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एटीएम पर ताला, भटकते हैं तीमारदार
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Sat, 23 Jul 2016 08:47 PM IST
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मेडिकल कालेज
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मेडिकल कॉलेज परिसर में लगी एटीएम के आए दिन बंद होने की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम से रुपये न निकलने पर लोगों को एक किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। शनिवार को भी एटीएम में ताला बंद होने की वजह से मरीजों को लेकर आए लोगों को सांसत झेलनी पड़ी।
मेडिकल कॉलेज परिसर में तीमारदारों की सहूलियत के लिए एटीएम लगाया गया है। ऐसा नहीं है कि इसका फायदा लोगाें को मिलता ही नहीं है। मरीजों को दवा लिखे जाने के बाद यदि तीमारदार के पास रुपये कम पड़ जाते हैं तो वे सीधे एटीएम की ओर भागते हैं और ऐसे में एटीएम बंद होने पर उनकी परेशानी बढ़ जाती है। शनिवार को तमाम ऐसे तीमारदार वहां भटकते रहे जो रुपये निकालने के लिए प्रयास रहे। आसपास में दूसरा कोई एटीएम नहीं है। कम से मेडिकल कॉलेज से एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही उन्हें दूसरा एटीएम मिल पाता है।
दो एटीएम जाना पड़ा
डॉक्टर द्वारा दवा लिखे जाने के बाद चार सौ रुपये कम पड़ रहे थे। मैंने सोचा एटीएम से निकाल लूं मगर ताला बंद था। बाद में कुछ दूरी पर लगे दूसरे एटीएम पर गया वहां पर भी काम नहीं बना तो तीसरे एटीएम से रुपया मिल सका।
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- शिवानंद, तीमारदार
रात में परेशान होना पड़ा
रात में एक मरीज को देखने आया था। उसी समय डॉक्टर ने कुछ दवाएं बाहर से लाने को कहा। दुकानें तो खुली थीं मगर एटीएम बंद था। जेब में उतने रुपये नहीं था। फिर वापस आकर दूसरी जगह से रुपये निकले।
- पटेश्वरी, तीमारदार
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मेडिकल कॉलेज परिसर में तीमारदारों की सहूलियत के लिए एटीएम लगाया गया है। ऐसा नहीं है कि इसका फायदा लोगाें को मिलता ही नहीं है। मरीजों को दवा लिखे जाने के बाद यदि तीमारदार के पास रुपये कम पड़ जाते हैं तो वे सीधे एटीएम की ओर भागते हैं और ऐसे में एटीएम बंद होने पर उनकी परेशानी बढ़ जाती है। शनिवार को तमाम ऐसे तीमारदार वहां भटकते रहे जो रुपये निकालने के लिए प्रयास रहे। आसपास में दूसरा कोई एटीएम नहीं है। कम से मेडिकल कॉलेज से एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद ही उन्हें दूसरा एटीएम मिल पाता है।
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दो एटीएम जाना पड़ा
डॉक्टर द्वारा दवा लिखे जाने के बाद चार सौ रुपये कम पड़ रहे थे। मैंने सोचा एटीएम से निकाल लूं मगर ताला बंद था। बाद में कुछ दूरी पर लगे दूसरे एटीएम पर गया वहां पर भी काम नहीं बना तो तीसरे एटीएम से रुपया मिल सका।
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- शिवानंद, तीमारदार
रात में परेशान होना पड़ा
रात में एक मरीज को देखने आया था। उसी समय डॉक्टर ने कुछ दवाएं बाहर से लाने को कहा। दुकानें तो खुली थीं मगर एटीएम बंद था। जेब में उतने रुपये नहीं था। फिर वापस आकर दूसरी जगह से रुपये निकले।
- पटेश्वरी, तीमारदार