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बाले मियां के चौथियार पर उमड़ी जायरीनों की भीड़
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sun, 05 Jun 2016 08:54 PM IST
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बाले मियां के चौथियार पर दरगाह पर दुआ मांगते अकीदतमंद।
- फोटो : rajesh kumar
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हजरत सैयद सालार मसऊद गाजी ‘बाले मियां’ का चौथियार रविवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में जायरीन भी दरगाह पर मौजूद रहे। शाम को शुरू हुआ कव्वाली का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
बाले मियां के उर्स के मौके पर एक सप्ताह से दरगाह परिसर में मेला लगा हुआ है। मेले में जहां बच्चों के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूले लगे हैं तो दूसरी तरह लजीज व्यंजन का स्वाद महिलाओं को खूब पसंद आ रहा है। चौथियार के मौके पर सुबह से ही दरगाह पर जायरीन का तांता लगा हुआ था। वहां पहुंचने वालों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं थीं। किसी ने बच्चों का मुंडन कराया तो किसी ने दावत कर मन्नत को पूरा किया।
दरगाह के मुतवल्ली इस्लाम हाशमी ने बताया कि यह मेला आपसी सौहार्द का प्रतीक है। आसपास के कस्बों के अलावा दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में जायरीन यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि बाबा के दरगाह पर जो भी मन्नत सच्चे दिल से मांगी जाती है वह जरूर पूरी होती है।
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इंतेजामिया कमेटी भंग
बाले मियां इंतेजामिया कमेटी को सदस्यों की निष्क्रियता को देखते हुए कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। दरगाह के मुतवल्ली मोहम्मद इस्लाम हाशमी ने बताया कि इसी साल 25 मार्च को कमेटी का गठन किया गया था। जल्द ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा।
अमन की दुआ के साथ मनाया गया उर्स
हजरत बाबा सैयद शहाबुद्दीन शहीद का 25वां उर्स रविवार को दीवान बाजार स्थित आस्ताने पर अकीदत के साथ मनाया गया। अकीदतमंदों ने बाबा के मजार पर चादरपोशी कर मुल्की में अमन और तरक्की लिए दुआएं की। इससे पहले अकीदतमंद चादर व गागर लेकर जुलूस की शक्ल में थवई के पुल, बक्शीपुर, काली मंदिर, दीवान बाजार होते हुए मजार पर पहुंचे और चादरपोशी कर दुआएं मांगी।
देर शाम तकरीर का प्रोग्राम हुआ जिसमें वक्ताओं ने अच्छाई और सच्चाई की राह पर चलने का आह्वान किया। इसके बाद महफिल-ए-समा का आयोजन हुआ जो देर रात तक चलता रहा। इस मौके पर खादिम राजिक मोहम्मद शाहिद, सलीमउल्लाह, अब्दुल, हाशिम, इमरान अख्तर, शहजादे, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद गुलाम, महबूब आलम, शफी अंसारी, अभिमन्यु सोनकर, चेतन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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बाले मियां के उर्स के मौके पर एक सप्ताह से दरगाह परिसर में मेला लगा हुआ है। मेले में जहां बच्चों के मनोरंजन के लिए तरह-तरह के झूले लगे हैं तो दूसरी तरह लजीज व्यंजन का स्वाद महिलाओं को खूब पसंद आ रहा है। चौथियार के मौके पर सुबह से ही दरगाह पर जायरीन का तांता लगा हुआ था। वहां पहुंचने वालों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं थीं। किसी ने बच्चों का मुंडन कराया तो किसी ने दावत कर मन्नत को पूरा किया।
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दरगाह के मुतवल्ली इस्लाम हाशमी ने बताया कि यह मेला आपसी सौहार्द का प्रतीक है। आसपास के कस्बों के अलावा दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में जायरीन यहां आते हैं। ऐसा माना जाता है कि बाबा के दरगाह पर जो भी मन्नत सच्चे दिल से मांगी जाती है वह जरूर पूरी होती है।
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इंतेजामिया कमेटी भंग
बाले मियां इंतेजामिया कमेटी को सदस्यों की निष्क्रियता को देखते हुए कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। दरगाह के मुतवल्ली मोहम्मद इस्लाम हाशमी ने बताया कि इसी साल 25 मार्च को कमेटी का गठन किया गया था। जल्द ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा।
अमन की दुआ के साथ मनाया गया उर्स
हजरत बाबा सैयद शहाबुद्दीन शहीद का 25वां उर्स रविवार को दीवान बाजार स्थित आस्ताने पर अकीदत के साथ मनाया गया। अकीदतमंदों ने बाबा के मजार पर चादरपोशी कर मुल्की में अमन और तरक्की लिए दुआएं की। इससे पहले अकीदतमंद चादर व गागर लेकर जुलूस की शक्ल में थवई के पुल, बक्शीपुर, काली मंदिर, दीवान बाजार होते हुए मजार पर पहुंचे और चादरपोशी कर दुआएं मांगी।
देर शाम तकरीर का प्रोग्राम हुआ जिसमें वक्ताओं ने अच्छाई और सच्चाई की राह पर चलने का आह्वान किया। इसके बाद महफिल-ए-समा का आयोजन हुआ जो देर रात तक चलता रहा। इस मौके पर खादिम राजिक मोहम्मद शाहिद, सलीमउल्लाह, अब्दुल, हाशिम, इमरान अख्तर, शहजादे, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद गुलाम, महबूब आलम, शफी अंसारी, अभिमन्यु सोनकर, चेतन गुप्ता आदि मौजूद रहे।