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भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 04 May 2017 01:57 AM IST
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कर्मचारियों के साथ धरना देते नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल।
- फोटो : Amar Ujala
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मेडिकल कॉलेज कैंपस में वेतन भुगतान की मांग लेकर आंदोलित संविदा कर्मचारियों के बीच बुधवार को पहुंचे गोरखपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार की कार्य प्रणाली पर प्रश्न खड़े किए। प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर भाजपा विधायक ने कहा कि अब बहानेबाजी नहीं चलेगी। केंद्र, राज्य में भाजपा की सरकार है। सरकार पैसा भेजेगी, तभी वेतन मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल अपने स्तर से वेतन नहीं दे सकते।
मेडिकल कॉलेज के 98 संविदा कर्मचारियों को पिछले 15 महीने से वेतन नहीं मिला है। इन सबकी नियुक्ति 2012 में हुई थी लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के विवाद में वेतन का मामला फंस गया। इससे नाराज कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे और 27 मिनट का लंबा-चौड़ा भाषण भी दिया। विधायक ने कहा कि गुरुवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अपनी सत्ता के खिलाफ खड़े नजर आएंगे।
विधायक ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के वेतन से संबंधित मामले में यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी से टेलीफोन पर बुधवार को बात हुई है। महानिदेशक ने समीक्षा मीटिंग भी बुला ली। साथ ही 24 घंटे के अंदर वेतन भुगतान का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारी जानते हैं कि केंद्र, प्रदेश में भाजपा की सरकार है। अब इस तरह के सवाल सामने भी आएंगे और लोग पूछेंगे कि आप क्या कर रहे हैं। ऐसा हुआ तो आपके बीच नहीं आ सकेंगे। सरकार जनता से बनती और बिगड़ती है। सरकार भले हमारी है लेकिन हम जन सामान्य के लिए काम करते हैं। मैं आपसे (प्रदर्शनकारियों) यह नहीं कहूंगा कि आप आश्वासन पर आंदोलन खत्म कर दें। आप मजबूती से आंदोलन करें। शासन, व्यवस्था का विरोध जागरूकता बढ़ाता है।
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बोले लखनऊ में सरकार रहेगी लेकिन मैं नहीं
प्रदर्शनकारियों के बीच विधायक ने कहा कि आप ही सरकार बनाते हैं और विधायक बनाकर भेजते हैं। आपका दर्द नहीं समझा तो लखनऊ में भाजपा की सरकार रहेगी लेकिन मैं विधायक नहीं रहूंगा।
सरकार के कामकाज की तारीफ भी की
विधायक ने सरकार के कामकाज की तारीफ भी की। अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार संवेदनशीलता से काम रह रही है। इसी का नतीजा है कि विधायक के टेलीफोन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने समीक्षा मीटिंग बुला ली। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को भी समीक्षा मीटिंग में लखनऊ बुलाया गया है। कर्मचारियों की समस्या के समाधान की उम्मीद है।
आंदोलन जारी रहेगा
विधायक ने वेतन भुगतान का भरोसा दिलाया, फिर भी संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन वापस नहीं लिया। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द ही ज्वाइनिंग दी जाए। साथ ही लंबित वेतन का भुगतान कराया जाना चाहिए। यह हक की लड़ाई है। इसे जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर विधायक का शुक्रिया अदा किया।
आलाकमान की सलाह का असर नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में पार्टी नेताओं से संतुलित बात, व्यवहार करने की अपील की थी। कहा था कि अब सत्ता में हैं। इसलिए विपक्ष जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद भाजपा नेताओं की बयानबाजी जारी है। नगर विधायक के मामले को भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज के 98 संविदा कर्मचारियों को पिछले 15 महीने से वेतन नहीं मिला है। इन सबकी नियुक्ति 2012 में हुई थी लेकिन केंद्र और राज्य सरकार के विवाद में वेतन का मामला फंस गया। इससे नाराज कर्मचारी धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बुधवार को नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल भी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे और 27 मिनट का लंबा-चौड़ा भाषण भी दिया। विधायक ने कहा कि गुरुवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह अपनी सत्ता के खिलाफ खड़े नजर आएंगे।
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विधायक ने कहा कि संविदा कर्मचारियों के वेतन से संबंधित मामले में यूपी के चिकित्सा स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. वीएन त्रिपाठी से टेलीफोन पर बुधवार को बात हुई है। महानिदेशक ने समीक्षा मीटिंग भी बुला ली। साथ ही 24 घंटे के अंदर वेतन भुगतान का आश्वासन दिया है। प्रदर्शनकारी जानते हैं कि केंद्र, प्रदेश में भाजपा की सरकार है। अब इस तरह के सवाल सामने भी आएंगे और लोग पूछेंगे कि आप क्या कर रहे हैं। ऐसा हुआ तो आपके बीच नहीं आ सकेंगे। सरकार जनता से बनती और बिगड़ती है। सरकार भले हमारी है लेकिन हम जन सामान्य के लिए काम करते हैं। मैं आपसे (प्रदर्शनकारियों) यह नहीं कहूंगा कि आप आश्वासन पर आंदोलन खत्म कर दें। आप मजबूती से आंदोलन करें। शासन, व्यवस्था का विरोध जागरूकता बढ़ाता है।
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बोले लखनऊ में सरकार रहेगी लेकिन मैं नहीं
प्रदर्शनकारियों के बीच विधायक ने कहा कि आप ही सरकार बनाते हैं और विधायक बनाकर भेजते हैं। आपका दर्द नहीं समझा तो लखनऊ में भाजपा की सरकार रहेगी लेकिन मैं विधायक नहीं रहूंगा।
सरकार के कामकाज की तारीफ भी की
विधायक ने सरकार के कामकाज की तारीफ भी की। अपने संबोधन में कहा कि भाजपा सरकार संवेदनशीलता से काम रह रही है। इसी का नतीजा है कि विधायक के टेलीफोन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने समीक्षा मीटिंग बुला ली। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को भी समीक्षा मीटिंग में लखनऊ बुलाया गया है। कर्मचारियों की समस्या के समाधान की उम्मीद है।
आंदोलन जारी रहेगा
विधायक ने वेतन भुगतान का भरोसा दिलाया, फिर भी संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन वापस नहीं लिया। कर्मचारियों का कहना है कि जल्द ही ज्वाइनिंग दी जाए। साथ ही लंबित वेतन का भुगतान कराया जाना चाहिए। यह हक की लड़ाई है। इसे जारी रखा जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन को समर्थन देने के लिए नगर विधायक का शुक्रिया अदा किया।
आलाकमान की सलाह का असर नहीं
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लखनऊ में पार्टी नेताओं से संतुलित बात, व्यवहार करने की अपील की थी। कहा था कि अब सत्ता में हैं। इसलिए विपक्ष जैसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। इसके बावजूद भाजपा नेताओं की बयानबाजी जारी है। नगर विधायक के मामले को भी इसी कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।