबे के विकास पर है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित जनसभा में केंद्र पर आगे निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में घूम-घूमकर इनवेस्टमेंट कराने की सिफारिश करने से देश का विकास नहीं हो सकता। इसके लिए खुद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा, जो सिर्फ सपा कर रही है। शिक्षा, विज्ञान, कृषि, रोजगार या फिर किसी भी क्षेत्र में जितनी तेजी से यूपी आगे बढ़ रहा है, उतनी तेजी से देश का कोई दूसरा प्रदेश नहीं। प्रधानमंत्री, एक तरफ तो डिजिटल इंडिया का नारा देते हैं वहीं दूसरी तरफ मेधावियों को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा बांटे जा रहे लैपटॉप को झुनझुना बताते हैं। इससे हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है।
गोरखपुर में एम्स के मसले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने ढाई सौ एकड़ से अधिक जमीन मुहैया करा दी है। केंद्र बजट देने को तैयार हो तो हम प्रस्तावित जमीन (खुटहन) तक फोरलेन बनवा देंगे। बिजली, पानी की व्यवस्था भी हो जाएगी। इसी फरवरी में इन दोनों कामों के लिए हम बजट जारी करने को तैयार हैं। मगर सच यह है कि केंद्र की मंशा ही ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ और सिर्फ विकास की पक्षधर है। पिछली केंद्र सरकार को एम्स के लिए रायबरेली में जमीन नहीं मिल रही थी।
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सूबे में जैसे ही हमारी सरकार बनी, हमने जमीन मुहैया करा दी मगर जब शिलान्यास हुआ तो हमें ही नहीं बुलाया गया। कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहेगा। हम इसे पूर्वांचल के बलिया तक से जोड़ेंगे। फंड जारी होने और लोकार्पण के बाद भी मेडिकल कालेज में एमआरआई यूनिट शुरू न होने पर उन्होंने अपने मंत्रियों को नसीहत दी कि बिना डर पैदा किए अफसरों से काम नहीं कराया जा सकता। सीएम ने कहा कि गन्ना किसानों को केंद्र ने छला, जबकि गन्ने का सबसे ज्यादा भुगतान प्रदेश सरकार ने किया।
नेपाल के विद्यार्थियों के लिए अलग से हॉस्टल
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की बदहाली पर मुख्यमंत्री ने एक नया हास्टल बनाने के साथ ही यहां नेपाल से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अलग से एक-एक हॉस्टल बनवाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि कुलपति अगर विश्वविद्यालय या हास्टल की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कोई और मदद चाहते हैं तो सरकार उसे भी पूरा करने को तैयार है।
गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित जनसभा में केंद्र पर आगे निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दूसरे देशों में घूम-घूमकर इनवेस्टमेंट कराने की सिफारिश करने से देश का विकास नहीं हो सकता। इसके लिए खुद के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना होगा, जो सिर्फ सपा कर रही है। शिक्षा, विज्ञान, कृषि, रोजगार या फिर किसी भी क्षेत्र में जितनी तेजी से यूपी आगे बढ़ रहा है, उतनी तेजी से देश का कोई दूसरा प्रदेश नहीं। प्रधानमंत्री, एक तरफ तो डिजिटल इंडिया का नारा देते हैं वहीं दूसरी तरफ मेधावियों को और आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा बांटे जा रहे लैपटॉप को झुनझुना बताते हैं। इससे हास्यास्पद बात और क्या हो सकती है।
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गोरखपुर में एम्स के मसले पर उन्होंने कहा कि सरकार ने ढाई सौ एकड़ से अधिक जमीन मुहैया करा दी है। केंद्र बजट देने को तैयार हो तो हम प्रस्तावित जमीन (खुटहन) तक फोरलेन बनवा देंगे। बिजली, पानी की व्यवस्था भी हो जाएगी। इसी फरवरी में इन दोनों कामों के लिए हम बजट जारी करने को तैयार हैं। मगर सच यह है कि केंद्र की मंशा ही ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सिर्फ और सिर्फ विकास की पक्षधर है। पिछली केंद्र सरकार को एम्स के लिए रायबरेली में जमीन नहीं मिल रही थी।
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सूबे में जैसे ही हमारी सरकार बनी, हमने जमीन मुहैया करा दी मगर जब शिलान्यास हुआ तो हमें ही नहीं बुलाया गया। कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे सिर्फ लखनऊ तक ही सीमित नहीं रहेगा। हम इसे पूर्वांचल के बलिया तक से जोड़ेंगे। फंड जारी होने और लोकार्पण के बाद भी मेडिकल कालेज में एमआरआई यूनिट शुरू न होने पर उन्होंने अपने मंत्रियों को नसीहत दी कि बिना डर पैदा किए अफसरों से काम नहीं कराया जा सकता। सीएम ने कहा कि गन्ना किसानों को केंद्र ने छला, जबकि गन्ने का सबसे ज्यादा भुगतान प्रदेश सरकार ने किया।
नेपाल के विद्यार्थियों के लिए अलग से हॉस्टल
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की बदहाली पर मुख्यमंत्री ने एक नया हास्टल बनाने के साथ ही यहां नेपाल से पढ़ने आने वाले छात्र-छात्राओं के लिए अलग से एक-एक हॉस्टल बनवाने का वादा किया। उन्होंने कहा कि कुलपति अगर विश्वविद्यालय या हास्टल की व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कोई और मदद चाहते हैं तो सरकार उसे भी पूरा करने को तैयार है।